पश्चिम बंगाल के राज्य कर्मचारियों को महीने भर के अंदर डबल तोहफा मिला है. सत्ता में आते ही बीजेपी ने सबसे पहले राज्य में 7वां वेतन आयोग लागू करना का ऐलान किया. उसके बाद अब बजट में शुभेंदु सरकार ने महंगाई भत्ते में 20 फीसदी तक बढ़ोतरी का ऐलान किया है. राज्य सरकार के इस ऐलान से करीब 15 लाख कर्मचारियों को फायदा होने वाला है.
पश्चिम बंगाल की राजनीति और राज्य कर्मचारियों के लिए आज बेहद खास दिन है. 22 जून 2026 को विधानसभा में पूर्ण बजट भाषण के दौरान राज्य सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 20% महंगाई भत्ते (DA) की एकमुश्त भारी बढ़ोतरी की घोषणा की है. इस बढ़ोतरी के बाद राज्य कर्मचारियों का कुल डीए 18% से बढ़कर सीधे 38% हो जाएगा, जो आगामी 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा.
सत्ता में आते ही बीजेपी ने राज्य में 7वां वेतन आयोग (7th Pay Commission) लागू करने का आधिकारिक ऐलान किया था, जिसके लिए एक एक्सपर्ट कमेटी का गठन भी किया जा चुका है. जानकारों की मानें तो नया वेतन आयोग पूरी तरह तैयार होकर लागू होने में थोड़ा समय लग सकता है, इसलिए सरकार ने बीच का रास्ता निकालते हुए बजट में 20% डीए की अंतरिम राहत दे दी है. यह बढ़ोतरी कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग (ROPA 2019) के मौजूदा पे-मैट्रिक्स के आधार पर ही मिलेगी, जिससे उनकी सैलरी में तुरंत बड़ा उछाल आएगा.
कर्मचारियों को कितना आर्थिक फायदा होगा?
महंगाई भत्ता हमेशा कर्मचारी के मूल वेतन पर तय होता है. 20% की इस भारी वृद्धि से विभिन्न स्तर के कर्मचारियों के मासिक और सालाना वेतन पर सीधा असर इस प्रकार पड़ेगा.
ग्रुप-डी कर्मचारी (अनुमानित बेसिक पे: 20,000 रुपये)
फायदा: 20,000 × 20%= 4,000 रुपये (मंथली) और सालाना- 48 हजार रुपये.
सीनियर अधिकारी (अनुमानित बेसिक पे: 80,000 रुपये)
फायदा: 80,000 × 20%= 16,000 रुपये (मंथली) और सालाना- 1.92 लाख रुपये.
कुल कितने लोगों को मिलेगा इसका फायदा?
वेतन के साथ-साथ इस बढ़ोतरी का सीधा असर कर्मचारियों के प्रोविडेंट फंड (PF) और ग्रेच्युटी में दिखेगा. इसके अलावा सेवानिवृत्त बुजुर्गों को उनकी बेसिक पेंशन पर सीधे 20% का अतिरिक्त लाभ मिलेगा. पश्चिम बंगाल में इस घोषणा से लगभग 14.5 लाख से 15 लाख लोग सीधे तौर पर लाभ मिलने वाला है. राज्य में करीब 3.5 लाख पेंशनभोगी हैं.
वहीं अगर 7वें वेतन आयोग की बात करें तो अभी इसे लागू होने की कोई अंतिम आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है. मई 2026 में राज्य कैबिनेट से 7वें वेतन आयोग को अप्रूवल मिल गया है. कुछ रिपोर्टों में 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत तक चरणबद्ध लागू होने की संभावना जताई गई है.
पश्चिम बंगाल में 7वां वेतन आयोग लागू होने पर सैलरी कितनी बढ़ेगी? दरअसल, यह मुख्य रूप से Fitment Factor पर निर्भर करेगा. अभी सरकार ने अंतिम फिटमेंट फैक्टर घोषित नहीं किया है, लेकिन 2.0 से 2.5 के बीच रहने की चर्चा है. अगर Fitment Factor 2.5 रहता है, तो कैलकुलेशन क्या होगा? मान लीजिए बेसिक सैलरी फिलहाल 20 हजार रुपये है, तो फिर 7वां वेतन आयोग लागू होने से नई बेसिक सैलरी बढ़कर 50 हजार रुपये हो जाएगी. यानी 20 हजार बेसिक सैलरी वालों को सीधे 30 हजार रुपये का फायदा होने वाला है.
ये है फॉर्मूला:
नई Basic Salary = पुरानी Basic Salary × Fitment Factor
गौरतलब है कि केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 2.57 फैक्टर लागू है. अगर पश्चिम बंगाल में ये फॉर्मूला लागू हुआ तो, बढ़ोतरी और ज्यादा हो सकती है. किसी कर्मचारी की वर्तमान बेसिक सैलरी 30,000 रुपये है, तो फिटमेंट फैक्टर लागू होने के बाद उनकी नई बेसिक सैलरी लगभग 77,100 रुपये के आसपास तय होगी.
इस हिसाब से छठे वेतन आयोग में जो न्यूनतम बेसिक सैलरी 17,900 रुपये के करीब थी. वह 7वें वेतन आयोग के बाद सीधे करीब 26,000 रुपये के न्यूनतम स्तर पर पहुंच जाएगी. एक अनुमान के मुताबिक 7वां वेतन आयोग लागू होने के बाद किसी मध्यम स्तर के कर्मचारी के वेतन में औसतन 20% से 30% तक की बढ़ोतरी देखी जा सकती है.
बता दें, पश्चिम बंगाल सरकार के इस कदम को आगामी दुर्गा पूजा और त्योहारों के सीजन से पहले एक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है. अक्टूबर से लागू होने वाली इस 20% डीए बढ़ोतरी से न केवल 15 लाख परिवारों की क्रय शक्ति बढ़ेगी, बल्कि बाजार में भारी मात्रा में नकदी का प्रवाह होगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी.