मथुरा रेलवे स्टेशन के बाहर से 5 महीने के मासूम का अपहरण करने वाले मध्य प्रदेश के एक निसंतान दंपति को गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपियों ने अपनी कोई संतान न होने और पीड़ित परिवार के बच्चों को देखकर मन में आए लालच के कारण इस वारदात को अंजाम दिया था.
सर्कल ऑफिसर (रिफाइनरी) प्रवीण तिवारी ने बताया कि पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अगवा बच्चे को सकुशल बचा लिया है और उसके माता-पिता को सौंप दिया है.
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संजीव और उसकी लिव-इन पार्टनर सीमा के रूप में हुई है. दोनों आरोपियों को शुक्रवार सुबह करीब 7:10 बजे मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के बसैया गांव स्थित एक मंदिर से उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वे तीर्थयात्रा से लौट रहे थे.
आरोपी महिला सीमा मुरैना के जिला अस्पताल में दाई का काम करती है. साल 2018 में उसकी शादी हुई थी, लेकिन कोई संतान न होने के कारण पति उसे प्रताड़ित करता था, जिसके बाद पति के छोड़ने पर वह पिछले तीन सालों से संजीव के साथ रह रही थी.
हस्तरेखा विशेषज्ञ की भविष्यवाणी और अपहरण की पूरी कहानी
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि यह जोड़ा पिछले शनिवार को मथुरा आया था और विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन के सिलसिले में मथुरा जंक्शन के आसपास ही ठहरा हुआ था.
मथुरा रेलवे स्टेशन पर एक हस्तरेखा विशेषज्ञ ने सीमा को देखकर कहा था कि उसकी कुंडली के अनुसार उसे संतान का योग है.
रविवार को यह जोड़ा उन्नाव निवासी देवशंकर मिश्रा, उनकी पत्नी गौरी और उनके दो बच्चों के संपर्क में आया. यह पीड़ित परिवार मथुरा जंक्शन के गेट नंबर-2 के बाहर टिन शेड में रह रहा था.
आरोपी दंपत्ति ने परिवार से दोस्ती कर ली और उनके पास ही रहने लगे. हालांकि, पीड़ित बच्चे की मां गौरी को उनकी गतिविधियों पर लगातार शक हो रहा था. मंगलवार को मौका मिलते ही आरोपियों ने रेलवे स्टेशन के बाहर अपनी मां के पास सो रहे 5 महीने के मासूम का अपहरण कर लिया और फरार हो गए.
पुलिस की सतर्कता से सुरक्षित मिला मासूम
घटना की रिपोर्ट दर्ज होते ही मथुरा पुलिस ने सर्विलांस और सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की. लोकेशन मध्य प्रदेश के मुरैना में मिलने पर पुलिस टीम ने छापेमारी कर मंदिर से दोनों को दबोच लिया और बच्चे को उनके कब्जे से छुड़ा लिया.
सीओ प्रवीण तिवारी ने बताया, "बच्चे को उसके माता-पिता को सुरक्षित सौंप दिया गया है. आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है."