scorecardresearch
 

फटने वाला है AI बबल? स्‍टॉक मार्केट को लेकर अब RBI ने दी चेतावनी

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एआई स्‍टॉक को लेकर बड़ी चेतावनी दी है. उनका कहना है कि ग्‍लोबल मार्केट में व्‍यापक तेजी की जगह सिर्फ एआई और उससे रिलेटेड स्‍टॉक में तेजी आई है, जिससे उच्‍च अस्थिरता बनी हुई है.

Advertisement
X
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की चेतावनी. (Photo: File/ITG)
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की चेतावनी. (Photo: File/ITG)

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बड़ी चेतावनी दी है. यह वॉर्निंग ग्‍लोबल मार्केट में AI की वजह से आई बड़ी गिरावट को लेकर है. केंद्रीय बैंक का कहना है कि ग्‍लोबल मार्केट में कॉरपोरेट अर्निंग में ग्रोथ के रिवैल्‍यूएशन और AI रिलेटेड स्‍टॉक के वैल्‍यूएशन के कारण आई गिरावट भारतीय बाजार को भी प्रभावित कर सकती है. 

RBI ने अपनी फाइनेंशियल स्‍टैबिलिटी रिपोर्ट (FSR) में कहा है कि AI से रिलेटेड निवेश अब बॉन्‍ड मार्केट्स समेत बाकी कैपिटल मार्केट के अन्‍य सेक्‍टर्स में भी फैल रहे हैं. साउथ कोरिया, ताइवान और जापान समेत कई मार्केट्स में हाल ही में AI से सबंधित शेयरों में तेजी और उच्‍च अस्थिरता देखी गई थी. 

रिपोर्ट में कहा गया है कि AI से संबंधित टेक कंपनियों के एक छोटे ग्रुप के कारण फोकस ज्‍यादा बना हुआ है, जो एआई को अपनाने में टॉप इकोनॉमी देशों या इसकी सप्‍लाई चेन में भाग लेने वाली अर्थव्‍यवस्‍थाओं में शेयर मार्केट के प्रदर्शन को तेजी से प्रभावित कर रहा है. 

अमेरिकी बाजार में आ सकती है बड़ी गिरावट
हाल ही में कुछ उभरते बाजारों के बेहतर प्रदर्शन की खास वजह व्‍यापक मजबूती के बजाय एआई से जुड़ी कंपनियां रही हैं. केंद्रीय बैंक ने कहा कि ये दोनों ही वित्तीय अस्थिरता के सोर्स बने हुए हैं, क्‍योंकि इन कंपनियों में बिकवाली से अमेरिका में व्‍यापक बाजार में गिरावट आ सकती है और आय संबंधी प्रभावों के माध्‍यम से अन्‍य बाजारों में भी इसका असर फैल सकता है. 

Advertisement

लोन देने वाली कंपनियां भी हो सकती हैं प्रभावित
आरबीआई के रिपोर्ट में कहा गया है कि जैसे-जैसे हाइपरस्केल कंपनियां घटते फ्री कैश फ्लो के बीच एआई बिल्डआउट पर कैपिटल एक्‍सपेंडेचर बढ़ा रही हैं , उन्होंने इन निवेशों को फंडिंग जारी के लिए पिछले दो वर्षों में बड़ा लोन लिया है. खर्च में और अधिक विस्तार होने के साथ ही लोन फंड में भी बढ़ोतरी होने की उम्‍मीद है. आरबीआई ने कहा कि इसलिए, एआई बेस्‍ड असेट वैल्‍यू में गिरावट इस चैनल के माध्यम से जोखिम पैदा कर सकती है, क्योंकि बैंक पर्सनल लोन फर्मों और एआई बूम को फंडिंग करने वाले अन्य फर्म भी प्रभावित हो सकते हैं.

एआई बबल की फटने की आशंका बढ़ी
गौरतलब है कि अमेरिका में कई पैमानों पर इक्विटी वैल्‍यूवेशन के मापदंड ऐतिहासिक सीमा के ऊपरी स्‍तर पर बने रहे. वहीं आरबीआई के अनुसार, अमेरिकी इक्विटी बाजारों में बाकी विश्व का निवेश उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है, और मार्च 2020 में 7.5 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर मार्च 2026 में अमेरिकी इक्विटी में सकल विदेशी हिस्सेदारी 21 ट्रिलियन डॉलर हो गई है. 

जबकि दक्षिण कोरिया का शेयर बाजार एक सप्ताह पहले 10% गिर गया, जिससे लोअर सर्किट लग गया और ट्रेडिंग रुक गई. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि एआई बबल के फटने की आशंकाएं बढ़ गईं. भारतीय बाजार समेत अन्य एशियाई बाजारों में भी गिरावट आई. 

Advertisement

(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.) 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement