महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ में नई SUV की सोशल मीडिया रील बनाना चार लोगों को भारी पड़ गया. आरोप है कि वीडियो शूट के लिए पुणे-बेंगलुरु हाईवे पर वाहनों को धीमा कराया गया और कुछ देर के लिए ट्रैफिक रोक दिया गया. व्यस्त हाईवे पर इस तरह शूटिंग किए जाने से सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई. मामले में बावधन पुलिस ने SUV मालिक, दो ड्राइवर और एक फोटोग्राफर के खिलाफ FIR दर्ज की है.
पुलिस के मुताबिक यह घटना 27 अगस्त को शाम करीब 4.15 बजे हुई. शूटिंग पुणे-बेंगलुरु हाईवे पर सह्याद्री महिंद्रा शोरूम और भुजबल चौक, वाकड के बीच की गई थी. बताया जा रहा है कि नई खरीदी गई SUV को फूलों की माला से सजाया गया था और उसे हाईवे पर रोककर उसका वीडियो बनाया जा रहा था. इसी दौरान वहां से गुजरने वाले दूसरे वाहनों की रफ्तार प्रभावित हुई और ट्रैफिक बाधित हो गया.
पुलिस की जांच के अनुसार, आरोपियों ने शूटिंग के लिए हाईवे पर कई वाहनों को कथित तौर पर इस तरह खड़ा किया कि आने-जाने वाला ट्रैफिक प्रभावित हो गया. इसी दौरान ड्रोन कैमरे की मदद से नई SUV की वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही थी. शूटिंग के लिए सड़क पर वाहनों को रोकने या धीमा करने से लंबी कतार लग गई. पुलिस ने इसे हाईवे पर सफर कर रहे लोगों की सुरक्षा के लिए संभावित खतरा माना है.
इस घटना का एक वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर सामने आया. वीडियो में काले रंग की एक SUV दिखाई दे रही है, जिस पर फूलों की माला लगी हुई है. व्यस्त सड़क के बीच SUV को रोककर शूटिंग किए जाने का दृश्य नजर आता है. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और शूटिंग में शामिल लोगों तथा वाहनों की पहचान की.
FIR में 32 वर्षीय सोमनाथ अशोक केदारी का नाम शामिल है, जो मावल के कुसगांव का रहने वाला बताया गया है. पुलिस ने उसे नई SUV का मालिक बताया है. इसके अलावा दो टोयोटा फॉर्च्यूनर के ड्राइवरों को भी आरोपी बनाया गया है. आरोप है कि इन वाहनों का इस्तेमाल SUV के साथ चलते हुए ट्रैफिक को नियंत्रित करने और हाईवे पर रास्ता रोकने के लिए किया गया.
मामले में एससी फ़ोटोग्राफ़ी के मालिक सोहम चव्हाण को भी आरोपी बनाया गया है. पुलिस के मुताबिक चव्हाण पर शूटिंग और वीडियो रिकॉर्डिंग करने का आरोप है. इस तरह नई SUV की रील तैयार करने के लिए कथित तौर पर मालिक, दो ड्राइवर और फोटोग्राफर की भूमिका सामने आई है. पुलिस अब पूरे घटनाक्रम और शूटिंग के दौरान वाहनों की स्थिति की जांच कर रही है.
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने शूटिंग में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए वाहनों को कब्जे में लिया है. इनमें दो टोयोटा फॉर्च्यूनर भी शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक इन दोनों वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर MH14KH5644 और MH14LU1080 हैं. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि शूटिंग के दौरान इन वाहनों की मदद से हाईवे पर किस तरह ट्रैफिक को रोका या धीमा किया गया.
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 285, 281, 223 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है. इसके साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 और 122 समेत संबंधित प्रावधान भी लगाए गए हैं. पुलिस की कार्रवाई का आधार हाईवे पर कथित तौर पर यातायात बाधित करना और सड़क पर दूसरे यात्रियों के लिए खतरा पैदा करना है.
मामले ने उस समय राजनीतिक रंग भी ले लिया, जब शूटिंग के वीडियो में एक ट्रक नजर आया. इस ट्रक पर पिंपरी-चिंचवड़ के BJP विधायक महेश लांडगे का नाम दिखाई देने की बात सामने आई. इसके बाद इस घटना को लेकर विधायक का नाम भी चर्चा में आ गया. हालांकि महेश लांडगे ने शूटिंग या इस पूरे मामले से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया है.
महेश लांडगे ने कहा कि ट्रैफिक नियम सभी के लिए समान हैं और नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया कंटेंट बनाने के लिए किसी व्यक्ति को दूसरे नागरिकों को परेशान करने या सार्वजनिक यातायात बाधित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती. विधायक ने घटना से खुद को अलग करते हुए नियमों का पालन किए जाने पर जोर दिया.
पुलिस के मुताबिक, हाईवे जैसी व्यस्त सड़क पर वीडियो या रील बनाने के लिए वाहनों को रोकना गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकता है. इस मामले में भी शूटिंग के दौरान वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने का आरोप है. सोशल मीडिया पर कंटेंट बनाने का चलन तेजी से बढ़ा है, लेकिन सार्वजनिक सड़कों पर ऐसा कोई भी शूट जो यातायात या दूसरे लोगों की सुरक्षा को प्रभावित करे, कार्रवाई के दायरे में आ सकता है. अब पुलिस FIR में लगाए गए आरोपों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है.