दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट के बीच भारतीय शेयर मार्केट ने शुक्रवार को शानदार प्रदर्शन किया. सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार खरीदारी देखने को मिली और दोनों इंडेक्स लगातार 7वें कारोबारी दिन बढ़त के साथ बंद हुए. सेंसेक्स 1,718 अंक उछलकर 81000 के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी ने 493 अंकों की छलांग के साथ एक बार फिर 25,000 का स्तर हासिल कर लिया. विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने बाजार का मूड बेहतर किया.
खास बात यह रही कि अमेरिकी और एशियाई बाजारों में भारी गिरावट के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी जारी रही. शुक्रवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,718.01 अंक यानी 2.17% की तेजी के साथ 81,028.02 पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान यह अपने दिन के सबसे ऊंचे स्तर पर रहा. वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 493.75 अंक यानी 2.01% उछलकर 25,030.35 पर बंद हुआ. दोनों इंडेक्स लगातार सातवें कारोबारी दिन बढ़त के साथ बंद हुए.
पिछले सात कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स कुल 7,781.99 अंक यानी 10.62% चढ़ चुका है. इसी दौरान निफ्टी में 2,331.5 अंक यानी 10.27% की तेजी आई है. बैंक निफ्टी में भी 1312.35 अंकों की तेजी रही और यह इंडेक्स दिन के कारोबारी सत्र की समाप्ति पर 59086 के स्तर पर बंद हुआ.
सात दिन में बाजार ने कितनी लगाई छलांग?
शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला पिछले कई सत्रों से जारी है. गुरुवार को भी सेंसेक्स ने 2,008.61 अंक यानी 2.60% की छलांग लगाई थी और 79,310.01 पर बंद हुआ था. निफ्टी भी 576 अंक यानी 2.40% चढ़कर 24,536.60 पर पहुंच गया था. यानी लगातार दो कारोबारी सत्रों में आई जोरदार तेजी ने बाजार को नई ऊंचाई की ओर बढ़ाया. शुक्रवार को सेंसेक्स 81 हजार और निफ्टी 25 हजार के पार पहुंचने में कामयाब रहे.
सेंसेक्स का टॉप गेनर रहा महिंद्रा एंड महिंद्रा
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) का शेयर सबसे ज्यादा चमका. इसमें 6.15% की तेजी आई. कंपनी ने गुरुवार को सितंबर तिमाही के नतीजे घोषित किए थे. जुलाई-सितंबर तिमाही में उसका कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 25% बढ़कर 4,587.88 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी की ऑटो सेगमेंट में मजबूत बिक्री और रेवेन्यू ग्रोथ से नतीजों को सहारा मिला. इसके अलावा ICICI बैंक, HDFC बैंक, टाइटन, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में भी तेजी रही. सेंसेक्स की कंपनियों में सिर्फ पावर ग्रिड का शेयर गिरावट के साथ बंद हुआ.
FIIs की खरीदारी, सस्ता क्रूड बना सहारा
बाजार में तेजी की एक बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की खरीदारी रही. एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में 14,974.68 करोड़ रुपये के शेयरों की नेट खरीदारी की. इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से भी निवेशकों को राहत मिली. ब्रेंट क्रूड 1.50% गिरकर 96.82 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए क्रूड की कीमतें घटने से देश के आयात बिल और महंगाई पर दबाव कम होने की उम्मीद रहती है.
अमेरिकी और एशियाई बाजारों में भारी गिरावट
भारतीय बाजार की तेजी ऐसे समय में आई, जब दुनिया के कई बड़े शेयर बाजार गिरावट से जूझ रहे थे. गुरुवार को अमेरिकी बाजारों में भारी बिकवाली हुई. नैस्डैक कंपोजिट 5.52% टूट गया, जबकि S&P 500 में 4.36% और डाउ जोन्स में 3.44% की गिरावट दर्ज की गई. एशियाई बाजारों में भी दबाव देखने को मिला. दक्षिण कोरिया का कोस्पी 6.02% और जापान का निक्केई 225 करीब 5.96% गिरकर बंद हुआ. शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग भी 1% से ज्यादा टूटे. यूरोपीय बाजारों में भी कारोबार के दौरान कमजोरी बनी हुई थी.
विदेशी बाजारों में गिरावट तो भारत में तेजी क्यों?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर के मुताबिक, विदेशी बाजारों में उथल-पुथल के बीच निवेशक भारतीय शेयर बाजार को अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प के तौर पर देख रहे हैं. अमेरिकी बाजारों में टेक्नोलॉजी शेयरों की भारी बिकवाली और डेमोक्रेट्स की ओर से सख्त रेगुलेशन की आशंका ने वहां निवेशकों की चिंता बढ़ाई. इसके उलट भारत में विदेशी निवेशकों की खरीदारी और घरेलू बाजार के बेहतर संकेतों से तेजी को समर्थन मिला.