राजस्थान के नीमराना में अंधविश्वास के चलते नरबलि देने की कथित साजिश का मामला सामने आया है. दशहरे के दिन घर के बाहर खेल रहे 22 माह के मासूम का अपहरण कर लिया गया. आरोपी बच्चे को बाइक पर बैठाकर उत्तर प्रदेश के मथुरा ले गया, जहां उसकी बलि देने की तैयारी थी. लेकिन मथुरा में एक महंत की सजगता से आरोपी की गतिविधियों पर संदेह हुआ और पुलिस तक सूचना पहुंच गई. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
मामला कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नीमराना कस्बे के होली टिब्बा क्षेत्र का है. यहां अनिल का 22 माह का बेटा कृष्ण घर के बाहर खेल रहा था. इसी दौरान आरोपी ने बच्चे का अपहरण कर लिया. इसके बाद वह उसे बाइक पर बैठाकर उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की ओर निकल गया. बच्चे के लापता होने के बाद परिवार की चिंता बढ़ गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की. करीब 50 घंटे तक चली पड़ताल के बाद पुलिस को बच्चे को तलाशने में सफलता मिली. मासूम कृष्ण को मथुरा जिले के कोसीकलां से बरामद किया गया.
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिहार निवासी 34 वर्षीय विवेक पुत्र श्याम नारायण सिंह के रूप में हुई है. आरोपी पर अंधविश्वास के चलते बच्चे की बलि देने की तैयारी करने का आरोप है. दशहरे के अवसर पर नरबलि दिए जाने की आशंका जताई गई. आरोपी बच्चे को लेकर मथुरा पहुंचा था. वहां उसकी गतिविधियों पर एक महंत को संदेह हुआ. महंत ने देर किए बिना पुलिस को इसकी सूचना दी. सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया. पुलिस ने आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया.
बलि से जुड़ी सामग्री और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद
इस कार्रवाई में महंत की सतर्कता अहम साबित हुई. समय रहते पुलिस को सूचना मिलने से बच्चे को सुरक्षित बचाया जा सका. बच्चे की सकुशल बरामदगी के बाद परिवार ने राहत की सांस ली. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बलि देने से संबंधित सामग्री और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद की है. पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है, ताकि अपहरण और कथित नरबलि की योजना से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटाई जा सके. पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लिया है. उससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसने बच्चे का अपहरण क्यों किया और इस घटना के पीछे क्या वजह थी. मामले में अंधविश्वास के चलते बच्चे की बलि देने की आशंका जताई गई है.
आरोपी की शिनाख्त परेड देखने उमड़ी भीड़
बच्चे की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने नीमराना कस्बे में उसकी शिनाख्त परेड कराई. इस दौरान आरोपी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए. भीड़ में मौजूद कई लोगों ने आरोपी के फोटो और वीडियो भी बनाए, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गए. शिनाख्त परेड के दौरान आरोपी लंगड़ाते हुए चलता दिखाई दिया. उसे देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. मासूम की सुरक्षित बरामदगी के बाद पुलिस की कार्रवाई और महंत की सजगता की सराहना की जा रही है.
पुलिस के मुताबिक, आरोपी विवेक के खिलाफ वर्ष 2009 में बिहार में बाइक चोरी का मामला दर्ज हुआ था. इसके अलावा अजमेर और शाहपुरा में भी उसके खिलाफ बाइक चोरी के मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है. फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बच्चे के अपहरण और नरबलि की कथित योजना के पीछे क्या परिस्थितियां थीं. इस घटना ने एक बार फिर अंधविश्वास के नाम पर मासूम बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.