सोमवार को आईटी सेक्टर के परसिस्टेंट सिस्टम्स लिमिटेड के शेयरों में भारी गिरावट आई. परसिस्टेंट सिस्टम्स लिमिटेड के शेयर 11.64 प्रतिशत गिरकर 4,277.25 रुपये के नए 52-सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गए. ये कंपनी, जर्मनी की आईटी सर्विस नागरो एसई के अधिग्रहण का ऐलान किया है, जिसके बाद इसमें बड़ी गिरावट आई है.
इस डील का उद्देश्य यूरोप और मिडिल ईस्ट में परसिस्टेंट के कारोबार का विस्तार करना, मैन्युफैक्चरिंग, रिटेल और पब्लिक सर्विस सेक्टर्स में अपनी उपस्थिति को मजबूत करना है. नागारो जर्मनी में लिस्टेड है, इसलिए यह लेनदेन जर्मन और भारतीय दोनों नियामक आवश्यकताओं के तहत होगी.
परसिस्टेंट ने कहा कि जर्मनी के वित्तीय नियामक, BaFin से शेयर होल्डर्स के लिए प्रस्ताव खोले जाने से पहले औपचारिक प्रस्ताव दस्तावेज की जांच और अप्रूवल लेना होगा. लेन-देन के 2026 की चौथी तिमाही/2027 की पहली तिमाही में पूरा होने की उम्मीद है. तब तक, परसिस्टेंट और नागरो पूरी तरह से स्वतंत्र और अलग-अलग प्रबंधित कंपनियों के रूप में काम करना जारी रखेंगे.
दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी डिजिटल इंजीनियरिंग कंपनी
परसिस्टेंट ने यह भी बताया कि ज्वाइंट वेंचर राजस्व के हिसाब से दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी डिजिटल इंजीनियरिंग कंपनी और भारत की सातवीं सबसे बड़ी टेक सर्विस कंपनी बन जाएगी, जिसका सालाना रेवेन्यू 2.9 बिलियन डॉलर से अधिक होगा.
क्या इसे खरीदना चाहिए?
बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, मार्केट एक्सपर्ट्स नीरज दीवान ने कहा कि मुझे लगता है कि अपने मजबूत उत्पाद पोर्टफोलियो को देखते हुए परसिस्टेंट अपने कई प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर स्थिति में है. हालिया गिरावट के बाद, यह स्टॉक व्यापक सॉफ्टवेयर बाजार से बेहतर प्रदर्शन करने के लिए अच्छी स्थिति में दिख रहा है. मौजूदा स्तरों पर, मैं परसिस्टेंट को खरीदने का एक अच्छा अवसर मानता हूं.
कब कर सकते हैं खरीदारी?
वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज में इक्विटी स्ट्रैटेजी की निदेशक क्रांति बाथिनी ने मौजूदा स्तरों पर 'गिरावट आने पर खरीदारी' की रणनीति अपनाने की सलाह दी. टेक नजरिए से YES सिक्योरिटीज के लक्ष्मीकांत शुक्ला ने कहा कि निकट भविष्य में परसिस्टेंट पर हमारा नजरिया नकारात्मक बना हुआ है. हमें उम्मीद है कि शेयरों में और गिरावट आएगी और यह 4,200 रुपये के स्तर तक नीचे जा सकता है, जो इसका मजबूत सपोर्ट होगा.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)