scorecardresearch
 

टेरर फंडिंग केस में ED का एक्शन, श्रीनगर में 4 ठिकानों पर छापेमारी, उमर आदिल डार और उसके सहयोगियों की जांच

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में ED ने टेरर फंडिंग केस में चार ठिकानों पर छापेमारी की है. जांच उमर आदिल डार और उसके सहयोगियों से जुड़े कथित आतंकी फंडिंग नेटवर्क पर केंद्रित है. जानें क्या है पूरा मामला.

Advertisement
X
इस मामले में ED की जांच अभी जारी है (फोटो-ITG)
इस मामले में ED की जांच अभी जारी है (फोटो-ITG)

जम्मू-कश्मीर में कथित टेरर फंडिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. ED के श्रीनगर जोनल ऑफिस की टीम मंगलवार को श्रीनगर में चार अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी अभियान चला रही है.

यह कार्रवाई उमर आदिल डार और उसके सहयोगियों से जुड़े टेरर फंडिंग मामले की चल रही जांच के तहत की जा रही है. जांच एजेंसी का मकसद इस मामले में पैसों के लेनदेन और कथित आतंकी फंडिंग से जुड़े नेटवर्क का पता लगाना है.

ED की जांच उमर आदिल डार की कथित गतिविधियों से जुड़ी है. आरोप है कि उमर आदिल डार प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) के तौर पर काम कर रहा था. वह कथित तौर पर संगठन से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल था. जांच एजेंसी इस मामले में उसके सहयोगियों की भूमिका और उनके साथ जुड़े वित्तीय नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है.

जांच में सामने आया है कि उमर आदिल डार को उसके कुछ सहयोगियों के साथ पहले भी पकड़ा गया था. उस दौरान उनके पास से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने का आरोप है. इसके अलावा प्रतिबंधित आतंकी संगठन से जुड़ा आपत्तिजनक साहित्य भी मिलने की बात कही गई है. ED इसी बरामदगी और आरोपियों की कथित गतिविधियों को मौजूदा टेरर फंडिंग जांच से जोड़कर देख रही है.

Advertisement

जांच एजेंसी के मुताबिक, उमर आदिल डार जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी और भारत विरोधी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के मामले में पहले भी जेल में रह चुका है. वह करीब चार साल तक जेल में बंद रहा था.

ED अब उसके पुराने मामलों और कथित गतिविधियों से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है. हालांकि, मौजूदा तलाशी अभियान का मुख्य फोकस कथित आतंकी फंडिंग के स्रोतों और इससे जुड़े लोगों की पहचान करना है.

ED की टीमें श्रीनगर में चार ठिकानों पर तलाशी के दौरान कथित अपराध से हासिल संपत्तियों और पैसों का पता लगाने में जुटी हैं. एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं और फंडिंग के लिए किन माध्यमों का इस्तेमाल किया गया. 

इसके साथ ही पैसों के लेनदेन के जरिए सीमा पार बैठे हैंडलर्स से कथित संबंधों की भी जांच की जा रही है. तलाशी अभियान का उद्देश्य टेरर फंडिंग से जुड़े और सबूत जुटाना तथा इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को सामने लाना है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement