महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में ड्यूटी के दौरान इंडियन ऑयल के एक अधिकारी की सरेआम हत्या कर दी गई. इस हत्याकांड से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. 37 वर्षीय महेश शेल्के मंगलवार को चोंढी गांव स्थित एक पेट्रोल पंप को सील करने और उसका कब्जा लेने के लिए कंपनी की टीम के साथ पहुंचे थे. इसी दौरान पेट्रोल पंप संचालक परिवार के साथ टीम का विवाद हो गया और मामला हिंसक हो गया. पुलिस के मुताबिक, महेश पर खंजर से सात बार वार किए गए और पथराव भी हुआ.
महेश शेल्के इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) के नांदेड कार्यालय में मैनेजर (रिटेल सेल्स) के पद पर तैनात थे. मंगलवार दोपहर वह कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम के साथ हिंगोली के वसमत तालुका स्थित पेट्रोल पंप पहुंचे थे. कंपनी की ओर से विवाद के चलते आउटलेट को सील कर अपने नियंत्रण में लेने की कार्रवाई की जानी थी. पेट्रोल पंप का संचालन पांडववीर परिवार करता था.
पुलिस के अनुसार, पेट्रोल पंप पर पहुंचने के बाद कंपनी की टीम और पांडववीर परिवार के बीच कई घंटे तक बातचीत होती रही. परिवार की ओर से कथित तौर पर एक महीने का समय मांगा गया और भरोसा दिलाया गया कि इसके बाद कंपनी को पेट्रोल पंप का कब्जा दे दिया जाएगा. हालांकि, कंपनी की टीम तत्काल सीलिंग और टेकओवर की कार्रवाई पर कायम रही. इसी बात को लेकर चल रहा विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया.
हिंगोली के एसपी श्रेनिक लोढ़ा के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि विवाद के दौरान उमेश पांडववीर ने कथित तौर पर महेश शेल्के पर खंजर से हमला किया. पुलिस का कहना है कि महेश पर सात बार वार किए गए. इस दौरान कुछ अन्य आरोपियों पर पथराव करने का भी आरोप है, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई. गंभीर रूप से घायल महेश को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
घटना की जानकारी मिलते ही कुरुंदा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची. गंभीर चोटों के बाद महेश को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. इस मामले में इंडियन ऑयल के सीनियर मैनेजर गुल्लाकांतला मणिप्रसाद की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई. आरोपियों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, गैरकानूनी जमावड़ा और दंगा समेत आर्म्स एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया है.
पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 46 वर्षीय लताबाई पांडववीर, उनके 25 वर्षीय बेटे उमेश पांडववीर, 21 वर्षीय श्रवण वाकुड़े, 37 वर्षीय राहुल धायजे और 27 वर्षीय प्रथमेश वाघमारे के तौर पर हुई है. पुलिस ने महेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए वसमत उप-जिला अस्पताल भेजा था. पोस्टमार्टम के बाद शव उनके परिवार को सौंप दिया गया.
कौन थे महेश शेल्के?
महेश शेल्के इंडियन ऑयल के नांदेड कार्यालय में मैनेजर (रिटेल सेल्स) के तौर पर काम कर रहे थे. उन्होंने पुणे के एक इंजीनियरिंग कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी. वह मूल रूप से लातूर जिले के अहमदपुर तालुका के एक गांव के रहने वाले थे. साल 2014 में उन्होंने इंडियन ऑयल ज्वाइन किया था.
इंडियन ऑयल में नौकरी के दौरान महेश ने दक्षिण भारत के अलग-अलग हिस्सों में भी काम किया. साल 2024 में उनका तबादला महाराष्ट्र में हुआ था. पिछले करीब दो वर्षों से वह अपने परिवार के साथ नांदेड जिले में रह रहे थे. ड्यूटी के दौरान हुई इस हत्या के बाद कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों में भी शोक है.
हरदीप सिंह पुरी ने जताया दुख
ड्यूटी के दौरान इंडियन ऑयल अधिकारी की हत्या पर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और डीजीपी सदानंद दाते से इस मामले को लेकर बात की. पुरी ने कहा कि मामले को महाराष्ट्र सरकार और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने उठाया गया है, ताकि कानून के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ जल्द और सख्त कार्रवाई हो.
पुरी ने इस घटना को गंभीर और अस्वीकार्य हिंसा बताया. उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम मंत्रालय और इंडियन ऑयल महेश शेल्के के परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएंगे. वहीं, इंडियन ऑयल के चेयरमैन एएस साहनी ने भी घटना पर दुख जताया और कहा कि कंपनी ने महाराष्ट्र के उच्च अधिकारियों के सामने मामला उठाते हुए तेज और कड़ी कार्रवाई की मांग की है.