भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) भारत सरकार की एक स्वायत्त एजेंसी है, जिसे 1995 (अधिनियम 1988) में स्थापित किया गया था. यह भारत में 1,32,499 किलोमीटर में से 50,000 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों के सड़क नेटवर्क बना चुका है. यह सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की एक नोडल एजेंसी है.
एनएचएआई ने डिजिटल लोकल पास का ऐलान किया है. इस पास की वजह से टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले लोकल लोगों को बार-बार आने जाने के लिए टोल नहीं देना होगा. ये पास अनलिमिटेड क्रॉसिंग का एक्सेस देता है. डिजिटल लोकल पास 1 महीने के लिए बनेगा, जिसका फायदा लोकल लोगों को ही मिलेगा. आइए जानते हैं इसकी डिटेल्स.
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर कार्रवाई झेल रही PNC इंफ्राटेक को NHAI ने करीब ₹3483 करोड़ के दो नए हाईवे प्रोजेक्ट दिए हैं. कंपनी पर 'नॉन-परफॉर्मर' कार्रवाई और CBI जांच के बीच फैसले पर सवाल उठ रहे हैं. जांच में NHAI के एक अधिकारी समेत कई लोगों पर कार्रवाई हुई थी.
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सड़क धंसने और मरम्मत को लेकर फिर चर्चा में है. वायरल वीडियो में मरम्मत वाले हिस्से को पंखों से सुखाते हुए दिखाया गया, जिस पर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई. दूसरी ओर एनएचएआई ने निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तकनीकी जांच भी शुरू कर दी है.
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मरम्मत पूरी होने तक NHAI ने टोल वसूली रोक दी है. निर्माण कंपनी को नोटिस जारी किया गया है और गुणवत्ता संबंधी मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. फिलहाल एक्सप्रेसवे की मरम्मत जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर तय होगी.
4200 करोड़ रुपये के कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर उद्घाटन के 20 दिन के भीतर कई बार मरम्मत करनी पड़ी. उन्नाव के पास दोबारा खराबी मिलने पर NHAI ने जांच शुरू की और तीन इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई की. NHAI के अनुसार, शुरुआती जांच में पुल की संरचना सुरक्षित पाई गई है.
सहारनपुर में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के देवबंद-ननौता फ्लाईओवर में उद्घाटन के साढ़े तीन महीने बाद दरारें दिखीं. वीडियो वायरल होने पर NHAI ने 230 पिन लगाकर मरम्मत शुरू की. विभाग का कहना है कि फ्लाईओवर सुरक्षित है और यातायात सामान्य है. उल्लेखनीय है कि करीब 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से बने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 14 अप्रैल 2026 को हुआ था.
4,200 करोड़ रुपये की लागत से बने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर उद्घाटन के कुछ समय बाद फिर मरम्मत का काम किया गया. सड़क के प्रभावित हिस्से को काटकर दोबारा तैयार किया गया. इससे पहले भी बारिश के बाद एक हिस्से में धंसाव की घटना सामने आई थी. एनएचएआई का कहना है कि यह नियमित निवारक रखरखाव का हिस्सा है और यातायात पूरी तरह सामान्य है.
साल भर श्रद्धालुओं को अमरनाथ यात्रा का इंतजार रहता है, लेकिन मौसम की खस्ता हालत को देखते हुए अमरनाथ यात्रा चौथे दिन भी रुकी हुई है. दरअसल, पिछले दो दिनों से खराब मौसम, भूस्खलन और कई जगहों पर पत्थरों के गिरने से जम्मू-कश्मीर नेशनल हाईवे (NH-44) बंद है. तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियात के तौर पर अमरनाथ यात्रा रोक दी गई है.
नागपुर उपभोक्ता आयोग ने सड़कों की खराब हालत को लेकर बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि टोल वसूली के बावजूद सुरक्षित और अच्छी सड़क उपलब्ध न कराना 'सेवा में कमी' है. आयोग ने गड्ढे की वजह से वाहन क्षतिग्रस्त होने पर NHAI को मोटर चालक को मुआवजा देने का आदेश दिया.
रात में सफर के दौरान अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि नेशनल हाईवे की पूरी लंबाई पर लाइट्स क्यों नहीं लगाई जाती हैं? चूंकि ये सबसे जरूरी रूट्स में से एक होते हैं, तो इन पर पूरे रास्ते लाइट्स क्यों नहीं होती हैं. इस सवाल का जवाब खुद नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने दिया है. आइए जानते हैं इसके पीछे की असल कहानी क्या है.
FASTag Rules को लेकर अब सख्ती बढ़ा दी गई है. National Highways Authority of India (NHAI) ने नई Advisory जारी करते हुए साफ किया है कि अगर FASTag का सही इस्तेमाल नहीं किया गया तो आपका FASTag Blacklist किया जा सकता है.
गंगा एक्सप्रेसवे पर FASTag ऐनुअल पास लागू नहीं होगा. ये सुविधा सिर्फ नेशनल हाईवे के लिए है। यात्रा से पहले टोल नियम और शुल्क से जुड़ी जरूरी जानकारी जरूर जान लें.
सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की समीक्षा याचिका पर सुनवाई करते हुए किसानों के पक्ष में अहम फैसला सुनाया है. अदालत ने स्पष्ट किया है कि केवल वित्तीय बोझ बढ़ने के आधार पर किसानों को उनके न्यायसंगत मुआवजे, सोलेटियम और ब्याज के संवैधानिक अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता है.
हाईवे पर गड्ढे या गलत पार्किंग पर तुरंत अलर्ट—Nhai ला रहा है नया AI डैशकैम सिस्टम. देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर अब ड्राइविंग और सुरक्षित होने जा रही है. नेशनल हाईवे अथॉरिटी औफ इंडिया करीब 40,000 किलोमीटर हाईवे पर AI बेस्ड डैशकैम मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने की तैयारी में है. इसका उद्देश्य सड़कों की स्थिति पर रियल टाइम नजर रखना और समय पर मरम्मत सुनिश्चित करना है.
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और रेड सी संकट ने भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है. कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चेन टूटने से परेशान हाईवे डेवलपर्स ने अब NHAI का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने इस वैश्विक संकट को 'फोर्स मेज्योर' घोषित करने की मांग की है.
Nitin Gadkari ने Rajmarg Pravesh Portal लॉन्च किया. अब highway NOC, petrol pump, food court, utility crossing जैसे approvals एक ही online platform पर मिलेंगे. Process होगी fast और transparent.
राजस्थान के फलोदी सड़क हादसों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने NHAI की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं. कोर्ट ने कहा कि जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालने से काम नहीं चलेगा. भारत माला परियोजना के तहत बने हाईवे पर अवैध ढाबों, ट्रकों की पार्किंग और कोहरे में बढ़ते हादसों को लेकर अदालत ने विस्तृत रिपोर्ट तलब की है.
दिल्ली में 53 किमी लंबा यमुना साइकिल ट्रैक जल्द बनेगा. वजीराबाद से कालिंदी कुंज तक तीन फेज में निर्माण, ग्रीन मोबिलिटी और प्रदूषण कम करने की पहल.
NHAI ने एक नया अभियान पेश किया है, जिसके तहत फास्टैग यूजर्स हर दिन 1000 रुपये की कमाई कर सकते हैं. यह अभियान भारत के नेशनल हाईवे नेटवर्क के स्वच्छता की दिशा में एक बड़ा कदम है.
FASTag Recharge: राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सफाई को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल शुरू की है. यदि कोई यात्री हाईवे पर गंदे टॉयलेट की फोटो ‘राजमार्ग यात्री’ ऐप पर अपलोड करता है, तो उसे 1,000 रुपये का FASTag रिचार्ज इनाम मिलेगा. यह अभियान 31 अक्टूबर 2025 तक चलेगा और केवल NHAI के अधीन टॉयलेट्स पर लागू होगा.
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने वित्तीय वर्ष 2026 तक 6396 किलोमीटर सड़क परियोजनाओं को पूरा करने की योजना बनाई है, जिसमें 3.5 ट्रिलियन का निवेश होगा. यह वित्तीय वर्ष 2024 के 1300 किलोमीटर और 2025 के 2170 किलोमीटर के लक्ष्य से एक बड़ी छलांग है. इस लक्ष्य को लेकर आत्मविश्वास व्यक्त किया गया है कि "हमारे पास बहुत पैसे हैं, पैसे की कमी नहीं है, हम 15,000 किलोमीटर बनाएं तो भी पैसे की कमी नहीं."