भारतीय शेयर बाजार में जियो प्लेटफॉर्म की दमदार लिस्टिंग हुई है, जिसके बाद रिलायंस भारत की मोस्ट वैल्यूएबल ग्रुप बन चुका है. मार्केट कैप के लिहाज से रिलायंस भारत की सबसे बड़ा ग्रुप हो गया है और यह कमाल तब हुआ, जब टेलीकॉम सेक्टर की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म ने शेयर बाजार में 21.36 परसेंट की दमदार लिस्टिंग के साथ एंट्री ली.
स्टॉक मार्केट में सबसे ज्यादा वैल्यू वाला ग्रुप बनने के बाद Reliance ने टाटा ग्रुप को पीछे छोड़ दिया है. Jio की लिस्टिंग 1,358 रुपये प्रति शेयर पर हुई, जो इसके IPO इश्यू प्राइस 1,119 रुपये प्रति शेयर से 21.36 पर्सेंट से ज्यादा है. इसके साथ, NSE पर इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 12,50,586.39 रुपये करोड़ हो गया, जिससे यह Bharti Airtel Ltd को पीछे छोड़कर Reliance Industries Ltd के बाद दूसरी सबसे ज्यादा वैल्यू वाली कंपनी बन गई और ग्रुप की कंबाइंड वैल्यू 30 लाख करोड़ से रुपये से ज्यादा हो गई.
टाटा ग्रुप अब दूसरे नंबर पर आ गया है, जिसका मंगलवार को कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 25.51 लाख करोड़ रुपये था. वहीं बिजनेस टुडे के AceEquity डेटा से पता चला कि एक दिन पहले अडानी ग्रुप की कुल मार्केट वैल्यू 16.68 लाख करोड़ रुपये थी.
मजबूत लिस्टिंग के साथ, जियो ने दिन में पहले कम से कम तीन ब्रोकरेज द्वारा दिए गए 12 महीने के टारगेट को लगभग बराबर या पार कर लिया. MOFSL ने आज पहले कहा कि हम इसे खरीदने की रेटिंग और 1,350 रुपये के टारगेट के साथ कवरेज शुरू कर रहे हैं, जो DCF-समर्थित FY29 के रिपोर्ट किए गए EBITDA के 11.5 गुना पर बेस्ड है.
IPO प्राइस पर, JPL, भारती के इंडिया बिजनेस के हमारे अनुमानित वैल्यूएशन के बराबर ट्रेड कर रहा है. हमारा मानना है कि JPL, अपनी मार्केट लीडरशिप, इंडस्ट्री टैरिफ पर ज्यादा असर और कम लिक्विडिटी की वजह से, जल्द ही भारती के इंडिया बिजनेस के मुकाबले प्रीमियम पर ट्रेड कर सकता है.
ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म ने कहा-खरीदें
इस ब्रोकरेज ने Jio Platforms Ltd को सिर्फ़ मार्केट लीडर ही नहीं, बल्कि एक कैटेगरी क्रिएटर भी कहा है. Nomura और Elara Securities ने भी स्टॉक पर 'Buy' रेटिंग्स का सुझाव दिया, और उनके प्राइस टारगेट 20-22 परसेंट की संभावित बढ़त का इशारा दे रहे थे.
नोमुरा ने 'बाय' रेटिंग और Rs 1,340 के टारगेट प्राइस के साथ कवरेज शुरू किया था, और इसकी वैल्यू दिसंबर 2028 के अनुमानित Ebitda के 12 गुना पर रखी थी, जो भारती एयरटेल लिमिटेड के बराबर था. टारगेट का मतलब था कि IPO प्राइस Rs 1,119 से 20 परसेंट ज़्यादा है. पिछली बार सुना था कि जियो पर 247 रुपये का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) चल रहा था, जिससे 22 परसेंट लिस्टिंग पॉप का इशारा मिल रहा था.
उसने कहा कि हमारा मानना है कि Jio के लिए भारी 5G इन्वेस्टमेंट साइकिल काफी हद तक पीछे छूट गया है, FY26 में कैपेक्स रेवेन्यू का 23 परसेंट रह गया, जो FY25 में 35 परसेंट था, जिससे काफी कैश फ्लो फ्री हुआ है. बैलेंस शीट तेजी से सुधर रही है, नेट डेट/इक्विटी (डेफर्ड पेमेंट ऑब्लिगेशन्स सहित) FY24 में 0.56x से घटकर FY26 में 0.37x हो गई है, और हमें उम्मीद है कि कंपनी FY29 तक नेट डेट-फ्री हो जाएगी.
मोतीलाल ओसवाल ने क्या कहा?
MOFSL ने कहा कि जियो की कमाई और वैल्यूएशन वायरलेस ARPU ग्रोथ के लिए बहुत सेंसिटिव हैं. वायरलेस ARPU में हर महीने 10 रुपये के बदलाव से जियो का कंसोलिडेटेड Ebitda 3,800-3,900 करोड़ रुपये बदलता है और इसका टारगेट 58 रुपये प्रति शेयर या 4 परसेंट तक बदल सकता है.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय निवेशकों की सलाह जरूर लें.)