सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन और लगातार चौथे सत्र के दौरान शेयर बाजार में गिरावट आई. डे हाई से सेंसेक्स 1250 अंक गिर गया था, लेकिन कारोबार बंद होते मार्केट में तेज रिकवरी देखने को मिली. हालांकि इसके बाद भी भारतीय बाजार में निवेशकों की कमाई करीब 7 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए.
बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन गुरुवार को 458 लाख करोड़ रुपये पर आ गया था, जबकि शु्क्रवार को यह करीब 7 लाख करोड़ रुपये कम होकर 451 लाख करोड़ रुपये पर आ गया. मार्केट में इतनी बड़ी गिरावट की वजह स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में भारी बिकवाली रही.
शुक्रवार को बीएसई सेंसेक्स भारी गिरावट के बाद शानदार रिकवरी करते हुए 125 अंक गिरकर 73,123.83 पर आ गए. वहीं निफ्टी 87 अंक गिरकर 22,600 पर आ गया. जबकि निफ्टी ने आज 22,372 का निचला स्तर छुआ था और सेंसेक्स ने 72,452.37 का निचला स्तर छुआ था.
मिड और स्मॉलकैप में भारी गिरावट
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में शुक्रवार को हैवी गिरावट देखने को मिली. कारोबार बंद होने पर बीएसई 150 मिडकैप इंडेक्स 2.10% टूटकर 15,143.47 पर बंद हुआ और बीएसई 250 स्मॉलकैप इंडेक्स 2.68% टूटकर 6,440.65 पर क्लोज हुआ. जम्मू एंड कश्मीर बैंक के शेयरों में 16 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई, जबकि स्विगी के शेयरों में करीब 17 फीसदी की गिरावट रही. ये दोनों मिडकैप और स्मॉलकैप सेक्टर के एक्सिडेंट ऑफ द डे स्टॉक रहे.
शुक्रवार को स्मॉलकैप और मिडकैप के ज्यादातर शेयर 3 फीसदी से अधिक गिरावट पर थे, जिस कारण निवेशकों के पोर्टफोलियो में भारी गिरावट देखने को मिली. वहीं बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से सबसे ज्यादा टाटा स्टील के शेयरों में 3.21 फीसदी की गिरावट रही. 20 शेयर गिरावट पर बंद हुए और बाकी 10 शेयर तेजी पर बंद हुए. एटरनल के शेयर करीब 4 फीसदी चढ़कर बंद हुए.
लगातार क्यों टूट रहा बाजार?
सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल को लेकर माना जा रहा है, जो अब 115 डॉलर प्रति बैरल पर आ चुका है. ब्रेंट क्रूड ऑयल शुक्रवार को 1.33% चढ़कर 114.67 डॉलर प्रति बैरल पर आ चुका है. यह तेजी हूतियों के सऊदी अरब पर अटैक के कारण आई है.
विदेशी निवेशकों ने लगातार बिक्री बढ़ाई है. 22 अक्टूबर को विदेश निवेशकों ने 16,113.89 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेच डाले, जबकि DII ने इसकी तुलना में सपोर्ट देते हुए 14,519.12 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे.
स्मॉलकैप और मिडकैप में बड़े स्तर पर बिकवाली देखने को मिली. शुक्रवार को रिटेल से लेकर विदेशी निवेशकों तक ने इन सेक्टर में बिकवाली की. इसके अलावा, कुछ कंपनियों के नतीजों का भी असर मार्केट में दिखाई दिया.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)