तमिलनाडु सरकार ने सोमवार को प्लॉट और फ्लैटों की पहली बिक्री के लिए ऑनलाइन और बिना दफ्तर जाए रजिस्ट्रेशन को जरूरी बना दिया है. इसका मकसद काम में पारदर्शिता लाना और सब-रजिस्ट्रार दफ्तरों के चक्कर काटने से लोगों को बचाना है.
चेन्नई स्थित सचिवालय में मुख्यमंत्री विजय ने इस योजना की शुरुआत की. यह कदम रजिस्ट्रेशन विभाग को आधुनिक STAR 3.0 सिस्टम पर ले जाने का पहला चरण है. नए नियम के तहत, प्लॉट्स और अपार्टमेंट्स की पहली बिक्री से जुड़े दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन अब सिर्फ ऑनलाइन ही होगा. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, बिल्डर्स, डेवलपर्स और आवेदकों को रजिस्ट्रेशन विभाग के 'TNREGINET' पोर्टल पर अपना अकाउंट बनाना होगा और सभी जरूरी दस्तावेज डिजिटल तरीके से जमा करने होंगे.
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मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के बयान में कहा गया, "तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 17 अगस्त 2026 को सचिवालय में, व्यावसायिक कर एवं पंजीकरण विभाग की ओर से, तमिलनाडु में जमीन और अपार्टमेंट की पहली बिक्री का पंजीकरण केवल ऑनलाइन और बिना दफ्तर पहुंचे अनिवार्य करने की प्रक्रिया की शुरुआत की."
खरीदने, बेचने वालों और गवाहों को अपने सरकारी पहचान विवरण अपलोड करने होंगे और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पूरा करना होगा, इससे उन्हें सब-रजिस्ट्रार ऑफिस जाने की जरूरत बिल्कुल नहीं पड़ेगी. रजिस्ट्री अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर आवेदनों को प्रोसेस करना होगा या तो उन्हें मंजूरी देनी होगी, सुधार के लिए वापस भेजना होगा या खारिज करना होगा. अगर दस्तावेज सुधार के लिए वापस भेजे जाते हैं, तो उन्हें 30 दिनों के भीतर दोबारा जमा किया जा सकता है.
इस सिस्टम में धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े से बचने के लिए भी कड़े इंतजाम किए गए हैं. पीटीआई के अनुसार, रजिस्टर्ड दस्तावेजों पर सब-रजिस्ट्रार के डिजिटल हस्ताक्षर, एक खास पांच-रंगों की मुहर और हर पन्ने पर रजिस्ट्रेशन विवरण वाला QR कोड होगा. यूजर्स अपने अकाउंट से 60 दिनों तक वेरिफाइड दस्तावेज डाउनलोड कर सकेंगे.
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