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बाढ़ पीड़ित महिलाओं को पप्पू यादव ने दिए 500-500 रुपये... फिर गाड़ी से भी लुटाया पैसा

बिहार में बाढ़ के बीच पूर्णिया सांसद पप्पू यादव कटिहार के कुरसेला पहुंचे और बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की. उन्होंने सैकड़ों महिलाओं को 500-500 रुपये की आर्थिक मदद दी और जाते वक्त भी भीड़ के बीच रुपये बांटे. इस दौरान उन्होंने सरकार, नेताओं, अधिकारियों और ठेकेदारों पर गंभीर आरोप लगाए और बाढ़ से जुड़े कामों की जांच की मांग की.

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'40 साल में बाढ़ बचाव के काम की हो सुप्रीम कोर्ट से जांच'.(Photo: Screengrab)
'40 साल में बाढ़ बचाव के काम की हो सुप्रीम कोर्ट से जांच'.(Photo: Screengrab)

बिहार में आई बाढ़ की त्रासदी के बीच पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव रात के समय कटिहार जिले के कुरसेला प्रखंड पहुंचे. यहां रेलवे स्टेशन के मालगोदाम में रह रहे बाढ़ पीड़ितों से मिलने और उनकी मदद करने के लिए पहुंचे सांसद के आते ही लोगों की भीड़ जुट गई. पप्पू यादव ने पहले महिलाओं से जमीन पर एक लाइन में बैठने का आग्रह किया.

इसके बाद पप्पू यादव खुद लाइन में बैठी सैकड़ों बाढ़ पीड़ित महिलाओं के पास पहुंचे और एक-एक करके उनके हाथ में 500-500 रुपये दिए. उन्होंने महिलाओं को आर्थिक मदद दी. सांसद जब वहां से वापस जाने लगे तो बचे हुए बाढ़ पीड़ितों ने उन्हें रोक लिया और और पैसे देने की गुहार लगाने लगे.

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इसके बाद पप्पू यादव अपनी गाड़ी के गेट पर खड़े होकर चलते हुए भीड़ के बीच रुपये बांटने लगे. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग उनके आसपास जमा हो गए और हर कोई आर्थिक मदद लेना चाहता था. भीड़ के बीच काफी मशक्कत के बाद सांसद किसी तरह अपनी गाड़ी को आगे बढ़ा सके और वहां से रवाना हुए.

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'हमारा एकमात्र टारगेट गरीबों तक पहुंचना'

इस दौरान पप्पू यादव ने नेताओं, पदाधिकारियों और ठेकेदारों पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा है कि उनके खजाने में नेता, पदाधिकारी और ठेकेदारों के लिए पैसा है. उन्होंने कहा कि जब तक गरीबों को मरते रहने दिया जाएगा, तब तक वह इसकी बात उठाते रहेंगे.

सांसद ने कहा कि फिलहाल उनका एकमात्र टारगेट ज्यादा से ज्यादा बाढ़ पीड़ित और गरीब परिवारों तक पहुंचना है, उनकी मदद करना है. हर परिवार और महिला को 500 से 1000 रुपये तक देने, अधिक से अधिक राशन पहुंचाने और ज्यादा से ज्यादा लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए पूरे पंचायत में दवाइयों की व्यवस्था परसों से शुरू होगी.

पप्पू यादव ने कहा कि जब बिहार में बाढ़ आती है तो यह नेताओं के लिए अवसर और पदाधिकारियों व माफिया-ठेकेदारों के लिए लूट का मौका बन जाता है. उन्होंने दावा किया कि इस समय बिहार के 19 जिले और 56 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे समय में बिहार का कोई विधायक कहां है.

'40 साल में बाढ़ बचाव के काम की हो सुप्रीम कोर्ट से जांच'

पप्पू यादव ने कहा कि पिछले 40 साल में बाढ़ से बचाव के लिए जितने टेंडर हुए, एंटी इरोजन और फ्लड फाइटिंग के जितने काम हुए, उनकी सुप्रीम कोर्ट के नेतृत्व में जांच होनी चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इन कामों पर खर्च हुए पैसे का हिसाब क्यों नहीं होना चाहिए.

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उन्होंने कहा कि बिहार में दो-दो मुख्यमंत्री आए और छह मिनट रुककर चले गए, लेकिन मृतकों के परिजनों से नहीं मिले. पप्पू यादव ने भागलपुर के सिकंदर मंडल और बादल मंडल का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी मौत हो गई, 70 लाख रुपये की नाव चली गई, लेकिन आज तक उसका पैसा नहीं मिला.

सांसद ने दावा किया कि भागलपुर के बाढ़ पीड़ित सात दिनों से भूखे हैं. उनके मुताबिक, वहां केवल एक घंटे के लिए बांध पर सामुदायिक रसोई खुलती है. चापाकल नहीं है. उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आप माफिया के साथ घूम रहे हैं. उन्होंने भागलपुर के कहलगांव के राजकुमार सिंह का भी जिक्र किया और कहा कि भागलपुर अनुमंडल को मुख्यमंत्री से बहुत उम्मीद है.

'62 ठेकेदारों ने फ्लड फाइटिंग में पूरी लूट मचा दी'

पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि भागलपुर में 62 ठेकेदारों ने फ्लड फाइटिंग के काम में पूरी लूट मचा दी. उन्होंने कहा कि भागलपुर, मुंगेर, लखीसराय और कटिहार समेत कई जगहों पर बाढ़ की स्थिति खराब है. सांसद ने कहा कि वह नौ दिनों से नदी से नहीं निकले हैं और इस दौरान लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों से मिल रहे हैं.

उन्होंने कहा कि पिछले नौ दिनों में करीब आठ लाख बाढ़ पीड़ित परिवारों से वह मिल चुके हैं. उनके मुताबिक, महिलाएं सड़कों पर सो रही हैं और नीचे बैठकर खाना खा रही हैं. कहीं डेस्क-बेंच नहीं है, कहीं पानी की व्यवस्था नहीं है तो कहीं शौचालय तक नहीं है.

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कटिहार के कुरसेला प्रखंड में चल रहे सामुदायिक किचन को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाया. पप्पू यादव ने कहा कि वहां एक घंटे में 300 लोगों को खाना खिला दिया जाता है और 5 हजार रुपये का बिल बना दिया जाता है. उन्होंने सवाल किया, क्या आप आम आदमी और गरीब को कुत्ता-बिल्ली समझते हैं? उन्होंने पूछा कि क्या सांसद और विधायक के पास पैसा नहीं होता.

'राष्ट्रीय आपदा अभी तक घोषित क्यों नहीं हुई?'

पप्पू यादव ने सवाल उठाया कि दानापुर और हाजीपुर के सांसद-विधायक बाढ़ प्रभावित इलाकों में क्यों नहीं निकल रहे हैं. उन्होंने कहा कि हालात अच्छे नहीं हैं और सवाल किया कि अभी तक बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा क्यों घोषित नहीं किया गया.

उन्होंने कोसी त्रासदी का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय मनमोहन सिंह की सरकार ने राष्ट्रीय आपदा घोषित की थी. साथ ही उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस कथित बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि नीतीश कुमार की सरकार बना दीजिए, डबल इंजन की सरकार पांच साल में बिहार को बाढ़ मुक्त कर देगी.

पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि जब से यह सरकार आई है, 1,363 बांध टूट चुके हैं. उन्होंने कहा कि बिहार बर्बाद हो गया है और किसान भी बर्बाद हो गए हैं. उन्होंने फरक्का संधि, भीमनगर बैराज, बगहा बैराज और इंद्रपुरी बराज का मुद्दा उठाते हुए सरकार से सवाल किए.

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फरक्का से भीमनगर तक सरकार पर उठाए सवाल

पप्पू यादव ने कहा कि पिछले 25 साल से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की डबल इंजन सरकार रही है और कुछ समय इंडिया गठबंधन की सरकार भी रही. उन्होंने सवाल किया कि फरक्का संधि को लेकर बिहार को बचाने के लिए काम क्यों नहीं हुआ और भीमनगर बैराज का मुद्दा आगे क्यों नहीं बढ़ा.

उन्होंने मुख्यमंत्री के 'किंगमेकर' होने का जिक्र करते हुए पूछा कि बगहा बैराज का काम आगे क्यों नहीं बढ़ा. साथ ही सवाल किया कि इंद्रपुरी बराज की वजह से बिहार लगातार क्यों डूबता रहता है.

सांसद ने कहा कि मौजूदा हालात में सरकार और जनप्रतिनिधियों को बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच जाकर उनकी मदद करनी चाहिए. उन्होंने दावा किया कि वह लगातार बाढ़ग्रस्त इलाकों में पहुंच रहे हैं और आगे भी पीड़ित परिवारों तक राहत पहुंचाने की कोशिश जारी रखेंगे.

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