समस्तीपुर में शराब तस्करी के मामले में गिरफ्तार नेहा झा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. रेल पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम यानी SIT का गठन किया है. टीम शराब तस्करी से जुड़े उसके नेटवर्क के साथ परिवार के सदस्यों की भूमिका की भी पड़ताल करेगी. SIT का नेतृत्व समस्तीपुर के रेल डीएसपी करेंगे.
दरअसल, पिछले दिनों नई दिल्ली से जयनगर जा रही 12562 स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के AC फर्स्ट क्लास कूपे से नेहा झा और उसके जीजा ईशान को गिरफ्तार किया गया था. दोनों के पास से करीब डेढ़ लाख रुपये मूल्य की 75 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई थी. बिहार में शराब तस्करी से जुड़ा यह नेहा का पहला मामला बताया जा रहा है.
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गिरफ्तारी के बाद नेहा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. वीडियो में उसके आत्मविश्वास और बेबाक अंदाज को लेकर लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं. कुछ लोग उसके पक्ष में बात करने लगे तो कुछ ने गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाए. वायरल वीडियो को देखकर कई लोगों को शुरुआत में विश्वास ही नहीं हुआ कि वह शराब तस्करी के आरोप में पकड़ी गई है.
AI से फर्जी तस्वीरें और वीडियो वायरल
मामला सोशल मीडिया पर ट्रेंड होने के साथ ही नेहा झा को लेकर तरह-तरह के दावे सामने आने लगे. AI का इस्तेमाल कर उसके नाम से मीम्स बनाए जा रहे हैं. इतना ही नहीं, उसके माता-पिता, बहन और भाई की तस्वीरें बताकर भी कथित तौर पर फर्जी तस्वीरें प्रसारित की जा रही हैं. इससे गलत सूचनाओं के फैलने का खतरा बढ़ गया है.
एक अन्य मामले में किसी दूसरी लड़की, जिसका चेहरा नेहा से मिलता-जुलता नजर आ रहा है, उसके डांस का वीडियो भी वायरल किया गया. इसे नेहा झा का वीडियो बताकर शेयर किया जा रहा है. सोशल मीडिया पर उसके चेहरे और पहचान को लेकर भी पक्ष और विपक्ष में बहस चल रही है. इस बीच नेहा को लेकर वायरल सामग्री की सत्यता पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
रेल पुलिस अब सोशल मीडिया की चर्चाओं से अलग मामले की वास्तविकता और तस्करी के नेटवर्क पर फोकस कर रही है. SIT यह पता लगाने में जुटेगी कि नेहा कथित शराब कारोबार से कब से जुड़ी थी और उसके संपर्क किन लोगों से थे. परिवार के सदस्यों की भूमिका भी जांच के दायरे में रखी गई है.
जेल में आम बंदियों की तरह रह रही नेहा
नेहा की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा भी चल रही है कि क्या उसे जेल में कोई विशेष सुविधा मिल रही है. कुछ लोगों का दावा है कि कथित हाई प्रोफाइल नेटवर्क के चलते उसे VIP ट्रीटमेंट या बाहर से विशेष खाना दिया जा रहा होगा. हालांकि जेल सूत्रों के मुताबिक हकीकत इससे अलग है.
जानकारी के अनुसार, नेहा समस्तीपुर मंडल कारा के महिला सेल में अन्य बंदियों की तरह रह रही है. उसे जेल मैनुअल के मुताबिक भोजन दिया जा रहा है. जेल परिसर में कैंटीन की सुविधा भी उपलब्ध है, जहां बंदी अपनी जरूरत के मुताबिक समोसा, लिट्टी, मिठाई और दूध जैसी चीजें खरीद सकते हैं.
मंडल कारा में बाहर से खाना भेजने पर सख्ती से रोक है. बिहार जेल मैनुअल के अनुसार सुबह चाय, बिस्किट, चना और गुड़ दिया जाता है. दोपहर और रात के भोजन में रोटी, चावल, दाल और मौसमी हरी सब्जियां शामिल होती हैं. इसके अलावा सप्ताह में मांसाहारी भोजन देने का भी प्रावधान है.
मोबाइल डिटेल से खुलेगा शराब नेटवर्क का राज
रेल एसपी मुजफ्फरपुर वीणा कुमारी ने मामले की जांच के लिए SIT गठित की है. रेल पुलिस को अब तक मिली जानकारी में यह भी सामने आया है कि नेहा के परिवार के कुछ सदस्य पहले शराब से जुड़े मामलों में गिरफ्तार होकर जेल जा चुके हैं. इसी वजह से जांच का दायरा अब बरामद शराब और नेहा-ईशान की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगा.
SIT नेहा और उसके जीजा ईशान के मोबाइल की डिटेल भी खंगालेगी. जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश होगी कि शराब की सप्लाई कहां-कहां की जाती थी, इसके खरीदार कौन थे और सप्लायरों से उनका संपर्क कैसे हुआ. इसके साथ ही नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी सामने लाने की कोशिश होगी.
अब SIT यह पता लगाएगी कि शराब तस्करी का यह नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें परिवार के कौन-कौन से लोग या बाहरी सदस्य जुड़े हुए हैं. फिलहाल नेहा झा की गिरफ्तारी का मामला बिहार में सोशल मीडिया पर खासा चर्चा में है. एक तरफ AI के जरिए गलत सूचनाएं फैल रही हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस असली नेटवर्क की तह तक पहुंचने में जुटी है.