डोनाल्ड ट्रंप के मंत्री मार्को रुबियो आज भारत आ रहे हैं और यहां आने से पहले ही उन्होंने एक बड़ी खुशखबरी दे दी है. ये भारत-अमेरिका के बीच होने वाली ट्रेड डील से जुड़ी हुई है. अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा है कि India-US Trade Deal फाइनल होने वाली है और दोनों देश इसके बेहद करीब पहुंच गए हैं.
इस दौरान रुबियो ने अमेरिका द्वारा ग्राहम एक्ट के तहत रूस पर लगाए जाने वाले प्रतिबंधों में छूट को लेकर भी बात की और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, कीमतों और राष्ट्रीय हितों का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिकी विदेश नीति के फैसलों में कई कारकों पर विचार किया जाता है.
'India-US डील होने वाली है!'
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि वाशिंगटन भारत के साथ एक व्यापार समझौता फाइनल करने के बहुत करीब है. इसके साथ ही उन्होंने भारत के साथ अमेरिका की व्यापार वार्ता को डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा छूट संबंधी फैसलों से भी जोड़ा. रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, 'हम अभी भारत के साथ एक व्यापार समझौता फाइनल करने की कोशिश कर रहे हैं. हम ऐसा करने के बहुत करीब हैं.'
US के मंत्री ने बताया- क्यों दी रूस को छूट?
रूसी तेल (Russian Oil) और गैस के मुद्दे पर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में हमें वैश्विक आपूर्ति और कीमतों पर पड़ने वाले असर की वजह से प्रतिबंधों में छूट देनी पड़ी है. हमें इन सभी चीजों को संभालना पड़ता है. अभी हम भारत के साथ एक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के काफी करीब हैं. जब राष्ट्रपति राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी छूट या इस तरह के अन्य मामलों पर कोई फैसला लेते हैं, तो हम इन बातों को भी ध्यान में रखते हैं.
रुबियो ने आगे कहा कि हर देश के सामने कई जटिल कारक होते हैं, जिन्हें ध्यान में रखना जरूरी होता है. अमेरिकी विदेश मंत्री के मुताबिक, भौगोलिक स्थिति एक वास्तविकता है. कुछ देशों के लिए ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत खोजना बहुत मुश्किल होता है और यह कोई बहाना नहीं है, लेकिन विदेश नीति तय करते समय इन सभी बातों के बीच संतुलन बनाना पड़ता है.
Trump के फैसले पर दिया था ये बयान
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते शनिवार को अचानक रूसी तेल खरीदारों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने के फैसले को रोक दिया था और इसके पीछे तर्क दिया कि यह फैसला सुरक्षा कारणों की वजह से लिया गया है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ट्रंप के इस फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि Donald Trump 60 दिनों का समय लेना चाहते हैं, ताकि वे यह समझ सकें कि रूस पर प्रतिबंध लगाने और अन्य देशों पर टैरिफ लगाने का ग्लोबल इकोनॉमी पर क्या असर होगा.
इसके साथ ही रुबियो ने भारत की रूसी तेल खरीद पर भी बात की थी और कहा कि भारत जैसे देश ने अपनी एनर्जी जरूरतों के सोर्स में विविधता लाई है, लेकिन वे अभी भी रूस से काफी मात्रा में तेल खरीद रहे हैं, जिसका कारण है कि कोई भी देश रातों-रात पूरी तरह से दूसरे सोर्स पर निर्भर नहीं हो सकता है.