बेगूसराय में जन्माष्टमी का मेला देखकर घर लौट रहे 10वीं कक्षा के 16 वर्षीय छात्र मो. समीर की गोली लगने से मौत हो गई. रात करीब दो बजे वह मेला देखकर घर लौट रहा था. गांव के पास दो गुटों के बीच झगड़ा हो रहा था. समीर भी वहां रुककर झगड़ा देखने लगा. इसी दौरान एक गुट की ओर से गोली चला दी गई, जो उसके सीने में जा लगी. घटना तेघड़ा थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर-13 स्थित बजलपुरा गांव की है. मृतक की पहचान बजलपुरा गांव निवासी मो. आशिक के 16 वर्षीय बेटे मो. समीर के रूप में हुई है. समीर 10वीं कक्षा का छात्र था और गांव में ही रहता था.
मृतक के भाई मो. मुमताज ने बताया कि समीर 4 सितंबर से रोज गांव के पास लग रहे तेघड़ा जन्माष्टमी मेले में जा रहा था. मंगलवार रात भी वह मेला देखने गया था. रात करीब दो बजे वह मेला देखकर घर लौट रहा था. इसी दौरान मक्की मस्जिद के आगे साहु भवन के पास कुछ लोग आपस में लड़ रहे थे. समीर भी वहां रुककर झगड़ा देखने लगा. इसी दौरान झगड़ा कर रहे दोनों पक्षों में से किसी एक ने गोली चला दी. गोली समीर की छाती में लगी. गोली लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और झगड़ा कर रहे लोग वहां से फरार हो गए.
अस्पताल ले जाते समय हुई मौत
मुमताज ने बताया कि वह घटनास्थल पर मौजूद नहीं था. गोली चलने और शोर की जानकारी मिलने के बाद वह मौके पर पहुंचा. परिवार के लोग समीर को घायल हालत में तुरंत तेघड़ा अनुमंडलीय अस्पताल लेकर गए. वहां से उसे सदर अस्पताल, बेगूसराय रेफर कर दिया गया. परिजन उसे सदर अस्पताल लेकर जा रहे थे, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई. सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. परिवार के मुताबिक, समीर की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी. वह पढ़ाई करता था और गांव में ही रहता था. परिजनों का कहना है कि वह सिर्फ झगड़ा देखने के लिए वहां रुका था और इसी दौरान चली गोली का शिकार हो गया.
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और इसके बाद परिजनों को सौंप दिया. पोस्टमार्टम के बाद जब समीर का शव गांव पहुंचा तो परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए. लोगों ने शव को तेघरा बाजार में सड़क पर रख दिया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. लोग आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे. करीब चार घंटे तक सड़क जाम रहा. जाम की सूचना मिलने पर तेघरा डीएसपी कृष्ण कुमार और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाने की कोशिश की. करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया. इसके बाद लोगों ने सड़क जाम खत्म किया.
समीर की मौत से परिवार में भारी आक्रोश है. मृतक के भाई मो. मुमताज ने आरोपी के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई की मांग की है. उसने कहा कि जिस अपराधी ने उसके भाई को गोली मारी, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. भाई ने आरोपी के एनकाउंटर की भी मांग की और कहा कि इस मामले में सम्राट चौधरी को भी आवाज उठानी चाहिए. परिजन का कहना है कि समीर महज 16 साल का था और 10वीं कक्षा में पढ़ता था. उसका किसी से कोई विवाद या दुश्मनी नहीं थी. परिवार इस बात से बेहद आक्रोशित है कि झगड़े में चली गोली ने उनके बेटे की जान ले ली.
घटना की जानकारी मिलने के बाद एसपी मनीष भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच-पड़ताल की. FSL की टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं. तेघरा डीएसपी कृष्ण कुमार ने बताया कि 15-16 साल के छात्र मो. समीर की गोली मारकर हत्या की गई है. गोली लगने के बाद उसे अनुमंडलीय अस्पताल भेजा गया था, जहां से सदर अस्पताल, बेगूसराय रेफर किया गया. वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. डीएसपी ने बताया कि परिजनों की ओर से आवेदन दिया जा रहा है. आवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि जो भी दोषी है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. पुलिस के मुताबिक, फिलहाल घटना का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है.
भाई ने की आरोपी के एनकाउंटर की मांग
पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है. FSL की टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटा चुकी है और पुलिस आरोपियों की पहचान तथा घटना के कारण का पता लगाने में जुटी है. समीर की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है. जन्माष्टमी का मेला देखकर घर लौट रहा 10वीं का छात्र रास्ते में हुए झगड़े के बीच चली गोली का शिकार हो गया. घटना के बाद गांव में गम और आक्रोश का माहौल है.