शिपिंग इंडस्ट्री को बड़ा झटका, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की थमी रफ्तार

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर ईरान के लगाई गई पाबंदियों की वजह से इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में 95 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है. तेल और गैस टैंकरों की आवाजाही भी कम हो गई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है.

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से तेल की कीमतें बढ़ रही हैं. (File Photo: Reuters) स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से तेल की कीमतें बढ़ रही हैं. (File Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 2:30 PM IST

मिडिल-ईस्ट में चल रही जंग की वजह से दुनिया के सबसे अहम जलमार्गों में से एक, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज लगभग बंद कर दिया गया है. ईरान ने इस मार्ग पर कई देशों के लिए पाबंदी लगा दी है, जिसकी वजह से यहां से गिने-चुने जहाज ही गुजर पा रहे हैं.

167 किलोमीटर लंबे इस संकरे समुद्री मार्ग से जुड़े हालात कुछ अच्छे नहीं दिख रहे हैं. शिपिंग उद्योग की खुफिया वेबसाइट 'लॉयड लिस्ट' के मुताबिक, आम दिनों में इस चैनल से रोजाना लगभग 120 जहाज गुजरते हैं. लेकिन युद्ध शुरू होने के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई है.

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एनालिटिक्स फर्म 'केप्लर' के आंकड़ों के मुताबिक, 1 मार्च से 18 मार्च के बीच इस मार्ग से सिर्फ 105 जहाजों पार हुए हैं. ये सामान्य ट्रैफिक के मुकाबले 95 प्रतिशत से भी कम की गिरावट है.

इन 105 जहाजों में से 60 तेल और गैस टैंकर थे. इनमें से लगभग 60 प्रतिशत टैंकर सामान से लदे हुए थे. खास बात ये है कि कुल आवाजाही में से तीन-चौथाई जहाज खाड़ी से बाहर की ओर जा रहे थे. AFP के मुताबिक, इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों में से लगभग एक-तिहाई जहाज अमेरिका, यूरोपीय संघ या ब्रिटेन के प्रतिबंधों की लिस्ट में शामिल थे. 17 जहाज ईरान के थे. 

तेल और गैस टैंकरों में से 47 प्रतिशत जहाज प्रतिबंधित कैटेगिरी के थे. जेपी मॉर्गन बैंक की कमोडिटी विश्लेषक नताशा कानेवा ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाला ज्यादातर तेल एशिया, खास तौर पर चीन की ओर जा रहा है.

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चीन को भारी नुकसान

युद्ध से पहले चीन को यहां से प्रतिदिन लगभग 50 लाख बैरल तेल मिलता था, जो अब घटकर 10 लाख बैरल से भी कम रह गया है. मार्च की शुरुआत में इस मार्ग से होने वाला 98 प्रतिशत तेल ट्रैफिक ईरानी था, जो औसतन 13 लाख बैरल प्रतिदिन रहा.

यह भी पढ़ें: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसी है भारत की 3 लाख मीट्रिक टन LPG, सरकार ने बताया जहाजों का 'एग्जिट प्लान'

आमतौर पर दुनिया के कुल तेल और तरल प्राकृतिक गैस (LNG) शिपमेंट का पांचवां हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरता है. लेकिन इसके बंद होने की वजह से वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी अस्थिरता पैदा हो गई है और तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं.

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