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कनाडा में मारा गया शख्स निकला लॉरेंस बिश्नोई गैंग का हैंडलर, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

कनाडा के सरे शहर में गोलीबारी में मारे गए गुरविक्रमजीत सिंह वारिंग को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. कनाडाई पुलिस ने पुष्टि कर दी है कि मरने वाला शख्स लॉरेंस बिश्नोई गैंग का हैंडलर था. इस मामले में गैंगवार और क्रिकेट फिक्सिंग के एंगल से भी जांच की जा रही है. पढ़ें पूरी कहानी.

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कनााडा में इस गैंग का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है (फोटो-ITG)
कनााडा में इस गैंग का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है (फोटो-ITG)

कनाडा के सरे शहर में पिछले महीने हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड ने भारतीय मूल के गैंग नेटवर्क पर एक नई बहस छेड़ दी है. कनाडाई पुलिस ने अब पुष्टि कर दी है कि गोलीबारी में मारा गया शख्स कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का अहम सहयोगी था. जांच एजेंसियों के अनुसार वह गैंग के लिए हैंडलर जैसी भूमिका निभाता था. इस खुलासे के बाद मामले को अंतरराष्ट्रीय गैंग नेटवर्क और गैंगवार से जोड़कर देखा जा रहा है.

4 मई 2026 को सरे शहर में दिनदहाड़े यह वारदात हुई थी. दोपहर करीब 3:03 बजे पुलिस को 13000 ब्लॉक, 76 एवेन्यू स्थित एक बिजनेस ऑफिस में गोलीबारी की सूचना मिली थी. सूचना मिलते ही पुलिस और आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंचीं थीं. वहां एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला था, जिसे बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी.

पैरामेडिक्स ने घायल व्यक्ति को मौके पर ही मृत घोषित कर दिया था. घटना एक व्यस्त कारोबारी इलाके में हुई थी, जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी. पुलिस ने तुरंत क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू की और घटनास्थल से कई अहम सबूत जुटाए. शुरुआती दौर से ही जांच एजेंसियां इसे गैंगवार से जुड़ा मामला मानकर चल रही थीं.

बाद में मृतक की पहचान गुरविक्रमजीत सिंह वारिंग के रूप में हुई. जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक वारिंग कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था. वह लोगों से संपर्क बनाए रखने, नेटवर्क प्रबंधन और गैंग से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों के समन्वय का काम संभालता था. इसी वजह से उसे गैंग का हैंडलर बताया जा रहा है.

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इस हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के विरोधी गैंगस्टर रोहित गोदारा ने ली थी. उसने 5 मई 2026 को सोशल मीडिया के जरिए दावा किया था कि इस वारदात के पीछे उसका हाथ है. इसके बाद जांच एजेंसियों ने मामले को प्रतिद्वंद्वी गैंगों के बीच चल रहे संघर्ष के नजरिए से भी देखना शुरू कर दिया. हालांकि पुलिस अभी सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है.

मामले में एक और दिलचस्प एंगल सामने आया है. कनाडाई पुलिस इस हत्या के संभावित क्रिकेट फिक्सिंग कनेक्शन की भी जांच कर रही है. अधिकारियों को कुछ ऐसे संकेत मिले हैं जिनकी पड़ताल की जा रही है. हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी या विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है.

पूरे मामले की जांच कनाडा की इंटीग्रेटेड होमिसाइड इन्वेस्टिगेशन टीम (IHIT) कर रही है. जांच एजेंसियां हत्या की साजिश, हमलावरों की पहचान और वारदात के पीछे के मकसद का पता लगाने में जुटी हैं. अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है. साथ ही पुलिस ने किसी संदिग्ध का नाम भी सार्वजनिक नहीं किया है.

यह मामला एक बार फिर कनाडा में सक्रिय भारतीय मूल के गैंग नेटवर्क और उनके अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ा रहा है. पिछले कुछ वर्षों में कनाडा में भारतीय गैंगों के बीच संघर्ष और हिंसक घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है. सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि गुरविक्रमजीत सिंह वारिंग की वास्तविक भूमिका क्या थी और उसकी हत्या के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे?

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