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'काम आई भारतीय गुरु की सीख...', रॉबर्ट कियोसाकी बोले- मैं तो सिर्फ पैसे कमाने में लगा था

Robert Kiyosaki Viral Post: रॉबर्ट कियोसाकी की एक नई पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें उन्होंने सोना-चांदी या बिटक्वाइन में निवेश के बजाय अपने जीवन के मकसद के बारे में बड़ी बात कही है.

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रिच डैड पुअर डैड के लेखक का नया सोशल मीडिया पोस्ट वायरल (Photo: X/@theRealKiyosaki)
रिच डैड पुअर डैड के लेखक का नया सोशल मीडिया पोस्ट वायरल (Photo: X/@theRealKiyosaki)

मशहूर किताब 'रिच डैड पुअर डैड' के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी (Robert Kiyosaki) सोशल मीडिया पर खासे एक्टिव रहते हैं और आए दिन अपनी पोस्ट के जरिए लोगों को निवेश की सलाह देते रहते हैं. अक्सर उनकी वायरल पोस्ट में सोना-चांदी (Gold-Silver) में निवेश सबसे ऊपर रहता है, जिसे वे अमीर बनने का जरिया बताते हैं. इसके अलावा क्रिप्टो एसेट्स, खासतौर पर बिटक्वाइन में निवेश को अच्छा ऑप्शन करार देते हैं. 

कियोसाकी की एक नई पोस्ट वायरल हो रही है, जिसमें उन्होंने इन्वेस्टमेंट टिप्स देने के बजाय अपनी जिंदगी के मकसद को लेकर बात की है और इसे समझने में एक भारतीय गुरु का बड़ा योगदान बताया है. उन्होंने लिखा, 'Indian Guru की बातों ने मुझे झकझोर दिया था.'

'भारतीय गुरु की बात ने झकझोरा...'
Rich Dad Poor Dad के लेखक कियोसाकी ने अपने ट्विटर (अब X) हैंडल से एक पोस्ट करते हुए लिखा, 'आपकी जिंदगी का मकसद क्या है? सालों पहले, मैं एक भारतीय गुरु की बात सुन रहा था, जिन्होंने कहा था कि आपके शरीर का मकसद आपकी आत्मा के लक्ष्य को पूरा करना है. उनकी बातों ने मुझे झकझोर दिया था, क्योंकि उस समय मेरा शरीर सिर्फ पैसे कमाने में लगा हुआ था.'

कियोसाकी बोले- समझ आया मकसद
Robert Kiyosaki ने अपनी इस लंबी चौड़ी पोस्ट में आगे लिखा कि मुझे यह समझने में बहुत समय लगा कि मेरी आत्मा का मकसद क्या है? आखिरकार मुझे समझ आया कि मेरी आत्मा का मकसद सिखाना था यानी एक टीचर बनना, जो कि आखिरी चीज थी जिसके बारे में मैंने कभी सोचा था कि मैं ऐसा बनूंगा, क्योंकि मैं स्कूल में फेल हो गया था और मुझे स्कूल से नफरत थी.

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पैसे की बात पर झूठ बोलना
कियोसाकी ने आगे लिखा, 'मुझे पता था कि जब पैसे की बात आती है, तो हमारे स्कूल हमसे झूठ ही बोलते हैं. यही वजह है कि 50 साल से भी पहले मैंने मैन्युफैक्चरर का काम छोड़ा और वही सिखाना शुरू किया, जो मेरे अमीर डैड ने मुझे सिखाया था, फिर मेरी जिंदगी बदल गई. इन सालों में मैंने देखा है कि बहुत से लोग अपनी आत्मा का मकसद नहीं ढूंढ़ पाते, क्योंकि वे गुजारा करने और पैसे के लिए काम करने में ही बहुत व्यस्त रहते हैं.'

'सालों तक मेरा मजाक उड़ा'
सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने आगे कहा कि अपना मकसद खोजने का एक तरीका यह है कि आप खुद से पूछें कि इंसानियत की सेवा के लिए मेरा दिल क्या करना चाहता है? फिर वही काम फ्री में करना शुरू करें, जो आपका दिल करना चाहता है. मेरे डैड ने जो सीख दीं, मैंने मुफ्त में लोगों को सिखाना शुरू किया. रॉबर्ट कियोसाकी के मुताबिक, सालों तक मेरा मजाक उड़ाया गया, क्योंकि मैं सिखाता था 'बचत करने वाले हारते हैं और कर्ज आपको अमीर बना सकता है. अब वह मुफ्त शिक्षा एक मल्टी-मिलियन डॉलर के बिजनेस में बदल गई. 

लेखक ने कहा कि  जैसा कि मार्टिन लूथर ने अपनी हत्या से एक दिन पहले कहा था, 'मैं बस भगवान की मर्जी पूरी करना चाहता हूं. और हो सकता है कि मैं आपके साथ उस 'प्रॉमिस्ड लैंड तक न पहुंच पाऊं.' वे भगवान की मर्जी पूरी कर रहे थे, यह जानते हुए भी कि लोग उनके काम से डरे हुए थे. अंत में उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि आप खुद परखें और जानें कि आपकी आत्मा का मकसद क्या है? अपना ख्याल रखें.

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