उत्तर प्रदेश के बहराइच स्थित महाराजा सुहेलदेव स्वायत्तशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज के एक रेजिडेंट डॉक्टर को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में मार्च निकालने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है.
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय खत्री ने बताया कि एनेस्थीसियोलॉजी विभाग में डिप्लोमा कर रहे डॉ. रूपक इखे को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है. मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई गई है, जिसे सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं. रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
डॉ. रूपक इखे महाराष्ट्र के रहने वाले हैं और एमबीबीएस करने के बाद बहराइच मेडिकल कॉलेज में डिप्लोमा की पढ़ाई कर रहे हैं.
अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार शाम डॉ. इखे ने अकेले शहर में मार्च निकाला. इस दौरान उनके हाथ में सोनम वांगचुक के समर्थन में संदेश लिखा हुआ पोस्टर था और उन्होंने ऐसा ही संदेश लिखा टी-शर्ट भी पहन रखा था. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वह जिला अधिकारी आवास की ओर पैदल जाते हुए दिखाई दिए.
मार्च के दौरान डॉ. इखे ने पत्रकारों से कहा कि यह उनका व्यक्तिगत कदम है. उन्होंने किसी को इस मार्च में शामिल होने के लिए नहीं बुलाया और न ही वह किसी राजनीतिक दल या संगठन से जुड़े हैं. उन्होंने व्यवस्था में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए हर स्तर पर जवाबदेही की मांग की. साथ ही नीट अभ्यर्थियों को होने वाली परेशानियों पर भी चिंता जताई.
मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच सेवा नियमों के तहत की जा रही है और जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा.