कब खुलेंगे ओमानी को-पायलट के खतरनाक मंसूबों के राज? 36 घंटे बाद भी पहचान नहीं आई सामने

भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार पर हमला करने वाले ओमानी को-पायलट की पहचान अधिकारियों ने अभी तक सीक्रेट रखी है. इस हिंसक झड़प की असल वजह क्या थी और हमले में किस हथियार का इस्तेमाल हुआ, इसे लेकर भी अब तक कोई आधिकारिक अपडेट सामने नहीं आया है.

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स्मित मछार ने हमलावर को-पायलट को काबू में किया और विमान को सुरक्षित लैंड कराया था. (Photo: Reuters) स्मित मछार ने हमलावर को-पायलट को काबू में किया और विमान को सुरक्षित लैंड कराया था. (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 9:25 AM IST

ओमानी को-पायलट की पहचान अधिकारियों ने अभी तक उजागर नहीं की है, जिसने कथित तौर पर भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार पर हमला किया था. न तो उसके मकसद की पुष्टि हुई है और न ही उस हथियार की, जिसका इस्तेमाल उसने हिंसक झड़प में किया था.

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि संदिग्ध ओमान का नागरिक है. जिससे सऊदी अरब में पूछताछ की गई. वहीं, उसे अब UAE भेज दिया गया है. इजरायल और यूएई घटना की जांच एक साथ कर सकते हैं.

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बता दें, ओमान और इजरायल के बीच कोई औपचारिक डिप्लोमैटिक रिलेशन नहीं हैं, और यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि ओमान के पायलट को इजरायल के लिए उड़ान भरने की मंज़ूरी कैसे मिली होगी.

क्या है मामला?

तेल अवीव जा रहे एक विमान में बुधवार को हवा में एक भयानक हादसा टल गया. यात्रियों और क्रू ने बहादुरी दिखाते हुए कॉकपिट में घुसकर विमान पर दोबारा नियंत्रण हासिल कर लिया.

फ्लाईदुबई की फ़्लाइट FZ1073 स्थानीय समयानुसार सुबह 6:05 बजे दुबई से रवाना हुई और तेल अवीव के पास अपनी मंज़िल की ओर पश्चिम दिशा में उड़ने लगी. उड़ान भरने के लगभग दो घंटे बाद, विमान तेज़ी से नीचे आने लगा और उत्तर की ओर मुड़ गया, जैसा कि फ़्लाइट ट्रैकिंग डेटा से पता चला. यह दो मिनट से भी कम समय में 17,400 फ़ीट नीचे आ गया.

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फ़्लाइट ने सुबह 8:31 बजे डिस्ट्रेस कॉल किया, और इसके कुछ ही मिनटों बाद कोड 7500 भेजा गया, जो इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइज़ेशन का विमान हाईजैकिंग का संकेत देने वाला कोड है.

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि इजरायल जा रहे विमान को क्रैश कराने की कोशिश करने वाले फ्लाईदुबई के को-पायलट का संबंध ईरान से हो सकता है.

ट्रंप ने कहा कि जो वे सुन रहे हैं, उसके आधार पर जवाब हां है, लेकिन इस पर अभी काम चल रहा है. अमेरिकी कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि ईरान को कड़ी चोट पहुंचाई जाएगी.

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