हिंदूवादी नेत्री साध्वी प्राची ने यूपी के बरेली में मीडिया से बातचीत करते हुए गाजियाबाद के सूर्या चौहान हत्याकांड के विरोध में बेहद तल्ख बयान जारी किया. उन्होंने बकरीद के दिन हुई इस निर्मम हत्या के लिए मदरसों में बैठे मौलानाओं और मौलवियों को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि खोड़ा में अवैध मदरसे और मस्जिदें बनवाकर उसे मिनी पाकिस्तान बनाने की साजिश चल रही है. साध्वी प्राची ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए बचे हुए सभी छह-सात आरोपियों का तुरंत फुल एनकाउंटर करने की मांग की ताकि भविष्य में किसी अन्य हिंदू को अपनी जान न देनी पड़े.
साध्वी प्राची ने विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि लोग कुत्ते, बिल्ली, तोता या मुर्गा पाल लें, लेकिन मुस्लिम से दोस्ती न करें और अपने बच्चों का मित्र इन्हें न बनने दें. उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि सूर्या चौहान की निर्मम हत्या पर आज तक किसी मौलाना ने फतवा जारी नहीं किया, जिससे साफ है कि वे भी इस अपराध में शामिल हैं. उन्होंने कहा कि चोर को पकड़ने के साथ चोर की मां को पकड़ना जरूरी है, और यहां चोर की मां मदरसे में बैठे मौलाना हैं.
एक एनकाउंटर से संतुष्ट नहीं है हिंदू समाज
गाजियाबाद पुलिस द्वारा किए गए एक आरोपी के एनकाउंटर पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि इससे हिंदू समाज बिल्कुल संतुष्ट नहीं है. हिंदू के घर का इकलौता चिराग बुझ गया है, जबकि उनके यहां 30-40 होते हैं. उन्होंने मांग की कि मामले में शामिल सभी 6-7 आरोपियों का 'हाफ नहीं बल्कि फुल एनकाउंटर' होना चाहिए और उन्हें तुरंत 72 हूरों के पास भेज देना चाहिए. उन्होंने बताया कि वह कल पीड़ित परिवार से मिलने जा रही हैं.
ममता बनर्जी और कांग्रेस पर तीखा तंज
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए साध्वी प्राची ने उन्हें नौटंकीबाज महिला करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी बंगाल को इस्लामिक स्टेट बनाने की तैयारी कर रही थीं, लेकिन सपना चूर होने पर अब बौखलाहट में नौटंकी कर रही हैं. वहीं विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि यदि देश में कॉकरोच पार्टी है, तो उनके लिए लाल और काला हिट भी तैयार बैठा है. पेपर लीक मामले पर घिरी कांग्रेस को उन्होंने 'मंदबुद्धि बच्चा' कहा.
प्रशासन के भाईचारे वाले सिस्टम पर उठाए सवाल
साध्वी प्राची ने आरोप लगाया कि खोड़ा में अवैध मस्जिद, मदरसे और संदिग्ध लोग भरे पड़े हैं, जिसकी शिकायत विश्व हिंदू परिषद के लोगों ने कई बार की थी. लेकिन प्रशासन में बैठे भाईचारे वाले लोगों ने पहले कोई ध्यान नहीं दिया और सूर्य चौहान की हत्या के बाद अब उनकी आंखें खुली हैं. उन्होंने अधिकारियों को सचेत होकर काम करने की चेतावनी देते हुए कहा कि वहां बहुत से संदिग्ध मामले खुलेंगे.