
बिहार की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. दो निर्दलीय विधान पार्षद (MLC) भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए हैं. इनमें सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव जीतने वाले राहुल राज और तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जीते बंशीधर ब्रजवासी शामिल हैं.
राहुल राज की बीजेपी में वापसी इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि उन्होंने सारण शिक्षक सीट पर NDA के सहयोगी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के उम्मीदवार आनंद पुष्कर के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ा था. इसके बाद बीजेपी ने उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था.
सम्राट चौधरी से मिले राहुल राज, रूडी भी रहे मौजूद
BJP में वापसी से पहले राहुल राज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात करने पहुंचे थे. इस दौरान सारण से बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी भी मौजूद थे. राहुल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कीं.
CM हाउस से निकलने के बाद राहुल राज ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने शिक्षकों के मुद्दे रखे. सम्राट चौधरी ने शिक्षकों की मांगों और समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने का सकारात्मक आश्वासन दिया है.

JDU उम्मीदवार को हराने पर राहुल राज ने क्या कहा?
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में JDU उम्मीदवार आनंद पुष्कर को हराने के सवाल पर राहुल राज ने कहा, "मैंने NDA को नहीं हराया, बल्कि कम्युनिस्ट विचारधारा के प्रत्याशी को हराया. कोई व्यक्ति 10 दिन के अंदर कम्युनिस्ट विचारधारा से आकर एनडीए का उम्मीदवार बन जाता है, तो कार्यकर्ता उसको स्वीकार नहीं कर पाएंगे."
राहुल राज ने आनंद पुष्कर पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने पिछला चुनाव वामपंथी पार्टी CPI के टिकट पर लड़ा था. चुनाव से 10-15 दिन पहले उन्होंने JDU जॉइन की थी. ऐसे में पार्टी कार्यकर्ता उन्हें स्वीकार नहीं कर पाए.
आनंद पुष्कर को NDA का उम्मीदवार बनाए जाने पर राहुल राज ने कहा कि इसमें जेडीयू और गठबंधन की कोई मजबूरी रही होगी.
तिरहुत से निर्दलीय जीते बंशीधर ब्रजवासी भी BJP में शामिल
BJP में शामिल होने वाले दूसरे विधान पार्षद बंशीधर ब्रजवासी हैं. उन्होंने तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीता था.
चुनाव की मतगणना में बंशीधर ब्रजवासी को कुल 31 हजार 832 वोट मिले थे, जबकि एनडीए उम्मीदवार अभिषेक झा को 22 हजार 685 मत प्राप्त हुए. इस तरह बंशीधर ने 9,147 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी. दोनों निर्दलीय विधान पार्षदों के बीजेपी में शामिल होने से बिहार की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है.