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'ZERO' रोड टैक्स, नई गाड़ी पर 8% तक छूट! पुराना ट्रक-बस स्क्रैप करते ही डबल फायदा

देश में बढ़ते प्रदूषण को कम करने और पुराने कमर्शियल वाहनों की जगह नए और क्लीन फ्यूल वाले ट्रक-बस लाने की दिशा में केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है. पुराने ट्रक और बसों को स्क्रैप करके नई गाड़ी खरीदने वालों को कई तरह के बेनिफिट्स मिलेंगे.

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स्क्रैपिंग के बाद नई गाड़ी की खरीद पर वाहन कंपनियों द्वारा डिस्काउंट भी दिया जाएगा. Photo: ITG
स्क्रैपिंग के बाद नई गाड़ी की खरीद पर वाहन कंपनियों द्वारा डिस्काउंट भी दिया जाएगा. Photo: ITG

दिल्ली-एनसीआर में पुराने ट्रक और बस चलाने वालों के लिए अब बड़ा बदलाव आने वाला है. अगर आपके पास पुराना BS6 बस-ट्रक जैसा कमर्शियल वाहन है और आप उसे स्क्रैप कर नई गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर सीधे आपकी जेब से जुड़ी है. केंद्र सरकार ऐसा सिस्टम तैयार कर रही है, जिसमें सिर्फ पुरानी गाड़ी हटाने का फायदा नहीं मिलेगा, बल्कि नई गाड़ी खरीदने पर रोड टैक्स पूरी तरह माफ हो सकता है और वाहन कंपनियां करीब 8 फीसदी तक की छूट भी देंगी. यानी एक साथ दो बड़े फायदे मिल सकते हैं.

बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के अनुसार जल्द ही दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में पुराने ट्रक और बसों को स्क्रैप करके नई गाड़ी खरीदने वालों को रोड टैक्स से पूरी तरह छूट मिल सकती है. इतना ही नहीं, नई कमर्शियल गाड़ी खरीदने पर वाहन कंपनियां करीब 8 फीसदी तक की एक्स-शोरूम छूट भी देंगी. सरकार का मानना है कि इससे पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की जगह मॉडर्न और कम प्रदूषण वाले वाहन तेजी से सड़कों पर आएंगे.

सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित क्लीन फ्रेट मोबिलिटी कार्यक्रम के दौरान सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी महमूद अहमद ने बताया कि दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सरकारों के साथ इस योजना पर बातचीत पूरी हो चुकी है. अब आने वाले कुछ दिनों या हफ्तों में इन राज्यों की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है.

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किसे मिलेगा रोड टैक्स में फायदा

यह छूट उन लोगों को मिलेगी जो पुराने प्री-बीएस6 ट्रक या बस को स्क्रैप कराकर उसकी जगह नया और ग्रीन फ्यूल से चलने वाला कमर्शियल वाहन खरीदेंगे. यह सुविधा केंद्र सरकार की 'परिवर्तन' पहल का हिस्सा है, जिसे हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली है. इस योजना का उद्देश्य पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले कमर्शियल वाहनों को तेजी से बदलना है.

सरकार के साथ वाहन निर्माता कंपनियां भी इस अभियान में शामिल हो गई हैं. महमूद अहमद ने बताया कि कंपनियां नए कमर्शियल वाहनों की एक्स-शोरूम कीमत पर करीब 8 फीसदी तक की छूट देने के लिए तैयार हैं. इससे ट्रक और बस मालिकों के लिए नया वाहन खरीदना पहले की तुलना में आसान और किफायती हो सकता है.

योजना को सफल बनाने के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय एनसीआर के जिला प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहा है. करीब 35 से 37 जिलों के जिला कलेक्टरों और लीड बैंकों को ट्रक और बस मालिकों से सीधे संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं. उन्हें योजना की जानकारी देकर अधिक से अधिक लोगों को इसमें शामिल करने की कोशिश की जाएगी.

सिर्फ EV नहीं, सभी क्लीन फ्यूल पर फोकस

सरकार ने साफ किया है कि उसकी क्लीन मोबिलिटी पॉलिसी केवल इलेक्ट्रिक वाहनों तक सीमित नहीं है. महमूद अहमद ने कहा कि प्रदूषण कम करने के लिए कई तरह की नई तकनीकों और ग्रीन फ्यूल वाले विकल्पों पर एक साथ काम किया जा रहा है. सरकार चाहती है कि लोगों को कई विकल्प मिलें और ग्राहक अपनी जरूरत और सुविधा के हिसाब से वाहन चुनें.

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सरकार का कहना है कि लोगों पर सख्ती करने के बजाय उन्हें प्रोत्साहित कर नई तकनीक अपनाने के लिए इंस्पायर्ड करना चाहती है. रोड टैक्स में पूरी छूट और नई गाड़ियों पर मिलने वाली छूट जैसे फायदे इसी पॉलिसी का हिस्सा हैं. इससे आने वाले समय में एनसीआर की सड़कों पर कम प्रदूषण फैलाने वाले कमर्शियल वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ने की उम्मीद है.

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