देश की राजधानी दिल्ली से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. यहां कबाड़खाने से सामान चोरी करने के शक में दबंगों ने एक युवक का अपहरण कर लिया. आरोपी उसे सोनीपत ले गए और लाठी-डंडों से बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला.
सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि आरोपियों ने युवक के हाथ-पैर बांधे हुए हैं और उसे गालियां दे रहे हैं. आरोपियों ने युवक को मुर्गा बनाकर उसकी जमकर पिटाई की. इस दौरान उन्होंने उसकी पिटाई का वीडियो भी बना लिया.
आरोपियों ने पीड़ित के परिवार को फोन किया. उन्होंने युवक को छोड़ने के बदले 10,000 रुपये की फिरौती मांगी और पिटाई का वीडियो भेजकर डराया. परिजन किसी तरह पैसों का इंतजाम कर सोनीपत पहुंचे और 10 हजार रुपये देकर युवक को उनके चंगुल से छुड़ाया.
ट्रकों से केबल और सामान चुराने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, 29 अगस्त की शाम करीब 7 बजे कलंदर कॉलोनी निवासी 18 साल के राम कुमार अपने 4 साथियों के साथ भलस्वा डेयरी इलाके में खड़ा था. आरोप है कि ट्रक ड्राइवरों ने उन्हें ट्रकों से केबल और सामान चुराने की कोशिश करते हुए पकड़ लिया. इसके बाद ट्रक ड्राइवरों ने चोरी के शक में राम कुमार की जमकर पिटाई कर दी.
हादसे के बाद 30 अगस्त को मृतक के भाई ने पीसीआर कॉल कर बताया था कि उसका भाई और कई लड़के केबल चुरा रहे थे, जहां उसकी पिटाई की गई, हालांकि, उस समय परिजनों ने किसी भी कानूनी कार्रवाई से इनकार कर दिया था. घटना के अगले दिन 30 अगस्त को परिजन राम कुमार को बुराड़ी अस्पताल ले गए.
पिटाई के 10 दिन बाद युवक की मौत
शुरुआती जांच में उसके हाथ पर खरोंचें, आंख पर काला निशान और पैर में चोट के निशान मिले थे. कोई गंभीर अंदरूनी चोट या ब्लीडिंग न होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई थी. हालांकि, 9 सितंबर को सांस लेने में तकलीफ होने पर राम कुमार को दोबारा बुराड़ी अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे BJRM अस्पताल और बाद में राजन बाबू टीबी अस्पताल रेफर कर दिया.
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9 और 10 सितंबर की दरमियानी रात इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. मौत का सटीक कारण पता लगाने के लिए 12 सितंबर को शव का पोस्टमार्टम कराया गया. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने मामला दर्ज किया और मुख्य आरोपियों- मुंतियाज और नईम को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों पेशे से ट्रक ड्राइवर हैं और उन्होंने ही राम कुमार को पकड़ा था.
दिल्ली पुलिस ने बताया कि फरार चल रहे दो और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें बनाकर छापेमारी की जा रही है और मामले की आगे की जांच जारी है.