भारत के लिए अमेरिका से अच्छी खबर आई है. रूस के साथ कथित व्यापार संबंधों को लेकर चार भारतीय कंपनियों पर लगाए गए प्रतिबंध हटा लिए गए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार से अमेरिका द्वारा ये बैन हटाए गए हैं और इसकी जानकारी अमेरिकी वित्त विभाग ने शेयर करते हुए कहा है कि US ने चार भारतीय कंपनियों पर उन बैन को हटाया है, जो रूस के सैन्य-औद्योगिक अड्डे का समर्थन करने के लिए लेटेस्ट टेक्नोलॉजी और उपकरण की आपूर्ति करने के आरोपों पर लगाए गए थे. अब अमेरिका की प्रतिबंध लिस्ट से अलग हो गई हैं.
इन कंपनियों को बड़ी राहत
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी वित्त विभाग के मुताबिक हैदराबाद स्थित आरआरजी इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (RRG Engineering Technologies) और लोकेश मशीन्स लिमिटेड पर से प्रतिबंध हटाए गए हैं. तो वहीं अहमदाबाद स्थित गैलेक्सी बियरिंग्स और नई दिल्ली स्थित शौर्य एरोनॉटिक्स प्राइवेट लिमिटेड को विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFC) की बैन लिस्ट से हटा दिया गया है.
गैलेक्सी पर 2024 में लगा था बैन
भारतीय कंपनी गैलेक्सी बियरिंग्स लिमिटेड पर अक्टूबर 2024 में प्रतिबंध लगाया गया था. अमेरिका ने उस समय कंपनी पर रोलर बियरिंग और रोलर असेंबली समेत दर्जनों हाई क्वालिटी वाले दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं को रूसी संस्थाओं को निर्यात करने का आरोप लगाया था. अब अमेरिकी वित्त विभाग ने इन आरोपों को वापस लेते हुए कंपनी पर से हैन हटा दिए हैं.
अन्य तीन कंपनियों में अगला नाम शौर्य एरोनॉटिक्स प्राइवेट लिमिटेड का है, जिसे बैन मुक्त कर दिया गया है. इसपर कथित तौर पर रडार उपकरण, रेडियो नेविगेशनल एंड उपकरण, रेडियो रिमोट कंट्रोल उपकरण और दूसरे इलेक्ट्रिक उपकरण रूस को भेजने के आरोप लगा गए थे.
RRG पर इसलिए था प्रतिबंध
अमेरिका ने भारतीय कंपनी आरआरजी इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजीज पर रूस स्थित कंपनी आर्टेक्स लिमिटेड को माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स की 100 से अधिक खेपें भेजने का आरोप लगाया गया था. इसके बाद इसे प्रतिबंध वाली अमेरिकी लिस्ट में शामिल किया गया था.
एक अन्य भारतीय कंपनी अमेरिका की इस प्रतिबंधों वाली लिस्ट में शामिल थी, जिसका नाम लोकेश मशीन्स है और इस पर विभिन्न रूसी मैन्युफेक्चरिंग कंपनियों को मशीन टूल्स की दर्जनों खेपों की आपूर्ति करने का आरोप लगाया गया था.
ट्रेड डील से पहले आई खबर
US-Iran Trade Deal पर बातचीत का दौर जारी है और दोनों ही देश टैरिफ विवाद के बाद अब अपने रिश्तों को ट्रैक पर लाने की कोशिश में लगे हुए हैं. अमेरिका की ओर से भारतीय कंपनियों पर प्रतिबंध हटाया जाना एक पॉजिटिव सिग्नल माना जा रहा है. रिपोर्ट्स में दोनों देशों के बीच डील पर बातचीत अब अंतिम चरण में बताई जा रही है.