scorecardresearch
 

UPI Charge Rule: यूपीआई पर MDR के 'A To Z' सवालों का जवाब, ज्यादातर दुकानदारों को चुकाना होगा!

UPI MDR Flat Rate Model: सरकार ने 2000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई पेमेंट पर लगने वाले एमडीआर को एक समान नहीं रखा है. इनमें कुछ खास पेमेंट पर फ्लैट रेट मॉडल लागू किया है, जहां फिक्स्ड एमडीआर वसूला जाएगा.

Advertisement
X
यूपीआई पेमेटं पर चार्ज को लेकर सवालों पर एनपीसीआई के जवाब. (Photo: Reuters)
यूपीआई पेमेटं पर चार्ज को लेकर सवालों पर एनपीसीआई के जवाब. (Photo: Reuters)

मोदी सरकार ने नए यूपीआई लेनदेन पर नए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (UPI MDR Charge) की 'A to Z' डिटेल सामने रख दी है. इसे लेकर नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा बीते मंगलवार को जारी सर्कुलर के मुताबिक 2000 रुपये से कम के यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर जीरो रखा गया है, जबकि इस ज्यादा UPI Payment पर पर्सन टू मर्चेंट 0.40% एमडीआर लागू होगा.

यूपीआई पेमेंट संशोधित एमडीआर अगले महीने 15 अक्टूबर से लागू हो जाएंगी. इंडिया टुडे की गणना के मुताबिक, नई मर्चेंट फीस लागू होने पर UPI के जरिए 2001 रुपये का पेमेंट पाने वाली दुकान को 2,000 रुपये पाने वाली दुकान की तुलना में कम रकम मिलेगी और ज्यादातर व्यापारी ये यूपीआई चार्ज चुकाएंगे. 

NPCI ने दिया हर सवाल का जवाब 
मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) वो रकम होती है, जो व्यापारी की ओर से पेमेंट पर अपने बैंक को देते हैं. सरकार द्वारा इसे लेकर 'A to Z' डिटेल सामने रखे जाने के बाद इससे जुड़े सवालों का नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के द्वारा दिया गया है. इसके अनुसार, ज्यादातर व्यापारी 2,000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर 0.40% फीस देंगे और इस सीमा तक कोई चार्ज नहीं लगेगा. 2,001 रुपये के पेमेंट पर यह लगभग 8 रुपये होता है, जिससे दुकान के पास लगभग 1,993 रुपये बचते हैं.

Advertisement

2,001 रुपये वाला मामला एक अपवाद, नियम नहीं. NPCI के अनुसार, व्यापारियों को किए जाने वाले पेमेंट में से 95% से ज्यादा पेमेंट 2,000 रुपये तक के होते हैं (हालांकि NPCI ने समय-सीमा नहीं बताई है). इस सीमा से ऊपर फीस की अधिकतम सीमा 300 रुपये है. एनपीसीआई ने कहा कि ग्राहकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा और लोगों के बीच परिवार को यूपीआई मनी ट्रांसफर और किसी व्यक्ति के अपने खातों के बीच ट्रांसफर पूरी तरह मुफ्त रहेंगे. 

इंडिया टुडे की गणना के मुताबिक, सामने आया है कि ज्यादातर दुकानें बड़े UPI पेमेंट पर 0.40% फीस देंगी, जिसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये होगी. ग्राहकों और छोटे व्यापारियों को कुछ भी नहीं देना होगा. NPCI के जवाबों में दिए गए उदाहरणों के अनुसार, 3,000 रुपये के पेमेंट पर व्यापारी अपने बैंक को 12 रुपये और 50,000 रुपये पर 200 रुपये का पेमेंट करेगा औऱ ये फीस अधिकतम 300 रुपये तय की गई है. फिर चाहे वो 75 हजार रुपये का पेमेंट हो या फिर 1 लाख रुपये का पेमेंट, दुकान को 300 रुपये ही देने होंगे, न कि 0.40% के हिसाब से 400 रुपये. 

UPI MDR
UPI MDR

'ग्राहक पूरी तरह से सेफ हैं'
कैलकुलेशन से साफ है कि जो दुकानदार 2000 रुपये का यूपीआई पेमेंट लेता है, उसे महज 1 रुपये ज्यादा का पेमेंट लेना भारी पड़ेगा और उसकी कमाई कम होगी. NPCI  के मुताबिक, UPI Payment पर जो एमडीआर लागू होगा, उसे व्यापारी ग्राहकों पर नहीं डाल सकते और UPI ऐप्स अपनी तरफ से कोई प्लेटफॉर्म फीस भी नहीं जोड़ सकते.

Advertisement

कौन कम पेमेंट करेगा या कुछ भी नहीं?
एनपीसीआई ने साफ किया है कि जो वेंडर UPI QR कोड के जरिए सीधे अपने अकाउंट में महीने में P2PM यानी पर्सन-टू-पर्सन मर्चेंट 1 लाख रुपये तक पाते हैं, उन्हें जीरो एमडीआर का लाभ मिलेगा. लेकिन ऐसे वेंडर जो लगातार तीन महीनों तक प्रतिमाह 1 लाख रुपये से ज्यादा का पेमेंट लेते हैं, वे MDR वाली कैटेगरी में आ जाते हैं.

हालांकि, कुछ सेक्टर में ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर तय किए गए एमडीआर रेट्स के बजाय फिक्स्ड 5 रुपये का चार्ज लागू होगा, इनमें रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस और फ्यूल पंप के अलावा बिजली, पानी व पाइप्ड गैस जैसे यूटिलिटी बिलों को शामिल किया गया है. 

शेयर, MF के लिए क्या नियम? 
स्टॉकब्रोकर, सिक्योरिटीज डीलर और म्यूचुअल फंड को किए जाने वाले पेमेंट पर 0.02% की कम दर लागू की जाएगी. इसके लिए भी मैक्सिमम लिमिट 300 रुपये ही है. लेकिन, यहां राहत भरी बात ये है कि UPI मैंडेट के जरिए सेट किए गए रेगुलर पेमेंट पर कोई तय MDR नहीं लगेगा. हालांकि, FAQ में यह साफ नहीं किया गया है कि यूपीआई मैंडेट से किए म्यूचुअल फंड इन्वेस्टमेंट पर कौन सा नियम लागू होगा?

अगस्त में UPI पेमेंट्स का ये कैलकुलेशन 
आंकड़े देखें, तो अगस्त 2026 में UPI से दुकानदारों को लगभग 1,551 करोड़ पेमेंट किए गए, जिनकी कुल वैल्यू 8.95 लाख करोड़ रुपये थी. ये पेमेंट महीनेभर में संख्या के हिसाब से कुल UPI पेमेंट का 63.3% थे, जबकि वैल्यू के हिसाब से कुल का 30% थे.

Advertisement

NPCI के इस डेटा से DIU के कैलकुलेशन को देखें, तो अगस्त में दुकान पर किया गया औसत यूपीआई पेमेंट 577 रुपये था, जबकि पर्सन टू पर्सन यानी लोगों के बीच हुए यूपीआई ट्रांसफर का औसत पेमेंट 2,319 रुपये था. हालांकि, इस औसत से यह साफ नहीं हो सका कि कितने दुकानदारों को यूपीआई से मिला पेमेंट 2,000 रुपये से ज्यादा का था.

इंडिया टुडे के एनालिसिस के मुताबिक, NPCI के मर्चेंट डेटा में बताई गई 29 तरह की दुकानों में से सिर्फ दो ही ऐसी थीं, जिनका औसत पेमेंट अगस्त 2026 में 2,000 रुपये से ज्यादा था. इसके अलावा स्टॉकब्रोकर (7,569 रुपये) और डेट कलेक्शन एजेंसियां ​​(3,441 रुपये) था. किराने की दुकानों पर औसत पेमेंट 217 रुपये और फास्ट फूड के लिए यह सिर्फ 122 रुपये था.

UPI MDR
UPI MDR

4 प्रतिशत का आंकड़ा कहां से आया?
यूपीआई पर चार्ज से जुड़ी खबरों में एक आंकड़ा सामने आया है कि मर्चेंट पेमेंट का सिर्फ 4% हिस्सा 2,000 रुपये से ज्यादा का है. हालांकि, यह आंकड़ा वित्त मंत्रालय के 8 अगस्त के बयान में नहीं है. मंत्रालय ने कहा है कि UPI पर मर्चेंट्स के लिए ज्यादातर ट्रांजैक्शन फ्री रहेंगे, लेकिन इससे जुड़ा कोई प्रतिशत नहीं बताया है. 

जवाबों में क्या बातें साफ नहीं हुईं?
NPCI के जवाबों में 2,000 रुपये की सीमा के बारे में एक जैसी बात नहीं कही गई है. एक जवाब में कहा गया है कि 2,000 रुपये तक के छोटे पेमेंट पर कोई असर नहीं पड़ेगा. दूसरे में कहा गया है कि 2,000 रुपये से कम के किसी भी ट्रांजैक्शन पर MDR नहीं लगेगा. इसमें ठीक 2,000 रुपये के पेमेंट के बारे में कुछ नहीं कहा गया है. NPCI के अपने उदाहरण में 2,000 रुपये के पेमेंट पर कोई शुल्क नहीं लगाया गया है और इस कैलकुलेशन में इसी बात को आधार माना गया है.

Advertisement

स्कूल और कॉलेज की फीस के लिए कोई आंकड़ा पेश नहीं किया गया है. NPCI के जवाब में कहा गया है कि 2,000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर फ्लैट-फीस स्ट्रक्चर या तय प्रोसेसिंग रेट का फायदा मिलता है, लेकिन यह नहीं बताया गया है कि कौन सा या कितना? जवाबों में किसी सर्कुलर नंबर का भी जिक्र भी नहीं है और School Fee फीस को 'इस संशोधन में चर्चा की गई' बताया गया है, लेकिन ये साफ नहीं किया गया कि किस डॉक्यूमेंट में संशोधन किया जा रहा है.

अगस्त के लिए FAQ का आंकड़ा NPCI के अपने आंकड़ों से भी अलग है. FAQ में कहा गया है कि UPI ने अगस्त 2026 में 29.9 लाख करोड़ रुपये मूल्य के पेमेंट प्रोसेस किए, जबकि NPCI के मासिक आंकड़ों में यह आंकड़ा 29.82 लाख करोड़ रुपये है.

गौरतलब है कि UPI Payment MDR चार्ज 15 अक्टूबर से लागू होगा. लेकिन जब तक NPCI और जानकारी नहीं देता, तब तक स्कूल कितना पेमेंट करेगा? और क्या ठीक 2,000 रुपये का पेमेंट भी मुफ्त होगा, यह सब अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाबों पर निर्भर करेगा.

(नोट: MDR पर अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के NPCI के जवाब, NPCI के  UPI के 17 सितंबर को लिए गए अगस्त 2026 के आंकड़े थे. सैंपल पेमेंट पर लगने वाली फीस और पेमेंट के औसत साइज DIU की गणना पर आधारित हैं और औसत से यह साफ नहीं होता कि कितने पेमेंट ₹2,000 से ज्यादा के हैं.'

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement