भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) भारत सरकार की एक स्वायत्त एजेंसी है, जिसे 1995 (अधिनियम 1988) में स्थापित किया गया था. यह भारत में 1,32,499 किलोमीटर में से 50,000 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों के सड़क नेटवर्क बना चुका है. यह सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की एक नोडल एजेंसी है.
गणेशोत्सव 2026 पर मुंबई से कोंकण और कोल्हापुर जाने वालों को 11 से 27 सितंबर तक टोल से छूट मिलेगी. जानें किन रास्तों पर सुविधा लागू होगी और ‘गणेशोत्सव 2026 कोंकण दर्शन’ पास कहां से मिलेगा. वीडियो में जानें टोल फ्री रूट से लेकर टोल टैक्स में इस छूट को लेकर क्या नियम.
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने एक स्कीम का ऐलान किया है. इस स्कीम के तहत हाईवे और एक्सप्रेसवे पर मौजूद गंदे टॉयलेट की जानकारी देने पर कम्यूटर्स को 1000 रुपये का फास्टैग रिवॉर्ड मिलेगा. इसके लिए लोगों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा. आइए जानते हैं किन लोगों को और कैसे फास्टैग रिवॉर्ड मिलेगा.
NHAI की ‘क्लीन टॉयलेट पिक्चर चैलेंज’ योजना के तहत हाईवे पर गंदे टॉयलेट की तस्वीर भेजने पर 1000 रुपये का FASTag रिचार्ज मिल सकता है. जानें राजमार्गयात्रा ऐप पर फोटो कैसे अपलोड करें और रिवॉर्ड पाने के लिए किन शर्तों का पालन करना होगा. ये योजना केवल NHAI के तहत आने वाली टॉयलेट सुविधाओं पर लागू है.
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर अलवर के गोविंदगढ़ इलाके में तेज रफ्तार मर्सिडीज कंटेनर से टकरा गई, जिसमें 22 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र प्रियांशु की मौत हो गई. सीसीटीवी फुटेज में कंटेनर का टायर फटने के बाद उसके रुकने और पीछे से आ रही कार के टकराने का दृश्य कैद हुआ है. हादसे में मर्सिडीज के परखच्चे उड़ गए. पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रही है और आसपास के फुटेज खंगाल रही है.
एनएचएआई ने डिजिटल लोकल पास का ऐलान किया है. इस पास की वजह से टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले लोकल लोगों को बार-बार आने जाने के लिए टोल नहीं देना होगा. ये पास अनलिमिटेड क्रॉसिंग का एक्सेस देता है. डिजिटल लोकल पास 1 महीने के लिए बनेगा, जिसका फायदा लोकल लोगों को ही मिलेगा. आइए जानते हैं इसकी डिटेल्स.
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर कार्रवाई झेल रही PNC इंफ्राटेक को NHAI ने करीब ₹3483 करोड़ के दो नए हाईवे प्रोजेक्ट दिए हैं. कंपनी पर 'नॉन-परफॉर्मर' कार्रवाई और CBI जांच के बीच फैसले पर सवाल उठ रहे हैं. जांच में NHAI के एक अधिकारी समेत कई लोगों पर कार्रवाई हुई थी.
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सड़क धंसने और मरम्मत को लेकर फिर चर्चा में है. वायरल वीडियो में मरम्मत वाले हिस्से को पंखों से सुखाते हुए दिखाया गया, जिस पर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई. दूसरी ओर एनएचएआई ने निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तकनीकी जांच भी शुरू कर दी है.
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मरम्मत पूरी होने तक NHAI ने टोल वसूली रोक दी है. निर्माण कंपनी को नोटिस जारी किया गया है और गुणवत्ता संबंधी मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. फिलहाल एक्सप्रेसवे की मरम्मत जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर तय होगी.
4200 करोड़ रुपये के कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर उद्घाटन के 20 दिन के भीतर कई बार मरम्मत करनी पड़ी. उन्नाव के पास दोबारा खराबी मिलने पर NHAI ने जांच शुरू की और तीन इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई की. NHAI के अनुसार, शुरुआती जांच में पुल की संरचना सुरक्षित पाई गई है.
सहारनपुर में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के देवबंद-ननौता फ्लाईओवर में उद्घाटन के साढ़े तीन महीने बाद दरारें दिखीं. वीडियो वायरल होने पर NHAI ने 230 पिन लगाकर मरम्मत शुरू की. विभाग का कहना है कि फ्लाईओवर सुरक्षित है और यातायात सामान्य है. उल्लेखनीय है कि करीब 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से बने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 14 अप्रैल 2026 को हुआ था.
4,200 करोड़ रुपये की लागत से बने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर उद्घाटन के कुछ समय बाद फिर मरम्मत का काम किया गया. सड़क के प्रभावित हिस्से को काटकर दोबारा तैयार किया गया. इससे पहले भी बारिश के बाद एक हिस्से में धंसाव की घटना सामने आई थी. एनएचएआई का कहना है कि यह नियमित निवारक रखरखाव का हिस्सा है और यातायात पूरी तरह सामान्य है.
साल भर श्रद्धालुओं को अमरनाथ यात्रा का इंतजार रहता है, लेकिन मौसम की खस्ता हालत को देखते हुए अमरनाथ यात्रा चौथे दिन भी रुकी हुई है. दरअसल, पिछले दो दिनों से खराब मौसम, भूस्खलन और कई जगहों पर पत्थरों के गिरने से जम्मू-कश्मीर नेशनल हाईवे (NH-44) बंद है. तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियात के तौर पर अमरनाथ यात्रा रोक दी गई है.
नागपुर उपभोक्ता आयोग ने सड़कों की खराब हालत को लेकर बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि टोल वसूली के बावजूद सुरक्षित और अच्छी सड़क उपलब्ध न कराना 'सेवा में कमी' है. आयोग ने गड्ढे की वजह से वाहन क्षतिग्रस्त होने पर NHAI को मोटर चालक को मुआवजा देने का आदेश दिया.
रात में सफर के दौरान अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि नेशनल हाईवे की पूरी लंबाई पर लाइट्स क्यों नहीं लगाई जाती हैं? चूंकि ये सबसे जरूरी रूट्स में से एक होते हैं, तो इन पर पूरे रास्ते लाइट्स क्यों नहीं होती हैं. इस सवाल का जवाब खुद नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने दिया है. आइए जानते हैं इसके पीछे की असल कहानी क्या है.
FASTag Rules को लेकर अब सख्ती बढ़ा दी गई है. National Highways Authority of India (NHAI) ने नई Advisory जारी करते हुए साफ किया है कि अगर FASTag का सही इस्तेमाल नहीं किया गया तो आपका FASTag Blacklist किया जा सकता है.
गंगा एक्सप्रेसवे पर FASTag ऐनुअल पास लागू नहीं होगा. ये सुविधा सिर्फ नेशनल हाईवे के लिए है। यात्रा से पहले टोल नियम और शुल्क से जुड़ी जरूरी जानकारी जरूर जान लें.
सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की समीक्षा याचिका पर सुनवाई करते हुए किसानों के पक्ष में अहम फैसला सुनाया है. अदालत ने स्पष्ट किया है कि केवल वित्तीय बोझ बढ़ने के आधार पर किसानों को उनके न्यायसंगत मुआवजे, सोलेटियम और ब्याज के संवैधानिक अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता है.
हाईवे पर गड्ढे या गलत पार्किंग पर तुरंत अलर्ट—Nhai ला रहा है नया AI डैशकैम सिस्टम. देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर अब ड्राइविंग और सुरक्षित होने जा रही है. नेशनल हाईवे अथॉरिटी औफ इंडिया करीब 40,000 किलोमीटर हाईवे पर AI बेस्ड डैशकैम मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने की तैयारी में है. इसका उद्देश्य सड़कों की स्थिति पर रियल टाइम नजर रखना और समय पर मरम्मत सुनिश्चित करना है.
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और रेड सी संकट ने भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है. कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चेन टूटने से परेशान हाईवे डेवलपर्स ने अब NHAI का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने इस वैश्विक संकट को 'फोर्स मेज्योर' घोषित करने की मांग की है.
Nitin Gadkari ने Rajmarg Pravesh Portal लॉन्च किया. अब highway NOC, petrol pump, food court, utility crossing जैसे approvals एक ही online platform पर मिलेंगे. Process होगी fast और transparent.
राजस्थान के फलोदी सड़क हादसों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने NHAI की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं. कोर्ट ने कहा कि जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालने से काम नहीं चलेगा. भारत माला परियोजना के तहत बने हाईवे पर अवैध ढाबों, ट्रकों की पार्किंग और कोहरे में बढ़ते हादसों को लेकर अदालत ने विस्तृत रिपोर्ट तलब की है.