बिहार के बगहा में आठ दिन से लापता 13 वर्षीय छात्र सिद्धू खान की तलाश का अंत बेहद दुखद तरीके से हुआ. जिस बेटे के घर लौटने का परिवार इंतजार कर रहा था, उसका शव गन्ने के खेत में मिला. कपड़ों के आधार पर परिजनों ने उसकी पहचान की. सिद्धू 12 अक्टूबर 2026 को स्कूल से लापता हुआ था. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसकी मौत कैसे और किन परिस्थितियों में हुई. मामला रामनगर थाना क्षेत्र के मेघवल मठिया वार्ड नंबर-5 का है. मृत छात्र की पहचान मो. अमानुल्ला खान के बेटे सिद्धू खान के रूप में हुई है. वह राजकीय मध्य विद्यालय, मठिया में छठी कक्षा में पढ़ता था. आठ दिन तक परिवार और पुलिस उसकी तलाश में जुटे रहे, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका. अब गन्ने के खेत में उसका शव मिलने के बाद परिवार में मातम पसरा है.
परिजनों के मुताबिक, 12 अक्टूबर को स्कूल में छुट्टी के समय करीब साढ़े तीन बजे सिद्धू अपनी किताब-कॉपी रखकर लापता हो गया था. छुट्टी के बाद जब वह घर नहीं पहुंचा, तो परिवार के लोगों को चिंता हुई. उन्होंने पहले आसपास के इलाकों और उसके संभावित ठिकानों पर उसकी तलाश की. काफी खोजबीन के बावजूद सिद्धू का कोई सुराग नहीं मिला.
बेटे का पता नहीं चलने पर पिता मो. अमानुल्ला खान ने रामनगर थाने में लिखित आवेदन दिया. उन्होंने पुलिस को बेटे के लापता होने की जानकारी दी और उसकी तलाश करने की गुहार लगाई. आवेदन के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. परिवार को उम्मीद थी कि सिद्धू जल्द मिल जाएगा, लेकिन आठ दिन बाद उसके शव मिलने की खबर सामने आई. जिस बच्चे को परिवार तलाश रहा था, उसकी पहचान अब कपड़ों के आधार पर करनी पड़ी.
गन्ने के खेत में मिला शव, कपड़ों से हुई पहचान
आठ दिन से लापता छात्र का शव गन्ने के खेत में बरामद हुआ. शव मिलने के बाद परिजनों ने कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान सिद्धू खान के रूप में की. घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में शोक छा गया. हालांकि, शव मिलने से यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि सिद्धू की मौत कब हुई और उसकी जान किन परिस्थितियों में गई. वह स्कूल से लापता होने के बाद कहां गया था, उसके साथ क्या हुआ और उसकी मौत की वजह क्या रही, इन सवालों के जवाब अभी सामने नहीं आए हैं. पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है. फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले वैज्ञानिक जांच और अन्य साक्ष्यों का इंतजार किया जा रहा है.
बगहा के एसपी राजेश कुमार ने बताया कि छात्र का शव बरामद हुआ है. उन्होंने कहा कि लैब में जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि छात्र की मौत कैसे हुई. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है. पुलिस के मुताबिक, कंकाल की जांच से मौत के कारणों को समझने में मदद मिलेगी. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि छात्र की मौत किन परिस्थितियों में हुई थी.
एफएसएल जांच से मिलेगी मदद
शव मिलने के बाद मामले में वैज्ञानिक जांच की जा रही है. घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब यानी एफएसएल टीम की कार्रवाई की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि स्कूल से लापता होने के बाद सिद्धू कहां था और उसकी मौत कैसे हुई. जांच में घटनास्थल से मिले साक्ष्य और लैब की रिपोर्ट अहम हो सकते हैं. इनसे मौत की परिस्थितियों को समझने में मदद मिलेगी. पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है.
सिद्धू खान के लापता होने के बाद से उसका परिवार उसकी तलाश में जुटा था. आठ दिन बाद गन्ने के खेत में शव मिलने से परिवार की उम्मीदें टूट गईं. कपड़ों से पहचान होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल उसकी मौत की वजह को लेकर है. बगहा पुलिस के मुताबिक, लैब जांच के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी. फिलहाल पुलिस अनुसंधान और वैज्ञानिक जांच जारी है. अब जांच के नतीजों से ही पता चल पाएगा कि 13 वर्षीय सिद्धू के साथ क्या हुआ था और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई.