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आज से FASTag नियमों में बड़ा बदलाव! 5 साल तक इन लोगों की टेंशन खत्म! जानें डिटेल

FASTag new rules 2026: सरकार ने दिव्यांगजन और पर्सन विद डिसैबिलिटीज यानी PwD के लिए जारी किए जाने वाले एक्सेम्पटेड FASTag के नियमों में बदलाव किया है. अब दिव्यांगजनों को हर साल फास्टैग रिन्यू कराने की जरूरत नहीं होगी. तो आइये जानें नियमों में क्या बदलाव किया गया है.

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सरकार ने दिव्यांगजनों के FASTag की वैलिडिटी बढ़ा दी है. Photo: ITG
सरकार ने दिव्यांगजनों के FASTag की वैलिडिटी बढ़ा दी है. Photo: ITG

Divyangjan FASTag new rule: हाईवे पर टोल प्लाजा से गुजरने वाले दिव्यांगजनों के लिए सरकार ने FASTag से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किया है. अब टोल छूट वाला FASTag हर साल रिन्यू कराने की जरूरत नहीं होगी. नए नियम में FASTag की वैधता दिव्यांगता के प्रतिशत के आधार पर तय की जाएगी. यानी डिसेबिलिटी जितनी अधिक होगी, FASTag की वैलिडिटी उतनी लंबी होगी. सरकार की यह नई व्यवस्था 2 अक्टूबर 2026 यानी आज से लागू हो गई है.

सरकार ने दिव्यांगजन और पर्सन विद डिसैबिलिटीज यानी PwD के लिए जारी किए जाने वाले एक्सेम्पटेड FASTag के नियमों में बदलाव किया है. जानकारी के मुताबिक, पहले दिव्यांगजन को टोल छूट वाले FASTag को हर साल रिन्यू कराना पड़ता था. लेकिन नई व्यवस्था में इस प्रोसेस को आसान किया गया है और अब FASTag की वैलिडिटी डिसैबिलिटी सर्टिफिकेट, यूनिक डिसैबिलिटी आइडेंटिटी कार्ड (UDID Card) या अन्य मान्य दस्तावेजों में दर्ज दिव्यांगता के प्रतिशत के आधार पर तय होगी.

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कितनी बढ़ी वैलिडिटी

नए नियम के अनुसार जिन लाभार्थियों की दिव्यांगता 70 फीसदी से 100 फीसदी तक दर्ज है, उनके FASTag की वैधता 5 साल होगी. इसका मतलब है कि पात्र लाभार्थियों को हर साल FASTag रिन्यू कराने की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा. वहीं, जिन लोगों की दिव्यांगता 40 फीसदी या उससे ज्यादा लेकिन 70 फीसदी से कम है, उनके FASTag की वैलिडिटी 3 साल होगी. वैधता पूरी होने के बाद FASTag को दोबारा रिन्यू कराया जा सकेगा, लेकिन इसके लिए लाभार्थी को तय शर्तों को पूरा करना होगा.

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किन वाहनों को मिलेगा टोल छूट वाला FASTag

ऐसा नहीं है कि, ये छूट वाला FASTag हर तरह के वाहनों के लिए जारी किया जाता है. नए नियम दिव्यांगजन और PwD लाभार्थियों से जुड़े पात्र वाहनों पर लागू होंगे. इसमें ऐसे वाहन शामिल हैं, जिन्हें शारीरिक दिव्यांगता वाले लोगों के इस्तेमाल के लिए खास तौर पर डिजाइन और तैयार किया गया है. इसके अलावा 'Divyangjan' ओनरशिप कैटेगरी में रजिस्टर्ड वाहन भी इस नियम के दायरे में आएंगे.

सरकार ने क्यों बदले FASTag के नियम

पुराने व्यवस्था में हर साल FASTag रिन्यू कराने की जरूरत होने के कारण पात्र लाभार्थियों को बार-बार दस्तावेज और प्रोसेस पूरी करनी पड़ती थी. इससे कई बार लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामाना करना पड़ता था. ख़ासतौर वो दिव्यांगजन जो स्वयं इस प्रोसेस को पूरा करते थे. नया नियम इसी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए तैयार किया गया है. अब दिव्यांगता के प्रतिशत के आधार पर 3 साल या 5 साल की वैलिडिटी मिलने से लाभार्थियों को बार-बार रिन्यूअल कराने की जरूरत नहीं होगी.

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FASTag की वैलिडिटी खत्म होने के बाद क्या होगा

लंबी वैलिडिटी का मतलब यह नहीं है कि टोल छूट हमेशा के लिए मिल गई है. 3 साल या 5 साल की वैलिडिटी पूरी होने के बाद exempted FASTag को फिर से रिन्यू कराना होगा. रिन्यूअल के समय लाभार्थी की पात्रता, वैध दिव्यांगता दस्तावेज और नेशनल हाईवे फी रूल्स, 2008 के तहत लागू नियमों की जांच की जाएगी. इसलिए लाभार्थियों के लिए जरूरी होगा कि उनका डिसैबिलिटी सर्टिफिकेट, UDID Card और अन्य जरूरी दस्तावेज वैलिड रहें. 

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