मुंगेर इंजीनियरिंग कॉलेज में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दोपहर बाद अचानक बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और कॉलेज कर्मियों की तबीयत बिगड़ने लगी. किसी को पेट में तेज दर्द हुआ तो किसी को उल्टी और सिरदर्द की शिकायत होने लगी. देखते ही देखते बीमार छात्रों और कर्मचारियों को एंबुलेंस से मुंगेर सदर अस्पताल पहुंचाया जाने लगा. देर रात तक अस्पताल में मरीजों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा.
सदर अस्पताल की इमरजेंसी में करीब 25 छात्र-छात्राओं का इलाज चल रहा था. वहीं कॉलेज कर्मियों के मुताबिक करीब 50 छात्र और कर्मचारी प्रभावित हुए हैं. अचानक इतने मरीजों के पहुंचने से अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भी अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई. डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम सभी मरीजों के इलाज में जुटी रही.
इलाज कर रहे चिकित्सक डॉ. फैजुद्दीन ने बताया कि अब तक करीब 25 छात्र-छात्राओं का उपचार किया जा रहा है. अधिकांश मरीजों में पेट दर्द, उल्टी और सिरदर्द की शिकायत मिली है. चिकित्सकों की निगरानी में सभी का इलाज किया जा रहा है और फिलहाल उनकी हालत नियंत्रण में बताई जा रही है.
प्रसाद खाने के बाद बिगड़ी तबीयत?
घटना की वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. हालांकि, कॉलेज परिसर में 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा का आयोजन हुआ था. बताया जा रहा है कि पूजा के दौरान कुछ लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया था. इसके अगले दिन कई लोगों की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई. इसी वजह से शुरुआती तौर पर प्रसाद को फूड पॉइजनिंग की संभावित वजह माना जा रहा है. हालांकि, कॉलेज प्रबंधन ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है.
कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. शंभू शंकर ने बताया कि शुक्रवार दोपहर से छात्रों और कर्मियों की तबीयत खराब होने की जानकारी मिली थी. इसके बाद तत्काल सभी को सदर अस्पताल भेजा गया. उन्होंने कहा कि घटना के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए टीम गठित की गई है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी.
प्राचार्य के मुताबिक, फिलहाल कॉलेज परिसर की स्थिति सामान्य है. कुछ छात्रों में घबराहट की स्थिति भी देखी गई, जिसके बाद उन्हें एहतियात के तौर पर अस्पताल में भर्ती कराया गया. घटना की जानकारी वरीय अधिकारियों और संबंधित विभाग को भी दे दी गई है. कॉलेज के अधिकारी सदर अस्पताल पहुंचकर मरीजों के इलाज की व्यवस्था का जायजा लेते रहे.