नेपाल में आई आफत के बाद इंफोसिस की सहायक कंपनी इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज के CEO लक्स गोपीसेट्टी लापता है. इंफोसिस ने जानकारी दी है कि वह नेपाल दौरे पर गए थे और बाढ़ आने के बाद से ही लापता हैं. कंपनी ने आगे कहा कि उनकी तत्काल प्राथमिकता उन्हें ढूंढना, उनसे संपर्क करना और उनकी सुरक्षा तय करना है.
कंपनी ने कहा कि नेपाल दौरे पर जाने के बाद से ही उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है. फिलहाल, हमारी टीम एजेंसियों के साथ मिलकर जानकारी जुटाने और उनसे संपर्क करने का प्रयास कर रही है और उनके परिवार के साथ भी लगातार संपर्क में हैं और इस कठिन समय में उन्हें हर संभव सहायता पेश कर रही है.
हमारी संवेदनाएं लक्स और इस त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं. कंपनी ने नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और उसमें हुई जानमाल के नुकसान पर गहरा दुख जताया है.
कंपनी में गोपीसेट्टी का क्या रोल?
इंफोसिस की वेबसाइट पर मौजूद उनकी प्रोफाइल के अनुसार, गोपीसेट्टी इंफोसिस की सहायक कंपनी इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज के CEO के तौर पर अमेरिका और कनाडा में पब्लिक सेक्टर पर फोकस हैं. गोपीसेट्टी पब्लिक सेक्टर के संगठनों को एजेंसियों के मिशन का सपोर्ट करने के लिए रणनीति, टेक्नोलॉजी, ऑपरेशन और बदलाव पर सलाह देते हैं, और उद्देश्यों को पूरा करने के लिए कंपनी की रणनीति और उसके काम की देखरेख करते हैं.
इससे पहले वे इंफोसिस में ग्लोबल वाइस प्रेसिडेंट और बिजनेस एप्लीकेशंस और डिजिटल वर्कस्पेस सर्विस के प्रमुख थे, जहां उन्होंने अमेरिका, यूरोप और एशिया में वैश्विक स्तर पर इस क्षेत्र का विस्तार किया. इंफोसिस में शामिल होने से पहले, गोपीसेट्टी एक्सेंचर में MD थे, जहां उन्होंने उत्तरी अमेरिका में हेल्थ और पब्लिक सर्विस बिजनेस के एक पार्ट का नेतृत्व किया था. इंफोसिस की वेबसाइट यह भी बताती है कि उन्होंने बेयरिंगपॉइंट, आईबीएम, पीडब्ल्यूसी और एचसीएल में उच्च विकास वाले व्यवसाय स्थापित किए.
320 भारतीय अभी लापता
विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ के बाद कम से कम 320 भारतीय लापता हैं और 400 अन्य चीन की सीमा पर फंसे हुए हैं. मंत्रालय ने कहा कि भारत इस स्थिति से निपटने के लिए काठमांडू को हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है.
विदेश मंत्रालय ने बताया कि चीन की सीमा में फंसे 153 भारतीय नागरिक सुरक्षित तौर पर नेपाल पहुंच गए हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि बाढ़ प्रभावित नेपाली इलाकों से काठमांडू पहुंचने के एक दिन बाद, शुक्रवार दोपहर को 21 भारतीय नागरिक नई दिल्ली पहुंचे.
इंफोसिस ने कहा कि वह गोपीसेट्टी से संपर्क स्थापित करने और जानकारी जुटाने के प्रयास जारी रखे हुए है, जबकि विदेश मंत्रालय बाढ़ के व्यापक प्रभावों से निपटने के लिए काम कर रहा है, जिसमें सैकड़ों भारतीय अभी भी लापता हैं या प्रभावित क्षेत्र में फंसे हुए हैं.