
दिल्ली के फतेहपुर बेरी इलाके में जमीन के विवाद को लेकर चल रही पुरानी रंजिश ने अब नया मोड़ ले लिया है. डेयरी कारोबारी रतन लोहिया की हत्या के करीब एक साल बाद पुलिस ने इस मामले में एक कथित मुख्य साजिशकर्ता को गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान 52 वर्षीय रणबीर लोहिया के रूप में हुई है, जो फतेहपुर बेरी का ही रहने वाला है.
पुलिस के मुताबिक रणबीर कारोबारी अरुण लोहिया का पिता है और अब जांच में उसे रतन की हत्या की साजिश से जोड़ा गया है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान एक ऐसा वीडियो फुटेज सामने आया, जिसमें रणबीर कथित तौर पर रतन की हत्या में शामिल शूटर्स और अपने रिश्तेदार कमल के साथ बैठा दिखाई दे रहा था. पुलिस ने इस फुटेज को फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) जांच के लिए भेजा था.
जांच एजेंसी ने कथित तौर पर पुष्टि की कि फुटेज के साथ छेड़छाड़ नहीं की गई थी और यह घटना से पहले का है. इसके अलावा जांचकर्ताओं को रणबीर के खिलाफ कुछ अन्य सबूत और अहम सुराग भी मिले, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी की गई. पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों के बीच विवाद की जड़ जमीन के एक प्लॉट से जुड़ी है और यह रंजिश लंबे समय से चली आ रही थी.
साल 2024 में यह विवाद और बढ़ गया, जब रतन लोहिया के बेटे दीपक पर कथित तौर पर हमला किया गया था. इस मामले में 24 वर्षीय कारोबारी अरुण लोहिया के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज हुआ था और उसे मुख्य आरोपी बनाया गया था. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव लगातार बढ़ता गया और मामला खूनी संघर्ष में बदल गया.
मई 2025 में इस विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जब दीपक और उसके साथियों ने कथित तौर पर छतरपुर मेट्रो स्टेशन के पास एक SUV पर फायरिंग कर दी. उस समय अरुण लोहिया अपने पिता रणबीर के साथ घर लौट रहा था.
फायरिंग में अरुण की मौत हो गई. इस हत्या के मामले में पुलिस ने बाद में दीपक और अजय समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया था. इसके कुछ महीनों बाद इसी रंजिश की आग फिर भड़की और रतन लोहिया को निशाना बनाया गया.

30 नवंबर को डेयरी कारोबारी रतन लोहिया की उसके घर के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई. बताया गया कि वह अया नगर स्थित अपनी डेयरी की ओर जा रहा था, तभी उस पर हमला हुआ. रतन के परिवार ने आरोप लगाया था कि हमलावरों ने उस पर करीब 70 राउंड गोलियां चलाई थीं.
इसके बाद पुलिस ने हत्या की जांच शुरू की और रतन के एक परिचित सहयोगी समेत कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया था. अब रणबीर की गिरफ्तारी से इस हत्याकांड के पीछे की कथित साजिश और उसके दूसरे आरोपियों से संबंधों की भी जांच की जा रही है.
इस खूनी रंजिश में अगली हत्या 14 सितंबर को हुई, जब अजय के भाई विजय को हंसा चौक के पास गोली मार दी गई. पुलिस के मुताबिक घटना सुबह करीब 10 बजे हुई थी. जांच में सामने आया कि हमलावरों ने पहले विजय की गतिविधियों की जानकारी जुटाई और उसके जिम के बाहर पहुंचकर उस पर फायरिंग कर दी. कई जगह छापेमारी के बाद पुलिस ने विजय हत्याकांड के सिलसिले में दीपक को गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक उस पर शूटर्स को पनाह देने का आरोप है.
रणबीर लोहिया की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब इस पूरी रंजिश में हुई लगातार हत्याओं की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है. पुलिस के मुताबिक जमीन के विवाद से शुरू हुआ यह संघर्ष अब कई हत्या के मामलों तक पहुंच चुका है और इसमें दोनों पक्षों के लोगों की जान गई है.
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि रतन लोहिया की हत्या की साजिश में कौन-कौन लोग शामिल थे और अलग-अलग हत्याओं के बीच क्या सीधा संबंध है. आने वाले समय में पूछताछ और जांच से इस पूरे खूनी संघर्ष की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है.