गाजियाबाद के खोड़ा में सूर्या हत्याकाड के बाद एक्शन में आई पुलिस ने एक ऑपरेशन शुरू किया था. इस ऑपरेशन को नाम दिया गया 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप'. खोड़ा से शुरू हुए इस ऑपरेशन का दायरा अब बढ़ गया है. खोड़ा को अपराध मुक्त बनाने के लिए शुरू किए गए इस ऑपरेशन का दायरा अधिकारियों ने अब पूरे गाजियाबाद तक बढ़ा दिया है. अब इस ऑपरेशन का दूसरा फेज अब जिले के क्राइम प्रोन इलाके लोनी से शुरू हो गया है.
इस ऑपरेशन का असर कुछ ही घंटों में नजर भी आने लगा और कभी अपराध में संलिप्तता के आरोपी रहे करीब 80 लोग खुद ही साहिबाबाद थाने पहुंच गए. इन लोगों ने भविष्य में कभी अपराध नहीं करने की शपथ ली. अब बात करते हैं ग्राउंड जीरो यानी खोडा की. यहां हत्या के एक हफ्ते बाद भी तेज सायरन की आवाज़ हर वक़्त सुनाई दे रही है. हालांकि, जरूरी नही कि ये आवाज किसी इमरजेंसी व्हीकल या अधिकारी-मंत्री की गाड़ी की हो.
ये किसी भी आम गाड़ी से भी आ सकती है. सूर्या के घर पूरे दिन बीजेपी और हिंदूवादी संगठनों से जुड़े लोगों का आना-जाना लगा रहा. गाड़ियों के काफ़िले के आने-जाने का सिलसिला सुबह से ही शुरू हो गया था. पुलिस खोड़ा के हर एंट्री गेट पर तो तैनात है ही, इसके अलावा खोड़ा के हर चौराहे पर पुलिस मौजूद है. कह सकते हैं कि चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है. मंगलवार दोपहर 12 बजे के बाद अचानक से सरगर्मी बढ़ गई.
खोड़ा में पुलिस की संख्या कहीं ज्यादा बढ़ा दी गई. डेढ़ बजे गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नर जे रविन्द्र गौड़ और डीएम रविन्द्र एम भी खोड़ा पहुंच गए. इनकी टीम में अल्पसंख्यक कल्याण बोर्ड के अधिकारी भी शामिल थे. जानकारी मिल चुकी थी कि इलाके के तीन मदरसों को सील किया जाना है. अपनी टीम के साथ कमिश्नर करीब एक आधा किलोमीटर पैदल चल कर मदरसा रहमानिया अरबिया क़ासिम-उल उलूम पहुंचे. मदरसे को प्रशासन ने सील कर दिया.
कमिश्नर की मौजूदगी में दो ताले लगाए गए, उस पर सफेद कपड़ा लगाया और फिर सील वाला मोहर लगा दिया गया. इसके बाद मुख्य दरवाजे पर एक नोटिस लागया गया. जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कैलाश चंद्र तिवारी की ओर से लगाए गए इस नोटिस पर वक्फ निरीक्षक की एक जून 2026 की रिपोर्ट को इस कार्रवाई का आधार बताया गया है.
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इस पर लिखा है- आदेश जारीकर्ता: जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, गाजियाबाद (कैलाश चन्द्र तिवारी). मदरसे का नाम व पता: मदरसा रहमानिया अरबिया उलूम, मोहल्ला बीरबल, चौकी क्षेत्र बीरबल ग्राम खोड़ा, गाजियाबाद. कार्रवाई का कारण: मदरसा गैर-मान्यता प्राप्त और अवैध रूप से संचालित था. यह कार्यालय में पंजीकृत नहीं था, न ही इसके संचालन की स्वीकृति थी. इसके अलावा परिसर में अग्निशमन विभाग (Fire Department) और विद्युत सुरक्षा विभाग की अनापत्ति (NOC) भी नहीं थी, जिससे दुर्घटना का खतरा था. निर्देश: परिसर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है और संचालक को अपना पक्ष रखने के लिए 1 सप्ताह का समय दिया गया है. इसकी प्रतिलिपि उप जिलाधिकारी सदर, गाजियाबाद और सहायक पुलिस आयुक्त, इंदिरापुरम को सुरक्षा व्यवस्था के लिए भेजी गई है.
इसके बाद पुलिस की टीम इलाके में पहले से ही जिनकी जानकारी थी, ऐसे हिस्ट्रीशीटर के घर भी गई. पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया और इलाके में चल रहे दो और मदरसों को भी सील कर दिया. ऑपरेशन क्लीन स्वीप के तीसरे दिन इंदिरापुरम थाने और खोड़ा थाने में उन लोगों को बुलाया गया, जिन पर पुराने केस दर्ज हैं और उनको शपथ दिलवाई गई कि वह कभी क्राइम नहीं करेंगे.
अब तक क्या हुआ
600 अपराधियों का सत्यापनः पुलिस खोड़ा कॉलोनी में घर-घर जाकर सत्यापन कर रही है. इसके तहत तीन दिन के अंदर कुल 600 अपराधियों और हिस्ट्रीशीटर्स का वेरिफिकेशन किया जा चुका है.
150 अपराधियों को दिलाई गई शपथ: गाजियाबाद के साहिबाबाद और अन्य नजदीकी थानों में भी इस अभियान के तहत करीब 150 पुराने अपराधियों और हिस्ट्रीशीटर्स को थाने बुलाकर उनका सत्यापन किया गया है और चेतावनी दी गई है.
किराएदारों और कमर्शियल जगहों की जांच: खोड़ा जैसे घने आबादी वाले इलाके में जितने भी संदिग्ध तत्व या बिना वेरिफिकेशन के रह रहे किराएदार हैं, उन सभी की पूरी लिस्ट खंगालकर घर-घर चेकिंग की जा रही है.
मुख्य आरोपी के पिता गिरफ्तारः मुख्य आरोपी असद के एनकाउंटर के बाद पुलिस ने इस मामले में साजिश रचने और मदद करने के आरोप में नवाब (असद के पिता), फरहान और आतिफ को गिरफ्तार कर लिया है. एक अन्य आरोपी सारिक मेवाती अभी फरार है.