'आंदोलन खत्म हो गया है...' मंच से यह ऐलान हो चुका था. प्रतिनिधिमंडल जिला प्रशासन से मिल चुका था. ऐसा लग रहा था कि छात्र अपने-अपने घर लौट जाएंगे. लेकिन अगले कुछ मिनटों में जो हुआ, उसने पूरे प्रदर्शन की तस्वीर बदल दी. दरअसल, बिहार के बेगूसराय और कटिहार में 23 जुलाई को छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया. दोनों जगह पुलिस पर पथराव हुआ, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगे और अब पुलिस एक-एक चेहरे की तलाश में जुटी है.
बेगूसराय में नीट पेपर लीक और जंतर-मंतर पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में एआईएसएफ और आइसा ने प्रदर्शन किया. जीडी कॉलेज से डीएम ऑफिस तक मार्च निकाला गया. प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया और आंदोलन खत्म करने की घोषणा भी कर दी गई. लेकिन तभी माहौल पलट गया.

आरोप है कि भीड़ में शामिल कुछ लोग अचानक पुलिस पर रोड़े और पत्थर बरसाने लगे. देखते ही देखते डीएम ऑफिस के बाहर अफरा-तफरी मच गई. कई पुलिसकर्मी और अन्य लोग घायल हुए. पुलिस वाहन के शीशे टूट गए. हालात ऐसे बने कि पुलिस को लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ना पड़ा.
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अब पुलिस ने उस दिन के CCTV और वीडियो फुटेज खंगाले हैं. नतीजा... 30 चेहरों की तस्वीरें सार्वजनिक कर दी गई हैं. पुलिस ने लोगों से पूछा है कि क्या आप इन्हें पहचानते हैं? इस मामले में अब तक मोहम्मद सनाउल्लाह, मोहम्मद शाहनवाज, अभिषेक कुमार और प्रशांत कुमार समेत चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे एआईएसएफ के राष्ट्रीय सचिव अमीन हमजा ने भी दावा किया कि आंदोलन समाप्त होने के बाद असामाजिक तत्व भीड़ में घुस आए और उन्होंने पत्थरबाजी कर पूरे आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश की.
वहीं कटिहार में जिला समाहरणालय के बाहर भी 23 जुलाई को छात्रों का प्रदर्शन हिंसक हो गया. पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान उपद्रवियों ने समाहरणालय के गेट और पुलिस बल पर ईंट-पत्थरों से हमला किया. इसके बाद पुलिस ने वीडियो फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान शुरू की. कुछ लोगों की तस्वीरें सार्वजनिक कर दी गईं और लोगों से उनकी पहचान बताने की अपील की गई. कार्रवाई भी तेजी से हुई. कटिहार पुलिस अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि बाकी की तलाश जारी है.
दो जिले... दो प्रदर्शन... और अब एक जैसी कार्रवाई
बेगूसराय में 30 लोगों की तस्वीरें जारी हुई हैं, जबकि कटिहार में तस्वीरों के आधार पर गिरफ्तारी का सिलसिला जारी है. पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के जरिए हर उस शख्स तक पहुंचा जाएगा, जिसने प्रदर्शन की आड़ में हिंसा, पथराव या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया. बेगूसराय और कटिहार, दोनों जगह पुलिस ने साफ किया है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पुलिस पर हमला करने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.