नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने अपनी डिजिटल लोकल पास सर्विस को एक्सपैंड कर दिया है. ये सर्विस अब देशभर के 121 टोल प्लाजा पर मिलेगी. इस सर्विस का फायदा उठाकर टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले लोग अपना मंथली पास बनवा सकते हैं. इससे उन्हें बार-बार टोल देने की जरूरत नहीं होगी.
एलिजिबिल यूजर्स राजमार्ग यात्रा ऐप के जरिए इस पास को बनवा सकते हैं. इससे उन्हें टोल प्लाजा से गुजरने के लिए कोई टोल नहीं देना होगा. इसके लिए यूजर्स को एक निश्चित अमाउंट पे करना होगा. आइए जानते हैं इस पास से जुड़ी खास बातें.
टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर की रेंज में रहने वाले लोग इस डिजिटल टोल पास के लिए अप्लाई कर सकते हैं. ये सिर्फ नॉन कमर्शियल वाहनों के लिए वैलिड होगा. वेरिफिकेशन का पूरा प्रॉसेस ऑनलाइन होगा. डिजिलॉकर का इस्तेमाल करके ऐड्रेस की डिटेल्स कन्फर्म, वाहन डेटाबेस के जरिए व्हीकल की जानकारी और लिंक्ड फास्टैग की डिटेल्स कन्फर्म होंगी.
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इससे पहले कम्यूटर्स को टोल प्लाजा जाना होता था और फिजिकल डॉक्यूमेंट्स जमा करने होते थे. अब इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जा सकेगा. इसके लिए आपको राजमार्ग यात्रा ऐप का इस्तेमाल करना होगा.
नेशनल हाईवे यूजर फीस नियम के तहत इस लोकल पास के लिए 350 रुपये की फीस देनी होगी. ये फीस नॉन-कमर्शियल व्हीकल्स के लिए है. टोल गेट पर क्लियरेंस के लिए पास का होना जरूरी है. इससे एलिजिबिल कम्यूटर्स आसानी से टोल प्लाजा को पास कर पाएंगे.
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डिजिटल लोकल पास को लागू करना मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) और बैरियर लेस टोलिंग सिस्टम की ओर एक और कदम है. इसके तहत लोगों को टोल प्लाजा पर रुकने की कोई जरूरत नहीं होगी. MLFF को पहली बार जुलाई 2026 में दिल्ली के मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा पर शुरू किया गया था.
अब ये सुविधा 6 लोकेशन चोर्यासी, मुंडका, दौलतपुरा, घरौंदा, मनोहरपुर और शाहजहांपुर में मिल रही है. इन एरिया के आसपास रहने वाले बहुत से लोगों को टोल नहीं देने की वजह से ई-नोटिस मिल रहा था. क्योंकि इन टोल पर कोई होता नहीं है, तो इससे लोकल लोगों को मुश्किल हो रही थी. इसे हल करने के लिए डिजिटल लोकल पास जारी किया गया है.