scorecardresearch
 

Rupee vs Dollar: रुपये को लेकर बड़ी वॉर्निंग... ऐसा हुआ तो 98 पार करेगा, आज ही 94 के करीब

डॉलर के मुकाबले शुक्रवार को रुपया ऑल टाइम लो पर पहुंच गया. यह 94 रुपये के करीब जाकर बंद हुआ है. इस गिरावट को लेकर एक्‍सपर्ट्स ने चिंता जाहिर की है.

Advertisement
X
रिकॉर्ड निचले स्‍तर पर पहुंचा रुपया. (Photo: Representative/ITG)
रिकॉर्ड निचले स्‍तर पर पहुंचा रुपया. (Photo: Representative/ITG)

डॉलर के मुकाबले रुपया में भारी गिरावट आई है. रुपया 94 के करीब पहुंच चुका है. इतिहास में पहली बार डॉलर की तुलना में रुपया 93.71 पहुंचकर बंद हुआ, जो इसका रिकॉर्ड निचला स्‍तर है. इससे पहले बुधवार को इसने अपने रिकॉर्ड निचला स्‍तर बनाया था. 

रुपया में यह गिरावट वेस्‍ट एशिया में जारी जंग और विदेशी निवेशक (FIIs) द्वारा शेयरों की बिक्री जारी रहने के बीच आया है. रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 82 पैसे गिरकर 93.71 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया. बुधवार को मुद्रा अपने सर्वकालिक निचले स्तर 92.89 पर बंद हुई थी. गुड़ी पड़वा के कारण गुरुवार को विदेशी मुद्रा बाजार बंद रहे थे. 

इस गिरावट के बीच, घरेलू ब्रोकरेज Ambit Capital का कहना है कि अगर तेल 90 से 110 के बीच बना रहता है तो  रुपये में 7.5% फीसदी की करेक्‍शन आ सकती है, जिस कारण यह 98.90 पर पहुंच सकता है. 

दबाव में रहेगा रुपया
एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी एक्‍सपर्ट जतीन त्रिवेदी ने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के निगेटिव असर को बाजारों द्वारा पहले से ही ध्यान में रखते हुए रुपये में भारी गिरावट आई और यह डॉलर के मुकाबले 93.71 पर आ गया. कच्चे तेल की कीमतों में निरंतर मजबूती से भारत का आयात बिल काफी बढ़ जाएगा, जिससे घरेलू मुद्रा पर दबाव बना रहेगा. शॉर्ट टर्म में रुपये के अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 93.00 से 94.25 के कमजोर दायरे में कारोबार करने की संभावना है.

Advertisement

रुपये में बड़ी गिरावट की चेतावनी 
एम्बिट कैपिटल ने एक रिपोर्ट में कहा है कि उसे उम्मीद है कि अगले एक साल में रुपये में 6.5-7.5% की गिरावट आएगी. ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि पिछले आंकड़ों से पता चलता है कि 90-110 डॉलर प्रति बैरल की दर से तेल की कीमत रुपये में 6-7.5% की गिरावट ला सकती है. इसका कारण यह है कि तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहने पर, अन्य सकारात्मक कारकों के अभाव में, अमेरिकी डॉलर की तुलना में भारत रुपये का स्तर 97.5 से 98.9 तक गिर सकता है.

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एक्‍स्‍पर्ट दिलीप परमार ने कहा कि गुरुवार की छुट्टी के बाद भारतीय रुपया लगातार विदेशी पैसों की निकासी और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के दोहरे झटके से जूझ रहा है.जिस कारण नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया. जियो पॉलिटिकल अस्थिरता शॉर्ट टर्म मार्केट के रुझान का मुख्य कारण बनी हुई है, लेकिन USD-INR का टेक्निकल इंफ्रास्ट्रक्‍चर तेजी का संकेत दे रहा है. रुपया 93.75 के स्तर पर नजर रख रहा है और सपोर्ट लेवल 92.90 पर आ गया है. 
 
कच्‍चा तेल और शेयर बाजार
खबर लिखे जाने तक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.64 प्रतिशत बढ़कर 109.36 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. वहीं शुक्रवार को सेंसेक्स 325 अंक बढ़कर 74,532 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 112 अंक बढ़कर 23,114 पर बंद हुआ. एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को कुल मिलाकर 7,558.19 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement