उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर में नए प्रोजेक्ट्स के रजिस्ट्रेशन का सिलसिला जारी है. यूपी रेरा के मुताबिक, 2026 में सितंबर तक राज्य में 217 रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स रजिस्टर्ड किए गए हैं. इन प्रोजेक्ट्स में कुल 66,158 रेजिडेंशियल और दूसरी यूनिट्स बनाने का प्रस्ताव है. इनकी कुल प्रोजेक्ट्स लागत 46,795 करोड़ रुपये है.
क्षेत्रवार आंकड़ों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश सबसे आगे है, जबकि जिलों में लखनऊ में सबसे ज्यादा प्रोजेक्ट्स रजिस्टर्ड हुए हैं.
UP RERA के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2026 तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 111 रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स रजिस्टर्ड हुए हैं. इन प्रोजेक्ट्स में 41,666 यूनिट बनाने का प्रस्ताव है और इनकी कुल लागत 35,794.56 करोड़ रुपये है.
मध्य उत्तर प्रदेश में 60 प्रोजेक्ट्स रजिस्टर्ड हुए हैं, जिनमें 16,117 यूनिट प्रस्तावित हैं. इनकी कुल प्रोजेक्ट्स लागत 5,997.05 करोड़ रुपये है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30 प्रोजेक्ट्स के तहत 5,636 यूनिट बनाने का प्रस्ताव है, जिनकी लागत 3,869.34 करोड़ रुपये है.
रोहिलखंड में 12 प्रोजेक्ट्स रजिस्टर्ड हुए हैं. इनमें 1,764 यूनिट प्रस्तावित हैं और कुल लागत 941.73 करोड़ रुपये है. वहीं, बुंदेलखंड में 4 प्रोजेक्ट्स रजिस्टर्ड हुए हैं, जिनमें 975 यूनिट बनाने का प्रस्ताव है. इनकी कुल लागत 192.32 करोड़ रुपये है.
लखनऊ में सबसे ज्यादा प्रोजेक्ट
जिलावार आंकड़ों में लखनऊ 59 प्रोजेक्ट्स के साथ पहले नंबर पर है. यहां इन प्रोजेक्ट्स में 15,959 यूनिट प्रस्तावित हैं और कुल प्रोजेक्ट्स लागत 5,795.33 करोड़ रुपये है.
गौतमबुद्ध नगर में 37 प्रोजेक्ट्स रजिस्टर्ड हुए हैं. संख्या के मामले में ये लखनऊ से पीछे है, लेकिन प्रस्तावित यूनिट और प्रोजेक्ट्स लागत के मामले में सबसे आगे है. यहां 18,599 यूनिट बनाने का प्रस्ताव है और कुल प्रोजेक्ट्स लागत 21,221.37 करोड़ रुपये है.
गाजियाबाद में 35 प्रोजेक्ट्स रजिस्टर्ड हुए हैं. इन प्रोजेक्ट्स में 13,666 यूनिट प्रस्तावित हैं और कुल लागत 11,261.87 करोड़ रुपये है. इस तरह गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद दोनों पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े रियल एस्टेट सेंटर के तौर पर सामने आते हैं.
आगरा, वाराणसी और मथुरा में भी नए प्रोजेक्ट
रेरा के आंकड़ों के मुताबिक, आगरा और वाराणसी में 12-12 रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स रजिस्टर्ड हुए हैं. आगरा में 3,691 यूनिट बनाने का प्रस्ताव है, जबकि वाराणसी में 2,176 यूनिट प्रस्तावित हैं. आगरा की कुल प्रोजेक्ट्स लागत 1,054.58 करोड़ रुपये और वाराणसी की 1,772.89 करोड़ रुपये है.
मथुरा में 11 प्रोजेक्ट्स रजिस्टर्ड हुए हैं, जिनमें 2,126 यूनिट प्रस्तावित हैं. इनकी कुल प्रोजेक्ट्स लागत 829.85 करोड़ रुपये है. इसके अलावा, मुरादाबाद में 8 और बाराबंकी में 7 प्रोजेक्ट्स रजिस्टर्ड हुए हैं. दूसरे जिलों में प्रयागराज में 6, हापुड़ में 4, जबकि मेरठ, बरेली और गोरखपुर में 3-3 प्रोजेक्ट्स रजिस्टर्ड हुए हैं.
गौतमबुद्ध नगर में 21 हजार करोड़ की प्रोजेक्ट्स लागत
जिलावार आंकड़ों में गौतमबुद्ध नगर की कुल प्रोजेक्ट्स लागत 21,221.37 करोड़ रुपये है. ये उत्तर प्रदेश में रजिस्टर्ड सभी प्रोजेक्ट्स की कुल लागत का बड़ा हिस्सा है. गाजियाबाद में प्रोजेक्ट्स लागत 11,261.87 करोड़ रुपये दर्ज की गई है.
इन आंकड़ों से पता चलता है कि राज्य में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स की लागत और प्रस्तावित यूनिट का बड़ा हिस्सा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में केंद्रित है. हालांकि, प्रोजेक्ट्स लागत को वास्तविक बिक्री, निवेश की गई रकम या प्रोजेक्ट से होने वाली कमाई के बराबर नहीं माना जाना चाहिए. ये रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स की बताई गई कुल लागत है.
UP RERA का क्या कहना है?
यूपी रेरा अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी के मुताबिक, साल 2026 में सितंबर तक रजिस्टर्ड 217 प्रोजेक्ट्स, 66,158 प्रस्तावित यूनिट और 46,795 करोड़ रुपये की कुल प्रोजेक्ट्स लागत राज्य के रियल एस्टेट सेक्टर में चल रही गतिविधियों का संकेत देती हैं.
उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में प्रोजेक्ट्स और निवेश की प्रमुख हिस्सेदारी के साथ लखनऊ समेत दूसरे जिलों में भी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स का रजिस्ट्रेशन राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में विकास की संभावनाओं को दिखाता है. प्राधिकरण का उद्देश्य रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है, जिससे घर खरीदारों के हितों की रक्षा की जा सके.