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Tax Collection का बना रिकॉर्ड, सरकारी खजाने में आया 'पैसा ही पैसा'!

Tax Collection: कोरोना संकट के बावजूद पिछले वित्त वर्ष में सरकार को टैक्स से मोटी कमाई हुई. रेवेन्यू सेक्रेटरी ने शुक्रवार को इस बात की जानकारी दी.

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रेवेन्यू सेक्रेटरी तरूण गोयल ने टैक्स कलेक्शन से जुड़ी जानकारी दी
रेवेन्यू सेक्रेटरी तरूण गोयल ने टैक्स कलेक्शन से जुड़ी जानकारी दी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • इकोनॉमी में बेहतरी के संकेत
  • टैक्स-टू-जीडीपी रेशियो में सुधार

फाइनेंशियल ईयर 2021-22 में सरकार को टैक्स के जरिए रिकॉर्ड 27.07 लाख करोड़ रुपये की इनकम हुई. रेवेन्यू सेक्रेटरी तरूण बजाज ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अप्रैल 2021 से मार्च 2022 के बीच सरकार का ग्रॉस टैक्स कलेक्शन (Gross Tax Collection) 27.07 लाख करोड़ रुपये रहा. टैक्स कलेक्शन का ये आंकड़ा पिछले फाइनेंशियल ईयर के बजट अनुमान के मुकाबले काफी अधिक रहा.

डाइरेक्ट टैक्स कलेक्शन इतना बढ़ा

बजाज ने बताया कि फाइनेंशियल ईयर 2021-22 में देश के डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 49 फीसदी का उछाल देखने को मिला. वहीं, इनडाइरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 30 फीसदी का इजाफा देखने को मिला. बजाज ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में डाइरेक्ट टैक्स कलेक्शन 14.10 लाख करोड़ रुपये पर रहा. यह पिछले वित्त वर्ष के बजट अनुमान से 3.02 लाख करोड़ रुपये ज्यादा रहा. 

उन्होंने बताया कि सरकार को कस्टम्स से होने वाली आमदनी में 41 फीसदी का इजाफा देखने को मिला. 

इकोनॉमी में सुधार के संकेत

रेवेन्यू सेक्रेटरी ने साथ ही कहा कि टैक्स रेवेन्यू में सुधार इकोनॉमी की लचीलपन को दिखाता है. उन्होंने बताया कि एक्साइज ड्यूटी का कलेक्शन भी बजट अनुमान से अधिक रहा.

उन्होंने बताया कि पिछले वित्त वर्ष में सरकार ने इनडाइरेक्ट टैक्स कलेक्शन के रूप में 12.90 लाख करोड़ रुपये जुटाए. यह 11.02 लाख करोड़ रुपये के बजट अनुमान से ज्यादा रहा.  

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टैक्स-टू-जीडीपी रेशियो में सुधार

फाइनेंशियल ईयर 2021-22 में टैक्स-टू-जीडीपी रेशियो 11.7 फीसदी पर रहा. वित्त वर्ष 2020-21 में टैक्स-टू-जीडीपी रेशियो 10.3 फीसदी पर रहा था. यह 1999 के बाद सबसे ज्यादा है. 

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