मुंबई और आसपास के इलाकों में आसमान छूते घरों के किराए से आम लोग परेशान हैं. नवी मुंबई के वाशी इलाके में करीब 650 वर्ग फुट के 2BHK फ्लैट का मासिक किराया ₹1.2 लाख बताए जाने के बाद Reddit पर इसको लेकर बहस छिड़ गई. सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाया कि मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में मकानों की कीमत और किराया स्थानीय लोगों की आय के मुकाबले आखिर कितना बढ़ चुका है.
Reddit पर शेयर की गई पोस्ट में यूजर ने मुंबई में बढ़ते किराये पर हैरानी जताई. पोस्ट के मुताबिक, बताए गए 650 वर्ग फुट में कारपेट या बिल्ट-अप एरिया शामिल नहीं है, बल्कि यह सुपर बिल्ट-अप एरिया है. यूजर ने लिखा कि प्रति वर्ग फुट के हिसाब से यह दर यूरोप और अमेरिका के कई रियल एस्टेट बाजारों से भी ज्यादा बैठती है, जबकि मुंबई में लोगों की आय उन बाजारों की तुलना में काफी कम है.
पोस्ट के बाद यूजर्स ने प्रतिक्रिया दी, चर्चा सिर्फ ₹1.2 लाख के किराये तक सीमित नहीं रही, बल्कि मुंबई और नवी मुंबई में घर खरीदने और किराये पर लेने की बढ़ती लागत, छोटे होते घरों और आय के मुकाबले महंगे होते रियल एस्टेट पर भी बहस शुरू हो गई.
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क्या वाशी में वाकई इतने महंगे हैं किराये?
Reddit पर कुछ यूजर्स ने इस किराये को लेकर सवाल उठाया, उनका कहना था कि 650 वर्ग फुट के 2BHK के लिए ₹1.2 लाख का किराया सामान्य बाजार दर से काफी अधिक लगता है, वहीं, कुछ लोगों ने नवी मुंबई के स्थापित इलाकों में लगातार बढ़ती मांग को इसकी एक वजह बताया.
रियल एस्टेट विशेषज्ञों के मुताबिक, वाशी में 2BHK के लिए ₹1.2 लाख का मासिक किराया बेहद असाधारण मामला होगा और इसे पूरे बाजार की तस्वीर नहीं माना जा सकता. नवी मुंबई के रियल एस्टेट कंसल्टेंट भारत शिंदे के मुताबिक, प्रीमियम अपार्टमेंट्स का किराया करीब ₹60,000 से ₹90,000 प्रति माह तक हो सकता है. वहीं, वाशी में ज्यादातर 2BHK घरों का किराया करीब ₹40,000 से ₹60,000 प्रति माह के दायरे में रहता है.
उनके अनुसार, ₹1 लाख से ₹1.2 लाख तक का मासिक किराया बेहद कम मामलों में देखने को मिलता है, ऐसे घरों में लोकेशन, निर्माण की गुणवत्ता, सुविधाएं, अपार्टमेंट का आकार और प्रीमियम पोजिशनिंग जैसे कारक अहम हो सकते हैं.
शिंदे ने यह भी कहा कि इस तरह की लिस्टिंग में संभव है कि मकान मालिक ने बाजार दर से ज्यादा किराया मांगा हो, यानी यह जरूरी नहीं कि वास्तव में उस इलाके का मौजूदा बाजार किराया इतना ही हो.
महाराष्ट्र में रहने का खर्च कितना?
भारत सरकार के Household Consumption Expenditure Survey (HCES) 2023-24 के मुताबिक, शहरी महाराष्ट्र में प्रति व्यक्ति औसत मासिक उपभोग खर्च ₹7,363 था, देश के शहरी इलाकों का औसत ₹6,996 रहा. सर्वे के अनुसार, भारत में शहरी परिवारों के कुल उपभोग खर्च में किराये की हिस्सेदारी करीब 8.04% थी.
यूरोप की बात करें तो Eurostat की 2025 की हाउसिंग रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में यूरोपीय संघ के परिवारों ने अपनी डिस्पोजेबल आय का औसतन 19% हिस्सा आवास पर खर्च किया. हालांकि, अलग-अलग देशों में यह आंकड़ा काफी अलग रहा, ग्रीस में यह हिस्सेदारी 36% और डेनमार्क में 26% तक रही.
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