मुकेश अंबानी की एक कंपनी के शेयर में भारी गिरावट आई है, जिस कारण यह शेयर अब 8 रुपये भाव के थोड़ा ऊपर करोबार कर रहा है. सिर्फ एक साल के अंदर ही इस शेयर में 53 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है. मंगलावार के कारोबार के दौरान भी इस शेयर में भारी गिरावट देखने को मिली.
हम जिस शेयर की बात कर रहे हैं, वह रिलायंस इंडस्ट्रीज सर्पोटिव Alok Industries के शेयर हैं. यह मगंलवार को 4.24 प्रतिशत टूटकर 8.13 रुपये के नए 52-सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया. रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) सपोर्टिव कपड़ा कंपनी के इस शेयरों में लगातार छठे सत्र में गिरावट जारी है.
कंपनी ने क्या दी जानकारी?
स्टॉक एक्सचेंज BSE और NSE ने हाल ही में आलोक इंडस्ट्री से उसके ट्रेडिंग वॉल्यूम में हुई बढ़ोतरी को लेकर स्पष्टीकरण भी मांगा है. हालांकि, कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि हमने एसईबीआई (लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स) रेगुलेशंस, 2015 (लिस्टिंग रेगुलेशंस) के अनुसार सभी आवश्यक खुलासे कर दिए हैं.
ऐसी कोई जानकारी नहीं है जिसे स्टॉक एक्सचेंजों को घोषित नहीं किया गया हो और जिसे कंपनी को लिस्टिंग विनियमों के अनुसार घोषित करना चाहिए था. आलोक इंडस्ट्रीज ने आगे कहा कि हमने लिस्टिंग विनियमों और स्टॉक एक्सचेंजों के साथ अपने समझौतों के तहत अपने दायित्वों के अनुपालन में खुलासे किए हैं और आगे भी करते रहेंगे.
कंपनी की कमाई
रिलायंस समर्थित कंपनी ने 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही (वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही) के लिए 138.25 करोड़ रुपये का कंसोलिडेट नेट घाटा दर्ज किया, जबकि वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में 171.56 करोड़ रुपये का नेट घाटा हुआ था. हालांकि, ऑपरेशन से राजस्व में इस तिमाही के दौरान वार्षिक आधार पर 6.50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 993.11 करोड़ रुपये तक पहुंच गया.
गौरतलब है कि जून 2026 तक, रिलायंस के पास आलोक इंडस्ट्रीज में 40.01 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जबकि जेएम फाइनेंशियल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी के पास 34.99 प्रतिशत हिस्सेदारी थी.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)