scorecardresearch
 

फर्जी पहचान, नकली आधार और कब्जे में हथियार... ऐसे पकड़े गए लॉरेंस-आरज़ू बिश्नोई गैंग के दो शार्पशूटर, दोनों पर 5-5 लाख रुपये इनाम

जोधपुर में राजस्थान AGTF और पुलिस ने लॉरेंस-आरज़ू बिश्नोई गैंग से जुड़े दो कथित शार्पशूटरों को गिरफ्तार किया है. दोनों फर्जी पहचान और नकली आधार कार्ड से रह रहे थे. जानें क्या है पूरा मामला?

Advertisement
X
इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है (फोटो-AGTF)
इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है (फोटो-AGTF)

राजस्थान पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने जोधपुर पुलिस के साथ मिलकर लॉरेंस-आरज़ू बिश्नोई गैंग से जुड़े दो कथित शार्पशूटरों को गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपियों को जोधपुर के एक होटल में चेक-इन करने के दौरान पकड़ा गया. पुलिस के मुताबिक, दोनों बदमाश फर्जी पहचान के साथ होटल में ठहरने की कोशिश कर रहे थे. उनके पास से नकली आधार कार्ड भी मिला है, जिसका इस्तेमाल वे अपनी पहचान छिपाने के लिए कर रहे थे.

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पंजाब के फाजिल्का जिले के रहने वाले राजिंदर सिंह उर्फ बिल्ला और जसकरण उर्फ कट्टा उर्फ सनी के तौर पर हुई है. AGTF के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दिनेश एमएन ने बताया कि दोनों कथित तौर पर गैंग से जुड़े शार्पशूटर हैं. गिरफ्तारी के वक्त दोनों के पास हथियार और अफीम भी बरामद होने की बात पुलिस ने कही है. इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और जोधपुर कमिश्नरेट पुलिस आगे की जांच कर रही है.

पुलिस के मुताबिक, AGTF की टीम कई दिनों से दोनों संदिग्धों को अलग-अलग जगहों पर ट्रैक कर रही थी. जांच में सामने आया कि दोनों हाल ही में नेपाल से भारत लौटे थे और इसके बाद पुलिस उनकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी. नेपाल से लौटने के बाद दोनों ने कई शहरों में ठिकाने बदले. पुलिस के अनुसार, वे गोरखपुर, काशी, इंदौर और सिरोही होते हुए जोधपुर पहुंचे थे.

Advertisement

जांच के मुताबिक, दोनों आरोपी जोधपुर पहुंचने से पहले सिरोही में करीब एक दिन रुके थे. इसके बाद वे तीन से चार दिन पहले जोधपुर आए और यहां होटल में ठहरने की तैयारी कर रहे थे. AGTF को उनकी लोकेशन के बारे में जानकारी मिली तो स्थानीय पुलिस को अलर्ट किया गया. इसके बाद AGTF और जोधपुर पुलिस ने मिलकर दोनों को पकड़ने के लिए संयुक्त ऑपरेशन तैयार किया.

AGTF की टीम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धांत शर्मा के नेतृत्व में जोधपुर पहुंची. स्थानीय पुलिस की मदद से दोनों आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी गई. जैसे ही दोनों होटल में चेक-इन करने पहुंचे, पुलिस टीम ने उन्हें पकड़ लिया. इसके बाद दोनों से पूछताछ की गई और उनकी पहचान की जांच की गई. पहचान और अन्य जानकारी की पुष्टि के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया.

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों पर 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित था. AGTF का कहना है कि दोनों पंजाब में हुई हत्याओं के मामलों में वांछित थे. पुलिस के मुताबिक, अप्रैल 2025 में साहिल सेन की उसके ऑफिस में हुई हत्या और जुलाई 2025 में अबोहर के वियर वेल शोरूम में कपड़ा कारोबारी संजय वर्मा की दिनदहाड़े हत्या में दोनों की कथित भूमिका सामने आई है. इन हत्याओं के बाद दोनों कथित तौर पर नेपाल भाग गए थे.

Advertisement

AGTF के अधिकारियों के मुताबिक, राजस्थान और दूसरे राज्यों में अपराध को अंजाम देने के लिए गैंग से जुड़े शूटरों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी. इसी दौरान इन दोनों आरोपियों के भारत लौटने की जानकारी मिली और उन्हें ट्रैक किया गया. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों जोधपुर क्यों आए थे और शहर में उनके ठहरने का मकसद क्या था. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या वे जोधपुर में किसी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे.

फिलहाल जोधपुर कमिश्नरेट पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. पुलिस आरोपियों से उनके संपर्कों, यात्रा के दौरान ठहरने वाले स्थानों और गैंग से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है. जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि नेपाल से भारत लौटने के बाद दोनों किन लोगों के संपर्क में थे. पुलिस इस पूरे नेटवर्क और जोधपुर में उनकी कथित गतिविधियों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement