चुनाव आयोग ने बिहार विधान परिषद की 9 खाली हो रही सीटों पर चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है. दरअसल विधान परिषद के इन 9 सदस्यों का मौजूदा कार्यकाल 28 जून को खत्म हो रहा है.
निर्वाचन आयोग के मुताबिक, ये सभी सीटें विधायक कोटे की हैं, यानी इन सीटों पर नए सदस्यों का चुनाव बिहार विधानसभा के विधायकों के वोटों के जरिए किया जाएगा. आयोग ने साफ किया है कि 20 जून से पहले हर हाल में चुनाव की पूरी प्रक्रिया संपन्न करा ली जाएगी.
बिहार विधान परिषद की 9 सीटों की चुनावी प्रक्रिया की शुरुआत जून के पहले हफ्ते से होने जा रही है. इसके बाद 18 जून को मतदान कराया जाएगा. चुनाव आयोग ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे से खाली हुई विधान परिषद सीट के लिए उप-चुनाव की भी घोषणा की है.
18 जून को मतदान
विधान परिषद चुनावों के लिए सभी पार्टियों के उम्मीदवार 1 जून से 8 जून के बीच अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं. 9 जून को सभी नामांकन पत्रों की बारीकी से जांच की जाएगी. अगर कोई उम्मीदवार अपना नाम वापस लेना चाहता है, तो वो 11 जून तक ऐसा कर सकता है. सभी 9 सीटों के लिए 18 जून को सुबह से वोट डाले जाएंगे.
बिहार विधान परिषद के जिन माननीय सदस्यों का कार्यकाल इस बार खत्म हो रहा है, उनमें सत्तापक्ष और विपक्ष के कई बड़े नाम शामिल हैं. इनमें मुख्य रूप से जनता दल यूनाइटेड की कुमुद वर्मा और प्रोफेसर गुलाम गौस का नाम शामिल है.
इसके अलावा आरजेडी के मोहम्मद फारूख और सुनील कुमार सिंह, BJP के भीषम साहनी और संजय प्रकाश उर्फ संजय मयूख का भी कार्यकाल खत्म हो रहा है. वहीं, इस लिस्ट में कांग्रेस के समीर कुमार सिंह का नाम भी शामिल है.
सम्राट चौधरी के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर भी चुनाव
इस चुनाव में दो ऐसी सीटें भी शामिल हैं, जो पहले ही खाली हो चुकी हैं. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पिछले साल विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, उनकी इस खाली सीट पर भी अब चुनाव कराया जाएगा.
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वहीं, जेडीयू के टिकट पर विधायक और फिर बिहार सरकार में मंत्री बने भगवान सिंह कुशवाहा ने भी पिछले साल परिषद से अपना इस्तीफा सौंप दिया था. उनकी खाली हुई सीट को भरने के लिए भी इसी चुनावी प्रक्रिया के तहत मतदान होगा.