पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार द्वारा खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में गवर्नर राज लागू किए जाने के बाद स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है. जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के समर्थकों और पुलिस के बीच मंगलवार को जगह-जगह हिंसक झड़पें हुईं.
सबसे गंभीर झड़पें प्रांतीय राजधानी पेशावर से महज 15 किलोमीटर दूर बारा इलाके में हुईं, जहां कम से कम 5 लोग घायल हो गए. पीटीआई के क्षेत्रीय नेतृत्व ने आरोप लगाया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे निहत्थे नागरिकों और कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और सीधे गोलियां चलाईं.
पार्टी ने इसे "खुला अत्याचार" बताते हुए कहा कि "निहत्थे नागरिकों पर गोलियां बरसाकर आवाज़ों को दबाया नहीं जा सकता." वहीं, प्रांतीय प्रशासन की सूचना अधिकारी समर हारून बिलौर ने पुलिस फायरिंग के दावों को "बेबुनियाद" बताते हुए खारिज किया और आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर एआई-जनरेटेड वीडियो फैलाए जा रहे हैं. पुलिस ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और आतंकवाद के आरोप में 50 पीटीआई समर्थकों को गिरफ्तार किया है.
यह भी पढ़ें: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी, पूर्व CM नजरबंद, PTI के कई नेता हिरासत में
पूर्व मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी 'लापता', हाई कोर्ट पहुंची याचिका
तनाव के बीच, पूर्व मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी के भाई मोहम्मद आमिर ने पेशावर हाई कोर्ट में एक याचिका दायर कर अपने भाई की तत्काल बरामदगी की मांग की है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि नकाबपोश और हथियारबंद लोगों ने पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में पूर्व सीएम का 'अपहरण' कर लिया. तीन दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें अदालत में पेश नहीं किया गया है, जिससे उनके जीवन पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है.
शहबाज शरीफ ने फैसले का किया बचाव
दूसरी ओर, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सहयोगी दलों के साथ बैठकों के दौरान इस कदम का बचाव किया. उन्होंने कहा कि आतंकवाद और उग्रवाद से निपटने में विफल रहने के कारण यह कठोर कदम उठाना पड़ा.
शहबाज ने आरोप लगाया कि पीटीआई के नेतृत्व वाली प्रांतीय सरकार टीटीपी (पाकिस्तानी तालिबान) के साथ मिलीभगत में थी और 800 अरब रुपये से अधिक का बजट मिलने के बावजूद आतंकवाद रोधी विभाग को मजबूत नहीं कर सकी. केंद्र सरकार ने अब डिप्टी पीएम इशाक डार के नेतृत्व में 11 सदस्यीय समिति बनाई है, जो प्रांत की सुरक्षा और शासन पर नजर रखेगी.
aajtak.in