यूपी में एक व्यापारी की हत्या का मामला बेहद चर्चाओं है. वजह है उनके कत्ल का सनसनीखेज तरीका और कातिल. वो सुबह अपनी पत्नी के साथ कार से निकले थे. तभी उनकी कार को किसी अनजान वाहन ने जोरदार टक्कर मारी. फिर कार के टूटे शीशे से उनके सीने और गले पर तीन वार किए गए और इसके बाद अनदेखा हमलावर गायब हो गया. वारदात के बाद कहा गया कि हमलावर कोई एक भूत, जिन्न या आत्मा थी, जिसने कार को टक्कर मारी और फिर कार के टूटे शीशे से वार किए और फिर वो जिन्न, भूत या आत्मा गायब हो गई. लेकिन सच हैरान करने वाला है. चलिए आपको सुनाते हैं इस अजब कातिल की गजब कहानी.
19 साल का अरमान इस वक्त बरेली पुलिस की गिरफ्त में है. उसने इकरार-ए-जुर्म किया है. जुर्म भी कोई ऐसा वैसा नहीं, बल्कि कत्ल का. कार में सवार कारोबारी का कत्ल. मगर अरमान ने कत्ल क्यों किया? इससे ये कत्ल किसने कराया? क्यों कराया? क्या अरमान उस कारोबारी को पहले से जानता था? जिसका इसने कत्ल किया या उससे कोई दुश्मनी थी? या फिर यूं ही मार दिया?
पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद अरमान कह रहा है कि पक्का नहीं था कि वो किसे मारेगा? बस जो भी उसे सुनसान जगह पर मिल जाता वो उसी का कत्ल कर देता. उसने तीन-चार लोगों का तो पीछा भी किया था. तो क्या ये सचमुच भूत, जिन्न या आत्मा के चक्कर वाला मामला है?
अब आइए कत्ल की इस बेहद अजीबो-गरीब कहानी को सिलसिलेवार बताते हैं. कत्ल की ये वो कहानी है, जिसमें कातिल कत्ल की बात कबूल तो कर रहा है. मगर साथ ही ये भी कह रहा है कि ये कत्ल उसने अपनी मर्जी से नहीं किया. बल्कि जिन्न ने उसके कानों में आकर कहा कत्ल करो, कत्ल करो. कुछ करो, कुछ करो. इस वजह से जिन्न उसे सोने भी नहीं दे रहा था. पिछले दो दिन से वो सोया भी नहीं था. बस उसी जिन्न के कहने पर अरमान घर से गाड़ी लेकर निकला और जो पहला शख्स सुनसनान जगह पर मिला उसे मार दिया.
जब अरमान बेखौफ पुलिस वालों की मौजूदगी में ये कहानी सुना रहा था, तो खुद पुलिसवाले खुद को मुस्कुराने से नहीं रोक पा रहे थे. वैसे अरमान ने अपनी कहानी की शुरूआत एक कहानी से की ही की थी. कहानी डेढ़ साल पहले की. जब पहली बार उसके पास सफेद घोड़े पर कुछ लोग आए थे. वो घोड़ा, जिसके पर थे. वही लोग उसे परेशान कर रहे थे, किसी का कत्ल करने के लिए. और आखिरकार उसने अपना पहला कत्ल कर ही दिया.
ये तो थी अरमान की बताई कहानी. अब बाकी का मामला भी जान लीजिए. 24 जुलाई को बरेली के 65 साल के एक कारोबारी सिया राम अपनी कार से पत्नी के साथ मॉर्निंग वॉक पर निकले थे. मगर कुछ देर बाद घर से कुछ दूरी पर सड़क किनारे उनकी लाश बरामद होती है. पुलिस फौरन मौके पर पहुंचती है और फिर परिवार वालों से बात करती है. सियाराम के घर वाले तीन लोगों पर अपना शक जताते हैं. उनके बयान पर पुलिस एफआईआर भी लिख लेती है. पर जांच के दौरान पता चला कि जिस वक्त सिया राम का कत्ल हुआ तब तीनों घर में सो रहे थे.
अब पुलिस ने नए सिरे से जांच शुरू करती है. सबसे पहले आसपास के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला. तभी पुलिस की नजर एक ओमनी कार पर पड़ी. जो जाते वक्त तो ठीक थी पर वापसी में कार का फ्रंट शीशा टूटा हुआ था. अब उसी कार के नंबर के सहारे पुलिस उस कार के मालिक तक जा पहुंची. वो कार मालिक था अरमान. और जब पुलिस ने अरमान को पकड़ा तो खुश होने की बजाए, पुलिस और परेशान हो गई.
क्योंकि अरमान सिया राम के कत्ल की बात तो कबूल कर रहा था. पर साथ ही सारा इल्जाम उस जिन्न पर डाल रहा था, जिसने उसे इस कत्ल के लिए मजबूर किया. उसकी हालत देख कर पुलिस को भी अब लग रहा है कि शायद वो किसी वहम का शिकार है.
हालांकि अरमान से पूछताछ के बाद पता चला कि अरमान के पिता को भी पता था कि उसने कत्ल किया है. पर पुलिस को इसकी जानकारी नहीं दी. लिहाजा पुलिस ने अरमान के पिता को भी गिरफ्तार कर लिया. पिता से पूछताछ में पता चला कि अरमान की मानसिक हालत पूरी तरह ठीक नहीं है. उसका इलाज भी चल रहा था. साथ ही वो नशा भी करता था.
अरमान फिलहाल बरेली पुलिस की कस्टडी में है. लेकिन अच्छी बात ये है कि वक्त रहते वो पुलिस के हाथ लग गया. वर्ना इसी जिन्न के जिद के चक्कर में ना जाने और कितने कत्ल कर बैठता. इस पूरी कहानी का सबसे अफसोसनाक पहलू ये है कि जिन सिया राम का कत्ल हुआ वो बेचारे यूं ही मारे गए. बेवजह. क्योंकि खुद कातिल की भी उनसे कोई दुश्मनी नहीं थी. दुश्मनी क्या जान-पहचान तक नहीं थी. लेकिन फिर भी वो अरमान के हाथों मारे गए. ये घटना सबको हैरान कर रही है.