हर महीने सैलरी आती है, उसमें से PF के नाम पर एक रकम कटती है और हम मान लेते हैं कि यह पैसा सुरक्षित तरीके से हमारे खाते में जमा हो रहा है. लेकिन क्या आपने कभी यह जांचने की कोशिश की है कि सैलरी से कटी रकम वाकई आपके PF खाते में पहुंची भी है या नहीं? अगर नहीं, तो अब से इस छोटी सी जांच को अपनी आदत बना लेना चाहिए. क्योंकि सिर्फ सैलरी स्लिप में PF कटने का मतलब यह नहीं है कि EPFO के रिकॉर्ड में भी वह रकम दर्ज हो गई है.
नौकरीपेशा लोगों को हर 2-3 महीने में अपनी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की ई-पासबुक जरूर देखनी चाहिए. इससे पता चलता है कि आपके UAN के तहत कर्मचारी और कंपनी, दोनों की तरफ से PF का पैसा सही तरीके से जमा हो रहा है या नहीं. कई लोग सिर्फ सैलरी स्लिप देखकर निश्चिंत हो जाते हैं. लेकिन अगर किसी महीने पैसा जमा नहीं हुआ और समय रहते इसका पता नहीं चला, तो आगे नौकरी बदलने, PF ट्रांसफर कराने या रिटायरमेंट के समय परेशानी हो सकती है.
सैलरी स्लिप से ऐसे करें मिलान
सैलरी स्लिप और ई-पासबुक को साथ रखकर हर महीने की एंट्री मिलाएं. अगर अप्रैल की सैलरी से PF कटा है, तो पासबुक में भी अप्रैल का कॉन्ट्रिब्यूशन दिखना चाहिए. सिर्फ कर्मचारी के हिस्से को देखना काफी नहीं है. कंपनी की तरफ से जमा किया गया हिस्सा और पेंशन फंड (EPS) में गया पैसा भी जरूर जांचें. इससे आपको पता रहेगा कि आपके PF खाते में पूरी रकम सही तरीके से पहुंच रही है या नहीं.
PF जमा करने की क्या है डेडलाइन?
नियम के मुताबिक, कंपनी को कर्मचारी की सैलरी से काटा गया PF और अपनी तरफ से दिया जाने वाला हिस्सा महीने की समाप्ति के 15 दिनों के भीतर जमा करना होता है. उदाहरण के लिए, अप्रैल महीने का PF कॉन्ट्रिब्यूशन 15 मई तक EPFO के पास जमा हो जाना चाहिए. हालांकि सैलरी आने के तुरंत बाद पासबुक में एंट्री न दिखे तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. प्रोसेसिंग या तकनीकी वजहों से कुछ दिन की देरी हो सकती है. लेकिन अगर बाद के महीनों का PF जमा दिखने लगे और कोई पुराना महीना अब भी गायब हो, तो इसे नजरअंदाज न करें. यह जांच करने का संकेत हो सकता है.
घर बैठे ऐसे देखें अपनका PF पासबुक
प्रोविडेंट फंड की जानकारी देखने के लिए आपके पास कई आसान विकल्प हैं.
EPFO मेंबर पासबुक पोर्टल: यहां UAN और पासवर्ड से लॉगिन करके अपनी संबंधित मेंबर आईडी चुनें. इसके बाद जमा रकम और दूसरी एंट्री देख सकते हैं.
पासबुक लाइट: इसमें PF खाते की जमा, निकासी और बैलेंस की आसान जानकारी मिलती है.
उमंग ऐप: स्मार्टफोन से भी PF पासबुक और बैलेंस चेक किया जा सकता है. उमंग ऐप के सर्विसेज सेक्शन में EPFO सर्च करें. अपना यूएएन नंबर और पासवर्ड डालकर पीएफ बैलेंस चेक करें.
नौकरी बदलते समय UAN का रखें ध्यान
अगर आपने एक से ज्यादा कंपनियों में काम किया है, तो एक ही UAN के तहत अलग-अलग मेंबर आईडी हो सकती हैं. इसलिए पुरानी कंपनी का PF रिकॉर्ड देखने के लिए उसी मेंबर आईडी को चुनना होगा. नई कंपनी जॉइन करने पर नया UAN बनवाने की बजाय अपना पुराना UAN ही HR को दें. साथ ही नाम, जन्मतिथि और KYC की जानकारी भी सही और एक जैसी होनी चाहिए. इससे पुराने PF अकाउंट को नई नौकरी से जोड़ने और रकम ट्रांसफर कराने में आसानी होती है.
अगर PF जमा नहीं हो रहा तो क्या करें?
अगर सैलरी से PF कट रहा है लेकिन ई-पासबुक में रकम दिखाई नहीं दे रही है, तो पहले कुछ दिनों का समय दें. इसके बाद भी एंट्री न आए तो कंपनी के पेरोल या HR विभाग से संपर्क करें. अगर कंपनी कर्मचारी की सैलरी से PF काटने के बावजूद उसे EPFO में जमा नहीं करती, तो यह गंभीर मामला है. ऐसी स्थिति में कंपनी के खिलाफ EPFO के नियमों के तहत कार्रवाई हो सकती है.
हर 2-3 महीने में सिर्फ 5 मिनट निकालें
PF आपके रिटायरमेंट के लिए जमा होने वाली बड़ी रकम है. इसलिए इसकी निगरानी सिर्फ नौकरी छोड़ते या रिटायरमेंट के समय नहीं, बल्कि नौकरी के दौरान ही करनी चाहिए. हर 2-3 महीने में कुछ मिनट निकालकर सैलरी स्लिप और ई-पासबुक का मिलान कर लें. अगर किसी महीने की रकम नहीं दिख रही है, तो शुरुआत में ही इसकी जानकारी लें. छोटी सी गड़बड़ी समय रहते पकड़ ली जाए तो आगे PF ट्रांसफर, निकासी या रिटायरमेंट के समय होने वाली बड़ी परेशानी से बचा जा सकता है.