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'घर महंगा, इसलिए कॉफी पर पैसे खर्च कर रहे Gen Z' , राज शमानी का पोस्ट वायरल

आसमान छूती प्रॉपर्टी की कीमतों और मौजूदा सुस्त अर्थव्यवस्था के बीच आज के युवाओं (Gen Z) के लिए अपना घर खरीदने का सपना बेहद मुश्किल होता जा रहा है. यही वजह है कि युवा अब भविष्य के किसी अनिश्चित और बड़े वित्तीय लक्ष्य के लिए पैसे बचाने के बजाय वर्तमान जीवन-शैली को बेहतर बनाने को प्राथमिकता दे रहे हैं.

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युवाओं की पहुंच से क्यों दूर हुआ घर (Photo-ITG)
युवाओं की पहुंच से क्यों दूर हुआ घर (Photo-ITG)

मशहूर पॉडकास्टर राज शमानी ने यह कहकर एक नई बहस छेड़ दी है कि आज की अर्थव्यवस्था में अधिकांश युवाओं के लिए अपना घर खरीदना पूरी तरह से पहुंच से बाहर होता जा रहा है. राज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर की, जो अब काफी वायरल हो रही है.

इस पोस्ट के जरिए उन्होंने समझाने की कोशिश की है कि आखिर क्यों आज की जनरेशन यानी 'जेन जी' (Gen Z) प्रॉपर्टी जैसे बड़े लक्ष्यों के लिए पैसे बचाने के बजाय महंगी कॉफी जैसी छोटी-मोटी खुशियों पर खुलकर खर्च करना ज्यादा पसंद कर रही है

राज शमानी का तर्क है कि आज के युवाओं में घर खरीदने जैसे पारंपरिक लक्ष्यों के लिए पैसे बचाने का मोटिवेशन कम हो गया है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि आसमान छूती प्रॉपर्टी की कीमतों और स्थिर सैलरी के कारण ये बड़े लक्ष्य उन्हें नामुमकिन जैसे लगने लगे हैं.

राज का कहना है कि भविष्य के किसी अनिश्चित और मुश्किल लक्ष्य के लिए तरसने के बजाय, युवा अपनी कमाई को रोजमर्रा के छोटे-मोटे ऐशो-आराम, जैसे कैफे से महंगी कॉफी खरीदने में खर्च करना बेहतर समझ रहे हैं. उन्होंने अपनी X पोस्ट में लिखा, "जेन जी (Gen Z) द्वारा महंगी कॉफी जैसी छोटी-मोटी विलासिता की चीजों पर आसानी से खर्च करने की वजह यह है कि इस मौजूदा अर्थव्यवस्था में घर खरीदने जैसे लॉन्ग-टर्म लक्ष्य पूरी तरह से पहुंच से बाहर महसूस होते हैं. इसलिए, वे भविष्य के किसी दूर के वित्तीय लक्ष्य के बजाय वर्तमान के जीवन स्तर को तुरंत बेहतर बनाने को प्राथमिकता देते हैं. 

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हालांकि उनके पोस्ट पर एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा, "मैंने पूरा हिसाब-किताब लगाया और मुझे समझ आया कि डाउन पेमेंट का पैसा जुटाने के लिए मुझे पूरे चार हजार साल तक रोज की आइस्ड लाटे पीना छोड़ना होगा. इसलिए हां, मैं अपनी कॉफी में एक्स्ट्रा एस्प्रेसो शॉट बिल्कुल ले रहा हूं."

वहीं दूसरे यूजर ने इसके विपरीत तर्क दिया, "मैं इस बात से सहमत नहीं हूं. महंगी कॉफी और छोटे-मोटे ऐशो-आराम पर खर्च करने वाले ज्यादातर 'जेन जी' युवा उन परिवारों से आते हैं जिनके पास पहले से ही अपने घर हैं या फिर उनका फाइनेंशियल सपोर्ट मजबूत है. इसलिए यह अर्थव्यवस्था के कारण बड़े लक्ष्यों के नामुमकिन होने से ज्यादा, लाइफस्टाइल इन्फ्लेशन और सोशल मीडिया के प्रभाव का मामला है.'

एक यूजर ने लिखा- इसे पढ़ते समय पहले तो लगता है कि Gen-Z लापरवाह हैं, लेकिन असल में ऐसा नहीं है. ज़रा देखिए कि महंगाई दर हर साल बढ़ रही है, रुपया गिर रहा है, और टैक्स वगैरह का क्या हाल है. 

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