जोधपुर
जोधपुर (Jodhpur) भारत के राजस्थान राज्य (Rajasthan) का एक जिला है. यह थार मरुस्थल में स्थित शहर है (Dessert City). यह डिवीजन भी है और जिले का प्रशासनिक मुख्यालय भी है.
जोधपुर एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, जिसमें कई महल, किले और मंदिर हैं, जो थार रेगिस्तान के परिदृश्य में स्थित हैं. जोधपुर 'ब्लू सिटी' के रूप में लोकप्रिय है (Jodhpur, Blue City).
इस जिले में स्थित मेहरानगढ़ किला 15वीं शताब्दी का है जिसे एक संग्रहालय बना दिया गया है. इस संग्रहालय में हथियार, पेंटिंग और विस्तृत शाही पालकी देखा जा सकता है. किले से घिरे इस शहर के कई इमारतों को नीले रंग में रंगा गया है (Mehrangarh Museum).
पुराना शहर मेहरानगढ़ किले को घेरे हुए है और कई दरवाजों वाली एक दीवार से घिरा है. जोधपुर राजस्थान राज्य के भौगोलिक केंद्र के पास स्थित है. इस शहर को द न्यू यॉर्क टाइम्स के '2020 में 52 स्थान' में जगह दिया गया है.
भारत की जनगणना के मुताबिक जोधपुर की जनसंख्या 10,33,918 है (Jodhpur Population), जिसमें लगभग 52.62 पुरुष और लगभग 47.38 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं. इस जिले की औसत साक्षरता दर 80.56 प्रतिशत है जिसमें लगभग 88.42 प्रतिशत पुरुष साक्षरता और 73.93 प्रतिशत महिला साक्षरता है (Jodhpur Literacy).
जोधपुर की साध्वी प्रेम बाईसा मामले में 'आजतक' ने आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट करने वाले भोमाराम से एक्सक्लूसिव बातचीत की. भोमाराम ने बताया कि 28 जनवरी की रात प्रेक्षा हॉस्पिटल पहुंचने तक बाईसा का निधन हो चुका था. वीरमनाथ के कहने पर उन्होंने न्याय की मांग को लेकर इंस्टाग्राम पोस्ट की थी.
जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में कई अहम बातें सामने आ रही हैं. इस मामले की जांच में जुटी एसआईटी ने 37 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए हैं, जबकि करीब 40 संदिग्ध संपर्कों को रडार पर रखा गया है. जांच में दवा की एक पर्ची की भी बात की जा रही है, जो साध्वी के पास थी.
राजस्थान की युवा साध्वी प्रेम बाईसा की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. एक इंजेक्शन, एक इंस्टा पोस्ट और पोस्टमार्टम के चौंकाने वाले संकेतों ने इस केस को रहस्य बना दिया है. जहर, दवाओं का रिएक्शन या साजिश, पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है. सच अब फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिका है.
जोधपुर में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का मामला अब विसरा रिपोर्ट पर टिका है. एसआईटी ने अब तक 30 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए हैं और 40 कॉन्टैक्ट रडार पर हैं. जांच में इंजेक्शन लगाने वाले नर्सिंग कर्मी, आश्रम स्टाफ और रिश्तेदार शामिल हैं. इंजेक्शन का डीएनए टेस्ट कराया गया है.
साध्वी प्रेम बाईसा की मौत को लेकर संशय अभी खत्म नहीं हुआ है. इस मामले में SIT की जांच तेज हो गई है. हर वस्तु को वैज्ञानिक जांच के दायरे में लाया गया है. पिता वीरमनाथ से तीसरी बार पूछताछ की गई है, जबकि डीएनए और एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार है.
जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा मौत मामले में एसआईटी द्वारा प्रेक्षा अस्पताल पहुंचकर अस्पताल के कर्मचारियों और डॉक्टरों से पूछताछ की गई है. साथ ही 28 जनवरी की शाम को जब साध्वी को अस्पताल लाया गया था उस समय की स्थिति का भी पुनः परीक्षण कर इसे रिक्रिएशन के रूप में दर्ज किया गया.
साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के पांच दिन बाद भी रहस्य बरकरार है. परेऊ गांव में समाधि पूजन के दौरान संतों ने निष्पक्ष जांच की मांग की. पिता वीरम नाथ भावुक होकर रो पड़े और इसे बड़ा षड्यंत्र बताया. मोबाइल पासवर्ड और सोशल मीडिया आरोपों को उन्होंने खारिज किया.
जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के बाद पुलिस ने कंपाउंडर देवी सिंह राजपुरोहित से पूछताछ की है. इस मामले में जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम गठित की गई है. साध्वी की तबियत खराब होने के कारण घर पर इंजेक्शन लगाया गया था जिसके बाद उनकी मौत हुई. अभी तक मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं.
जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत को लेकर सस्पेंस गहरा गया है. SIT की पूछताछ के दौरान पिता वीरमनाथ ने मोबाइल फोन के पासवर्ड बताने से इनकार कर दिया. दो आईफोन और एक सैमसंग फोन अब जांच के केंद्र में हैं. सवाल उठ रहे हैं कि क्या इन्हीं मोबाइल्स में साध्वी की मौत का राज छिपा है.
जोधपुर में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का मामला अब भी रहस्य बना हुआ है. इस केस में गठित SIT ने जांच तेज कर दी है. रविवार को FSL टीम ने आश्रम से नए सैंपल जुटाए, वहीं साध्वी के पिता वीरमनाथ और केयरटेकर से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की गई.
जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. उनके इलाज में कई इंजेक्शन देने की बात सामने आई है, जिससे कंपाउंडर देवी सिंह राजपुरोहित की भूमिका सवालों में है. मामले की गहराई तक जांच के लिए पुलिस ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है, जो पोस्टमार्टम और मेडिकल रिकॉर्ड सहित सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है.
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, साध्वी प्रेम बाईसा अपने आध्यात्मिक कार्यों के लिए जानी जाती थीं और उनका आश्रम क्षेत्र में आस्था का बड़ा केंद्र था. उनकी अचानक तबीयत बिगड़ने और फिर मौत की खबर से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश दोनों देखने को मिले.
Sadhvi Prem Baisa Death Mystery: जोधपुर की कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की अचानक हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. मामूली सर्दी-खांसी की शिकायत के बाद घर पर लगाए गए इंजेक्शन और कुछ ही मिनटों में बिगड़ती हालत ने मामले को रहस्यमय बना दिया. अब पुलिस ने एसआईटी गठित कर जांच तेज कर दी है, लेकिन सच्चाई अब भी तीन रिपोर्ट के इंतजार में है.
राजस्थान के जोधपुर में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है. पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश पासवान ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है. अब यह टीम पूरे घटनाक्रम की जांच अपने सुपरविजन में करेगी.
साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का मामला सुर्खियों में बना हुआ है. मौत के बाद तमाम सवालों को लेकर पिता वीरम नाथ से आजतक ने बात की. उन्होंने कहा कि साध्वी के गले में खराश के बाद इंजेक्शन लगाया गया था. यह भी बताया कि साध्वी के अंतिम शब्द क्या थे. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, पोस्टमार्टम और अग्नि परीक्षा को लेकर किए गए सभी सवालों के जवाब वीरम नाथ ने दिए हैं.
राजस्थान की युवा साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. इंजेक्शन के बाद उनकी तबीयत बिगड़ना, पोस्टमार्टम पर विवाद, वायरल वीडियो और मौत के 3 घंटे बाद इंस्टाग्राम पर पोस्ट हुआ सुसाइड नोट... इस मामले में अब नया पेच आ गया है. जानिए पूरा मामला.
राजस्थान की युवा साध्वी और कथा वाचक प्रेम बाईसा की मौत का मामला तेजी से उलझ रहा है. 28 जनवरी को अचानक उनकी तबियत बिगड़ी और एक कंपाउंडर द्वारा लगाए गए इंजेक्शन के कुछ सेकंड बाद उनकी मौत हो गई. तीन घंटे बाद साध्वी के पिता ने उनके सोशल मीडिया से सुसाइड नोट पोस्ट किया. परिवार और पुलिस के बीच कई सवाल उठ रहे हैं, खासकर पोस्टमार्टम से इंकार और मौत के पीछे की सच्चाई को लेकर.
जोधपुर की साध्वी प्रेम बाईसा की दो दिन पहले अचानक से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. आज साध्वी प्रेम बाईसा को तमाम धार्मिक रीति रिवाजों के साथ समाधि दे दी गई, लेकिन उनकी मौत का पूरा राज पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर अटका हुआ है. जो अभी तक आई नहीं है. बताया जा रहा है कि हल्की सी खराश में उन्हें एक इंजेक्शन दिया गया, जिसके बाद तुरंत उनकी मौत हो गई. देखें विशेष.
राजस्थान के जोधपुर में 25 वर्षीय कथावाचक प्रेम बाईसा की मौत की खबर ने सभी को दहलाकर रख दिया है. 28 जनवरी को हुई उनकी मौत को लेकर समर्थकों में गहरा आक्रोश है. वे इसे सामान्य मौत नहीं बल्कि हत्या मानते हैं और इसके लिए उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं.
जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत को लेकर रहस्य गहराता जा रहा है. 2021 के सीसीटीवी वीडियो से शुरू हुआ विवाद 2025 में दोबारा FIR तक पहुंचा. मौत के दिन इंजेक्शन, कंपाउंडर की भूमिका और अस्पताल पहुंचने से पहले मौत जैसे कई सवाल खड़े हैं. फिलहाल मामला दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कई और खुलासे हो सकते हैं.
राजस्थान में साध्वी प्रेम बासा की संदिग्ध मौत. साध्वी प्रेम बासा, जो एक प्रसिद्ध कथा वाचक थीं, का अस्पताल में अचानक निधन हुआ. उनके निधन पर कई सवाल उठे हैं. पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. परिवार और आश्रम वालों के बीच विवाद भी देखने को मिला है. एक वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट्स ने मामले को और पेचीदा बना दिया है.