अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस के साथ डीजल आपूर्ति समझौते की घोषणा और यूक्रेन युद्ध में ऊर्जा युद्धविराम की वकालत के ठीक बाद, युद्ध के मैदान में यूक्रेन को एक बड़ा रणनीतिक झटका लगा है. एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने यूक्रेन के सैन्य-ग्रेड 'स्टारलिंक' सैटेलाइट इंटरनेट टर्मिनलों पर अचानक नई पाबंदियां लगा दी हैं.
इन पाबंदियों के कारण रूसी हमलों को रोकने वाले यूक्रेनी एयर डिफेंस और फ्रंटलाइन पर तैनात स्ट्राइक ड्रोन्स के ऑपरेशन ठप पड़ गए हैं. यूक्रेनी राष्ट्रपति के सलाहकार सेरही "फ्लैश" बेस्क्रेस्तनोव के अनुसार, स्पेसएक्स ने अपनी 'स्टारशील्ड' सैन्य सेवा के तहत काम कर रहे टर्मिनलों पर बिना किसी पूर्व चेतावनी के 160 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड लिमिट लागू कर दी है.
इसके अलावा, धीमी गति से चलने वाले इंटरसेप्टर और स्ट्राइक ड्रोन्स के कनेक्शन में भी अचानक व्यवधान आया है. यूक्रेनी सेना के '7th एयर असॉल्ट कॉर्प्स' ने बताया कि इंटरनेट ब्लैकआउट के कारण हुलियाईपोल सेक्टर में उनके ड्रोन दस्तों को कई महत्वपूर्ण सैन्य मिशन रद्द करने पड़े हैं. यूक्रेन ने आरोप लगाया है कि यह कोई इत्तेफाक नहीं है, बल्कि ट्रंप प्रशासन द्वारा रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने के लिए बनाया जा रहा राजनीतिक दबाव है.
स्टारलिंक, एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स का सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क है. फरवरी 2022 में रूस के पूर्ण पैमाने पर हमले के बाद से यह यूक्रेन के सैन्य संचार तंत्र का अहम हिस्सा रहा है. यूक्रेनी सेना इसका इस्तेमाल सैन्य इकाइयों के बीच संपर्क बनाए रखने, सूचनाओं के आदान-प्रदान और ड्रोन अभियानों के संचालन में करती रही है.
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स्टारलिंक और स्टारशील्ड में अंतर
एलन मस्क ने एक्स पर सफाई देते हुए कहा कि स्टारशील्ड, स्पेसएक्स की सैन्य उपग्रह सेवा, से जुड़े प्रतिबंधों का निर्णय अमेरिकी सरकार और सेना करती है तथा अंततः यह अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में आता है. उन्होंने स्टारशील्ड और स्टारलिंक को अलग-अलग सेवाओं के रूप में पेश किया. उनके मुताबिक, स्टारलिंक एक व्यावसायिक सेवा है, जिसका उद्देश्य नागरिक और रक्षात्मक उपयोग है, न कि आक्रामक सैन्य अभियान.
यह अंतर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यूक्रेन के सैन्य अभियानों में स्टारलिंक तकनीक का इस्तेमाल लंबे समय से होता रहा है. हालांकि, अलग-अलग सेवाओं, टर्मिनलों और प्रतिबंधों के दायरे को लेकर उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं होता कि यूक्रेन में रिपोर्ट की गई सभी समस्याएं किसी एक फैसले का परिणाम हैं.
क्रेन के ड्रोन युद्ध में क्यों अहम है स्टारलिंक?
यूक्रेन रूसी ठिकानों की निगरानी करने, सैन्य आपूर्ति मार्गों को बाधित करने और हमले करने के लिए अलग-अलग तरह के ड्रोन का इस्तेमाल करता है. इन अभियानों में ड्रोन संचालकों और उड़ान के दौरान काम कर रहे उपकरणों के बीच भरोसेमंद संपर्क जरूरी होता है.
स्टारलिंक नेटवर्क उन इलाकों में भी इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध करा सकता है, जहां पारंपरिक संचार व्यवस्था नष्ट हो गई हो या ठीक से काम नहीं कर रही हो. इससे ड्रोन को निर्देश देना, जानकारी वापस हासिल करना और सैन्य इकाइयों के बीच तालमेल बनाए रखना आसान होता है.
रूस भी तेजी से उन्नत हवाई हथियारों और हमलावर ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है. ऐसे में यूक्रेन की इंटरसेप्टर ड्रोन क्षमता के लिए विश्वसनीय संचार महत्वपूर्ण है. कनेक्टिविटी बाधित होने से रूसी ड्रोन का मुकाबला करने और अग्रिम मोर्चे पर रसद पहुंचाने के अभियानों में कठिनाई हो सकती है. इससे पहले यूक्रेन ने स्पेसएक्स के साथ मिलकर रूसी सेना द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे अनधिकृत स्टारलिंक टर्मिनलों को निष्क्रिय करने की कोशिश की थी. अब यूक्रेनी सेना के अपने अभियानों में कनेक्टिविटी संबंधी समस्याओं की खबरों ने इस तकनीक पर उसकी निर्भरता को लेकर नए सवाल खड़े किए हैं.
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ट्रंप की रूस के साथ ऑयल डील
स्टारलिंक कनेक्टिविटी में आई बाधाओं का समय इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि ट्रंप प्रशासन ने हाल में रूसी डीजल निर्यात पर प्रतिबंधों में ढील देने का फैसला किया है. ट्रंप ने कहा था कि रूस अमेरिका और वैश्विक बाजारों के लिए अतिरिक्त डीजल की आपूर्ति करेगा. उन्होंने तत्काल 3 लाख मीट्रिक टन से अधिक डीजल मिलने और नवंबर से आगे भी अतिरिक्त खेप आने की बात कही थी. इतना ही नहीं, ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से ज़ेलेंस्की को पद से हटाने की वकालत करते हुए कहा, "मुझे लगता है कि अब यूक्रेन को एक नया राष्ट्रपति चुनने का समय आ गया है."
'ट्रंप ने अमेरिका को रूस के पक्ष में खड़ा किया': जेलेंस्की
एक ब्रिटिश टीवी इंटरव्यू में जेलेंस्की ने ट्रंप के रुख पर गहरा दुख जताया. उन्होंने कहा, "यह देखना बेहद दर्दनाक है कि राष्ट्रपति ट्रंप हमारी जगह रूस का पक्ष चुन रहे हैं. यदि आप मध्यस्थ हैं, तो आपको बीच में रहना चाहिए."
जब उनसे पूछा गया कि क्या वे खुद को छला हुआ महसूस कर रहे हैं, तो ज़ेलेंस्की ने कहा, "वास्तव में, हां... हम एक मजबूत साझेदार को खो रहे हैं, लेकिन हम अपना देश बेचने के लिए तैयार नहीं हैं. यह हमारे लिए व्यापार नहीं, हमारी जिंदगी है." वहीं, पोलैंड के विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की ने भी मस्क की आलोचना करते हुए कहा कि यूरोपीय ग्राहक मस्क द्वारा उत्पादों पर खेली जा रही इस राजनीति को देख रहे हैं.
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