ओडिशा सरकार ने वर्ष 2030 तक 10 गीगावाट (GW) से अधिक रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता विकसित करने का लक्ष्य तय किया है. राज्य अब पारंपरिक बिजली उत्पादन मॉडल से आगे बढ़ते हुए क्लीन एनर्जी, ग्रीन फ्यूल और लो-कार्बन इंडस्ट्री का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में काम कर रहा है.
यह घोषणा उपमुख्यमंत्री के. वी. सिंह देव ने भुवनेश्वर में आयोजित 'E3: Energise, Empower, East' कन्वेंशन के पांचवें संस्करण में की. इंडियन इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (IEEMA) के इस दो दिवसीय कार्यक्रम को पूर्वी भारत के पावर और इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट सेक्टर के प्रमुख आयोजन के रूप में आयोजित किया गया.
ओडिशा का ग्रीन एनर्जी पर फोकस
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा अपनी मजबूत औद्योगिक बुनियाद और प्राकृतिक संसाधनों के आधार पर ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाना चाहता है. राज्य के पास समृद्ध हाइड्रो इलेक्ट्रिक रिसोर्स, 575 किलोमीटर लंबी कोस्टलाइन, आधुनिक बंदरगाह, मजबूत मिनरल वैल्यू चेन और स्किल्ड वर्कफोर्स पलब्ध है. उन्होंने कहा कि इन्हीं क्षमताओं के आधार पर राज्य सोलर, विंड, हाइड्रो, एनर्जी स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूटेड एनर्जी सेक्टर में बड़े पैमाने पर निवेश और क्षमता विस्तार पर काम कर रहा है.
के. वी. सिंह देव ने वैश्विक उद्योग जगत, टेक्नोलॉजी कंपनियों और निवेशकों को ओडिशा में निवेश के लिए आमंत्रित किया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थिर औद्योगिक नीति, पारदर्शी प्रशासन और तेज़ फैसलों के साथ निवेशकों को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है. ऊर्जा और उद्योग विभाग मिलकर निवेश परियोजनाओं को आगे बढ़ाएंगे.
ओडिशा के उद्योग मंत्री संपद चंद्र स्वैन ने कहा कि राज्य समर्पित इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, अत्याधुनिक टेस्टिंग लैब, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, मजबूत एमएसएमई सप्लायर नेटवर्क और उद्योग-अकादमिक सहयोग विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है. उन्होंने IEEMA से राज्य के साथ मिलकर भविष्य की उत्पाद संभावनाओं की पहचान करने, मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित करने, स्थानीय वेंडर नेटवर्क को मजबूत करने और नई तकनीकों को तेजी से अपनाने में सहयोग करने की अपील की.
पूर्वी भारत बनेगा नया इन्वेस्टमेंट हब
IEEMA के अध्यक्ष विक्रम गंडोत्रा ने कहा कि पूर्वी भारत में बदलता नीतिगत माहौल और सरकार की सकारात्मक पहल उद्योग जगत का भरोसा बढ़ा रही है. उनका मानना है कि सरकारी नीतियों का लाभ उठाने के लिए आने वाले वर्षों में बड़ी संख्या में कंपनियां इस क्षेत्र में निवेश करेंगी. राज्य सरकार को उम्मीद है कि रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम पर फोकस से ओडिशा देश के प्रमुख स्वच्छ ऊर्जा केंद्रों में शामिल होगा.